17/12/2023
अपने प्रभु को हम ढूँढ लियो , जैसे लाल अमोलित लाखन में .
प्रभु के अंग में नर्मी जित है ,उतनी नर्मी नहीं माखन में
के छवि देखत ही में तो चौंक रही ,मेरो चित चुराये लियो झाँखन में .
हियरा में बसो, जियरा में बसो , बाँके बिहारी बसो दोऊ आँखींन में।
ठाकुर श्री बाँके बिहारी जी के प्राकट्य उत्सव की अनंत मंगल बधाई