27/05/2026
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Income Tax: 5 करोड़ की जमीन बेचने पर 3.68 करोड़ का मुनाफा, फिर भी नहीं देना पड़ा कोई टैक्स, जानें ITAT ने कैसे दी राहत
ITAT Decision: मुंबई के एक शख्स ने 5 करोड़ रुपये की जमीन बेची। इस पर उसे 3 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ। इसके बाद भी उसे टैक्स नहीं देना पड़ा। ITAT ने एक नियम के चलते उस शख्स को राहत दी।
Curated by: राजेश भारती
Updated: 25 May 2026, 2:40 pm IST|नवभारतटाइम्स.कॉम
Navbharat Times
नई दिल्ली: मुंबई के एक शख्स को आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) की मुंबई पीठ से बहुत बड़ी राहत मिली है। आईटीएटी ने एक अहम फैसले में व्यवस्था दी है कि प्रॉपर्टी बेचने से हुए मुनाफे को अगर तय समय के भीतर नए घर में निवेश कर दिया गया है, तो इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) देरी से दाखिल करने पर भी टैक्स छूट का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। करीब 5 करोड़ रुपये की जमीन की बिक्री से जुड़े इस मामले में आया यह फैसला देश भर के संपत्ति विक्रेताओं और घर खरीदारों के लिए एक बड़ा उदाहरण बन गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह इनकम टैक्स की धारा 54 के नियमों को बेहद स्पष्ट करता है।
ITAT decision ltcg on property
प्रॉपर्टी बेचने पर टैक्स।
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क्या था पूरा मामला?
यह मामला मुंबई के विले पार्ले के रहने वाले एक व्यक्ति से जुड़ा है। उन्होंने साल 2017 में 3 प्लॉट 5.03 करोड़ रुपये में बेचे थे। इस बिक्री से उन्हें करीब 3.68 करोड़ रुपये का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) हुआ था।
इनकम टैक्स ऐक्ट की धारा 54 के तहत अगर कोई टैक्सपेयर इस मुनाफे को एक निश्चित समय सीमा के भीतर किसी नई रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को खरीदने में फिर से निवेश करता है, तो उसे कैपिटल गेन्स टैक्स से छूट मिलती है।
इनकम टैक्स विभाग ने लगाया था टैक्स
यह विवाद तब शुरू हुआ जब उस शख्स ने अपनी रिटर्न समय पर फाइल नहीं की। असेसमेंट ईयर 2018-19 के लिए सरकार द्वारा रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2018 की गई थी। लेकिन उस शख्स ने अपनी रिटर्न 28 दिसंबर 2018 को दाखिल की जो एक 'Belated ITR' या विलंबित रिटर्न थी।
इसके अलावा, टैक्सपेयर ने इस मुनाफे की रकम को कैपिटल गेन्स अकाउंट स्कीम (CGAS) में भी जमा नहीं कराया था। आमतौर पर, अगर टैक्सपेयर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख तक मुनाफे का इस्तेमाल नहीं कर पाता है, तो उसे यह पैसा CGAS खाते में सुरक्षित रखना होता है। इसी आधार पर इनकम टैक्स विभाग ने उस शख्स की टैक्स छूट की मांग को खारिज कर दिया था।
पैसे का क्या हुआ था?
टैक्सपेयर ने अपना विलंबित रिटर्न दाखिल करने से ठीक चार दिन पहले यानी 24 दिसंबर 2018 को 8.45 करोड़ रुपये का एक नया मकान खरीद लिया था। यानी, उन्होंने आईटीआर फाइल करने से पहले ही कैपिटल गेन्स की पूरी रकम (उससे भी अधिक) नए मकान में निवेश कर दी थी।
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ITAT का ऐतिहासिक फैसला
जब यह मामला आईटीएटी के पास पहुंचा, तो पीठ ने टैक्सपेयर के पक्ष में फैसला सुनाया। इस मामले में आईटीएटी ने ये बातें कहीं:
धारा 54 का प्राथमिक उद्देश्य यह देखना है कि क्या कैपिटल गेन्स की रकम को वास्तव में तय समय सीमा के भीतर एक नए मकान में निवेश किया गया है या नहीं।
चूंकि टैक्सपेयर ने धारा 139(4) के तहत विलंबित रिटर्न (Belated Return) दाखिल करने से पहले ही पूरी रकम नए घर को खरीदने में इस्तेमाल कर ली थी, इसलिए उन्हें टैक्स छूट का पूरा अधिकार है।
राजेश भारती
लेखक के बारे में
राजेश भारती
राजेश भारती, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। वह जुलाई 2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। राजेश भारती NBT डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं। वह कमोडिटी मार्केट, शेयर मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, क्रिप्टोकरेंसी पर मजबूत पकड़ रखते हैं। 16 साल से अधिक के पत्रकारिता करियर में सिटी रिपोर्टिंग, हेल्थ रिपोर्टिंग, बिजनेस-इन्वेस्टर समिट आदि कवर किए हैं। राजेश भारती प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ डेस्क पर भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। राजेश भारती को प्रिंट मीडिया में काम करने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह न केवल अपनी लेखनी, बल्कि वीडियो के माध्यम से भी नवभारत टाइम्स के चाहने वालों तक पहुंच रखते हैं। सोना-चांदी की कीमतों को लेकर नवभारत टाइम्स के लिए कमोडिटी एक्सपर्ट के रूप में भूमिका निभाते हैं। उनका काम केवल न्यूज ब्रेक या किसी न्यूज को कवर करना ही नहीं, बल्कि रिसर्च के माध्यम से उनमें नई जानकारी देना भी है। पत्रकारिता अनुभव राजेश भारती का पत्रकारिता करियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक भास्कर, भोपाल में अगस्त 2009 में शुरू हुआ। भोपाल के बाद वह दैनिक भास्कर में ही उप-संपादक के रूप में इंदौर में दिसंबर 2011 तक रहे। इसके बाद वह इंदौर में ही दिसंबर 2011 से दिसंबर 2013 तक दबंग दुनिया अखबार में इंटरनेशनल डेस्क पर रहे। इंदौर में पत्रकारिता के दौरान राजेश भारती ने साल 2012 में 'मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' के लिए विशेष रिपोर्टिंग की। दिसंबर 2013 से राजेश भारती ने दैनिक भास्कर डिजिटल (DB Digital) के साथ नई पारी शुरू की। बाद में वह फिर से प्रिंट पत्रकारिता में लौटे और औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में लोकमत अखबार से नई पारी शुरू की। साल 2017 में वह फिर से दैनिक भास्कर (दिल्ली) के साथ जुड़े और वहां सिटी रिपोर्टिंग के साथ डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाली। करीब एक साल बाद टाइम्स ग्रुप के साथ शुरुआत की। 2018 में संडे नवभारत टाइम्स का हिस्सा बने। वहां पर्सनल फाइनेंस, इनकम टैक्स, हेल्थ, टेक एंड गैजेट्स, एजुकेशन आदि विषयों पर रिसर्च बेस्ड स्टोरी कीं। इस दौरान देश के कई बड़े-बड़े एक्सपर्ट से बातें कीं और उनके व्यू स्टोरी में रखे, जिससे स्टोरी में नयापन आया। अब वह जुलाई 2024 से नवभारत टाइम्स, डिजिटल का हिस्सा हैं। राजेश भारती ने एनआरईसी कॉलेज (चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी), खुर्जा से साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) से ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया। अवॉर्ड/अचीवमेंट्स बेस्ट रिपोर्टिंग अवॉर्ड: साल 2012 में 'मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' के लिए।... और पढ़ें
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