02/06/2025
पाकिस्तान का “नूरखान एअरबेस “ अब पूरी तरह अमेरिकी कब्ज़े में है — यहां तक कि पाक आर्मी के अफसर भी झांक नहीं सकते,”
कह रहे हैं खुद पाकिस्तान के ही पत्रकार।
चीन पहले ही उनकी ज़मीन, CPEC रूट्स, ग्वादर पोर्ट और पता नहीं क्या-क्या खरीद चुका है।
अब रह गया क्या?
सिर्फ़ ‘राष्ट्रीय कर्ज़’ — जो 100% Made in Pakistan है।
मैं तो पहले ही कहता था, अमेरिका और वेस्ट कभी नहीं चाहेंगे कि भारत सुपरपावर बने।
अब सबूत खुद सामने आ रहा है।
नूर खान बेस पर जब हमला हुआ, तभी से अमेरिका पैनिक मोड में घुस गया —
जिसे दुनिया पाकिस्तान का एयरबेस समझ रही थी, वो असल में निकला America का छुपा हुआ Launchpad।
अब समझ में आया क्यों ट्रम्प बार-बार चिल्ला के बोलता था —
“हमने सीजफायर कराया, हमने शांति लाई…”
क्योंकि उसकी अपनी पूंछ फंसी पड़ी थी!
उसकी बोखलाहट देखकर ही समझ आ गया था —
डर पाकिस्तान का नहीं था, डर अपना बेस उड़ने का था!
अब धीरे-धीरे सब नकाब उतरेंगे —
और तब पता चलेगा कि “नया पाकिस्तान” असल में किसका पुराना गुलाम है। 😂
और जो लोग लिख रहे हैं कि पाकिस्तान को वर्ल्ड बैंक से लोन मिल गया पाकिस्तान को आईएफ से पैसा मिल गया भारत की विदेश नीति फेल है
तो उन्हें पता होना चाहिए कि जब पाकिस्तान अपना सब कुछ बेच रहा है गिरवी रख दिया है तो उसे पैसा मिलेगा ही मिलेगा इसमें भारत क्या कर सकता है