Shri Nimbark Darshan Vrindavan

Shri Nimbark Darshan Vrindavan अनादि वैदिक वैष्णव श्री निंबार्क संप्रदाय के प्रचार हेतु

25/08/2026

पूज्य महाराज श्री के सानिध्य मै सावन के चतुर्थ सोमवार के पावन दिवस भूतभावन भगवान श्री महादेव जी का दिव्य अभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ

वृन्दावन धाम श्रीजी की बड़ी कुंज श्री आनंद मनोहर वृन्दावन चंद्र जू।
23/08/2026

वृन्दावन धाम श्रीजी की बड़ी कुंज श्री आनंद मनोहर वृन्दावन चंद्र जू।

16/08/2026

पूज्य आचार्य श्री के पावन सानिध्य में आज श्रीजी की बड़ी कुंज वृन्दावन मै श्रावण माह के हरियाली तीज उत्सव बड़े उल्लास के साथ सभी भक्तों ने ठाकुर जी को झूला झुलाया एवं रासलीला का दिव्य आनंद लिया

15/08/2026

पूज्य आचार्य चरण के पावन सानिध्य में आज श्रीजी की बड़ी कुंज वृन्दावन मै श्रावण माह के हरियाली तीज उत्सव बड़े उल्लास के साथ सभी भक्तों ने ठाकुर जी को झूला झुलाया एवं रासलीला का दिव्य आनंद लिया

"श्रीराधा-चरण-रेणु की दिव्य शक्ति"महा आनंदमूल श्रीवृन्दावन की रजरेणु पर कोटि कोटि मखतूल अर्थात् यज्ञ वार दिये जाते हैं, ...
13/08/2026

"श्रीराधा-चरण-रेणु की दिव्य शक्ति"
महा आनंदमूल श्रीवृन्दावन की रजरेणु पर कोटि कोटि मखतूल अर्थात् यज्ञ वार दिये जाते हैं, क्योंकि श्रीवृन्दावन-रज की प्राप्ति ज्ञान-यज्ञादि कर्मों से नहीं केवल श्रीराधाजू की अहेतुकी कृपा से ही होती है ~
"एसे जानि वृन्दावन श्रीभट्ट, रज पर वारि कोटि मखतूल।"
(श्रीयुगलशतक )
"एक कृपा करि होय सो होई ,साधन सिद्ध रह्यो नहीं कोई।"
(श्रीमहावाणी)
"श्रीराधा आदिकालीन तथा प्रथमा प्रकृति एवं श्रीकृष्ण की प्राणवल्लभा हैं, दुर्गा आदि त्रिगुण-संपन्न देवियाँ उनकी कला के सूक्ष्मांश को धारण करती हैंं। उनकी चरण-रज में इतनी शक्ति है कि उससे करोड़ों श्रीविष्णु उत्पन्न हो जाते हैं ~
तत्प्रिया प्रकृतिस्त्वाद्या राधिका कृष्णवल्लभा।
तत्कलाकोटि कोट्यांश दुर्गाद्यास्त्रिगुणात्मिका।।
तस्या अड्घ्रिरज: स्पर्शात् कोटि विष्णु प्रजायते।
(पद्मपुराण 69/118 पा-खं-)

संपादक निंबार्क संप्रदाय संवाहक निंबार्क गौरव श्री जय किशोर शरण जी महाराज वृन्दावन धाम

श्रीवृन्दावन में श्रावण की सुखद पावन हरियाली अमावस्या की  आप सभी संत-भक्त महानुभावों को हार्दिक बधाई। 💐🌿💐🌿💐🌿💐🌿💐🌿💐🌿💐🌿💐सहज...
12/08/2026

श्रीवृन्दावन में श्रावण की सुखद पावन हरियाली अमावस्या की आप सभी संत-भक्त महानुभावों को हार्दिक बधाई।
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सहज ही सुहावने श्रीधाम वृन्दावन में स्वाभाविक ही सदा- सर्वदा हरियाली रहती है, क्योंकि यहां महा आनन्द के घनीभूत स्वरूप श्री श्यामाश्याम नित्य-निरंतर स्वाति बूंद सरस- रस की वर्षा से सकल वन संपदा एवं अपने चरणाश्रित रसिक प्रेमी-भक्तों सराबोर करते रहते हैं~
वृन्दावन सहज सुहावनो, जहां सहज सदा हरियारी जू।
स्वाति बूंद नित बरषहीं, जहां आनंदघन पियप्यारी जू।।
श्री हरिप्रिया सखी (श्रीमहावाणीकार) नित्य-निकुञ्ज में श्रीयुगल- सेवा रत साखियों से महारम्य श्री वृन्दावन की रमणीय शोभा का वर्णन करते हुए कहती हैं ~
सखी! सरस सुहाई है, बरषा रितु आई।
सखी! अति छवि छाई हैं, सबनि के मन भाई।।
सखी! हरित सुहावनी है, रवनी मन हरैं।
सखी! दुख की दवनी है, निरखत नैंन ढरैं।।
सखी! सघन सुहावन है,विपिन झिलिझालि रह्यौ।
सखी! सुख उपजावन है,मुख नहिं जात कह्यौ।।
🍃🌹🍃श्रीभगवन्निम्बार्काचार्याय नमः🍃🌹🍃

पूज्य सद्गुरदेव भगवान का मंगलमय पदार्पण श्रीधाम वृन्दावन मैनिम्बार्क संप्रदाय के जगद्गुरु जब भी श्रीधाम वृंदावन पधारते ह...
11/08/2026

पूज्य सद्गुरदेव भगवान का मंगलमय पदार्पण श्रीधाम वृन्दावन मै

निम्बार्क संप्रदाय के जगद्गुरु जब भी श्रीधाम वृंदावन पधारते है ,वृंदावन की सीमा के बाहर अपनी गाड़ी व चरण पादुका उतार कर धाम की राजरानी को दण्डवत कर , सम्पूर्ण वृंदावन में पैदल ही विचरण करते है ।

श्रीव्रज स्थित जटेरी धाम में दिव्य महोत्सव~गंद मादन पर्वत श्रृंखला में स्थित श्री सनकादिक एवं श्री नारद मिलन तथा श्रीस्व...
09/08/2026

श्रीव्रज स्थित जटेरी धाम में दिव्य महोत्सव~
गंद मादन पर्वत श्रृंखला में स्थित श्री सनकादिक एवं श्री नारद मिलन तथा श्रीस्वामी हरिदास परंपरा के सुरमणीय स्थल में दि. ५ अगस्त २०२६ को श्रीस्वामी बड़े पुजारी मुखियाजी की सुव्यवस्था में समाज गायन किया गया, जिसमें श्री वृन्दावन से समाजी संत एवं अन्य अनेक संत-भक्त पधारे। पश्चात् नौका विहार, संगीत आदि कार्यक्रम संपन्न हुए। उत्सव की कुछ झलकियां ~
🎊💐🎊💐श्रीराधासर्वेश्वरो विजयते💐🎊💐🎊

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Retia Bajar Near Loi Bajar
Vrindavan
281121

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