02/03/2026
होली का पवित्र समय भगवान को याद करने का और उनकी कृपा को स्मरण करने का होता है। इस अवसर पर हमें अपने मन को शुद्ध रखते हुए अधिक से अधिक मंत्र जाप, भजन और प्रार्थना करनी चाहिए। होली का वास्तविक अर्थ अपने अंदर की बुराइयों को जलाकर सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलना है।
इस पावन पर्व को किसी बेजुबान जानवर की हत्या, नशा करने या केवल मनोरंजन तक सीमित कर देना उचित नहीं है। त्योहार का उद्देश्य आनंद अवश्य है, लेकिन वह आनंद मर्यादा, प्रेम और सद्भाव के साथ होना चाहिए।
इसलिए होली ऐसे मनाएं कि हमारे कर्मों से किसी जीव को कष्ट न हो, हमारी वाणी और व्यवहार से प्रेम और दया का संदेश जाए, और हमारा मन भगवान की भक्ति में अधिक से अधिक लगे। यही होली मनाने का सच्चा और शुद्ध तरीका है।