27/09/2022
अम्रत वेला है सभी प्रेम से जपो जी
🙏🌹जय गुरूदेव जी🌹🙏
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
🙇🙇🙇🙇🙇🙇🙇🙇🙇🙇
*धन-धन श्री गुरू रविदास महाराज जी*
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
🌸🌸🌸
वाणी :- रविदास वैसे सोई जानिये जउ सतकार कमाय ।। पुनं कमाई सदा लहै लोरै सर्वत्त सुखाय ।।
💐 💐 💐 💐 💐
*पद अर्थ* :- श्री गुरू रविदास महाराज जी पवित्र अमृतवाणी में फरमान करते हुए कहते हैं कि कोई भी जीव जन्म या जाति के कारण वैश्य नहीं होता बल्कि उस जीव को वैश्य समझना चाहिए जो सच्चाई के साथ व्यापार करता है , सदा नेक कीरत कमाई करता है और सर्वस्व का भला चाहता है।
💐 💐 💐 💐 💐 💐
🙏🌹 *जय गुरुदेव जी* 🌹🙏
*बाणी*:- *श्री गुरु रविदास जी की*
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹
➖➖➖➖➖➖
*नोट*- प्रतिदिन अमृत वेले श्री गुरू रविदास महाराज जी की पवित्र वाणी सरवन करने के लिए इस नंबर पर 👉9467593619 (whatsapp no.) *जय गुरुदेव जी* और *अपना नाम* लिख कर मैसेज करे गुरु जी की वाणी जन-जन तक पहुचाने के लिए आगे भी शेयर करे।
धन्यवाद