शाश्वत प्रवाह

शाश्वत प्रवाह The flow of endless Thoughts, Energy and Knowledge.

20/12/2025

दीपू चंद्र दास, भालुका (मयमनसिंह), बांग्लादेश की एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाला एक गरीब हिंदू मजदूर था

18 दिसंबर की रात उसे भीड़ ने मार डाला

कसूर सिर्फ इतना बताया गया कि उसने पैगंबर मुहम्मद के बारे में अपमानजनक बात कही है

बाद में सामने आया कि उसने दरअसल इतना ही कहा था कि “सभी धर्म समान हैं और भगवान एक है” लेकिन इसी बात को तोड़-मरोड़ कर ईशनिंदा बना दिया गया

फैक्ट्री के एक सहकर्मी से मामूली विवाद हुआ, उसी ने भीड़ के सामने दीपू पर आरोप लगा दिया, इसके बाद जो हुआ, वो इंसानियत को शर्मसार करता है

भीड़ ने उस पर हमला किया, पुलिस आई, उसे हिरासत में लिया

यानी वो पुलिस की सुरक्षा में था, फिर भी दीपू को दोबारा भीड़ के हवाले कर दिया गया और फिर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई, जाहिर सी बात है कि पुलिस वाले सेक्युलर नहीं बल्कि खुद भी ईमान वाले थे

दीपू को पीटा गया, फांसी दी गई और जिंदा ही जला दिया गया

सबसे दर्दनाक बात ये है कि बाद में प्रशासन ने खुद माना कि दीपू की बात ईशनिंदा नहीं थी लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी

दीपू अपने परिवार का अकेला कमाने वाला था

दिव्यांग पिता, मां, पत्नी और एक बच्चा, सब उसी पर निर्भर थे

अब न कमाने वाला बचा, न इंसाफ की कोई उम्मीद, न भागकर कहीं जाने के पैसे

ये सिर्फ एक हत्या नहीं है

ये दिखाता है कि कैसे झूठा आरोप, भीड़ की हिंसा और सिस्टम की चुप्पी मिलकर एक गरीब की जान ले लेती है

आज दीपू था, कल कोई और हो सकता है

इस्लामिक भाईचारे और शांति के पैगाम की असल हकीकत इस घटना से पता चलती है

कुलदीपक कनू

श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के प्रथम तल की मनमोहक तस्वीरें♥️🙏
15/10/2025

श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के प्रथम तल की मनमोहक तस्वीरें♥️🙏

📚 Uttarakhand Becomes First State to Abolish Madarsa Board, Implements Minority Education Act 2025Uttarakhand has become...
14/10/2025

📚 Uttarakhand Becomes First State to Abolish Madarsa Board, Implements Minority Education Act 2025

Uttarakhand has become the first state in India to abolish its Madarsa Education Board by implementing the Minority Education Act 2025, a landmark step aimed at modernizing minority education. Under this act, all minority-run educational institutions—including those for Muslims, Sikhs, Jains, Buddhists, Christians, and Parsis—must now affiliate with the Uttarakhand Board of School Education and adopt the National Curriculum Framework (NCF) and National Education Policy (NEP) 2020 by July 2026.

A new Uttarakhand State Minority Education Authority (USMEA) has been established to oversee the recognition, regulation, and functioning of these institutions. This authority will ensure transparency, accountability, and quality education, integrating minority schools into the mainstream education system.

The move is expected to provide students from minority communities with equitable access to quality education, bridging gaps and promoting inclusivity across the state. By aligning with national education standards, Uttarakhand sets a precedent for modern, inclusive, and standardized minority education in India.

बेटी विवाह के पश्चात जब विदा होती है  तो वह देहरी लांघते वक़्त बिना पीछे पलटे अपने पीछे की और चावल और पैसे उछालकर विदा हो...
02/10/2025

बेटी विवाह के पश्चात जब विदा होती है तो वह देहरी लांघते वक़्त बिना पीछे पलटे अपने पीछे की और चावल और पैसे उछालकर विदा होती है।
इसका तात्पर्य यह होता है कि वह लक्ष्मी स्वरूपा अपने साथ, मायके सौभाग्य साथ नहीं लेकर जाए। और मायके में हमेशा अनधन भरा रहे।
आजकल यह रश्म घर की बजाए फाइव स्टार होटल
रिसॉर्ट एवं महंगी लॉन में अदा की जा रही है।
इसलिए सौभाग्य घर की बजाए होटल रिसॉर्ट पर ज्यादा
बरस रहा है। बात को गहराई से समझने की बहुत
आवयश्कता है, अभी समय है सम्भल जाएंगे तो अच्छा है
फैंसी बने लेकिन अपने परम्पराओं को बचाकर
कलेवर बदलिए कल्चर नहीं।

18/09/2025

06/09/2025

हज और उमराह के लिए पुराने सभी वस्त्र त्यागने होते है और बिना सिला हुआ 2 श्वेत वस्त्र धारण करना होता एक ऊपर एक नीचे (पुरुषों के लिए) इसके अलावा और कुछ भी धारण नहीं कर सकते....

इसके बावजूद भी हज और उमराह करने वाले लोग कमर में या कांधे पर लटकाया जाने वाला एक बैग ज़रूर रख लेते हैं, कुछ आवश्यक सामग्री हेतु..... जिसमें सबसे अवश्य सामग्री यह भारतीय पासपोर्ट होता है.....

जिसे हज़रत बल दरगाह कांड के कट्टरपंथियों ने मूर्ति कहा, वो सभी कट्टरपंथी जो हज उमरा करने जा चुके है या जाने वाले हैं.....

सबने काबे का तवाफ यानि प्रदक्षिणा इस मूर्ति को अपने पास रख कर ही की है और करेंगे....

पता है इस मूर्ति के बिना सऊदी अरब में रोमिंग नहीं हो सकती.... इसीलिए सदा इसको अपने पास रखते है....

मक्का, मदीना हर जगह, जो भी अराकान करते हैं इस मूर्ति के साथ करते हैं..... इस मूर्ति के बिना मक्का में प्रवेश नहीं मिलेगा.....

तुमने प्रवेश कर भी लिया तो सलमान भाई जेल में डाल देंगे या पैक एंड बैक हो जाओगे, ब्लैकलिस्ट हो जाओगे....

इसी मूर्ति की बदौलत हज कर सकते हो और इस मूर्ति को पाने इससे भी बड़ी एक मूर्ति की ज़रूरत होती है, गांधी बाबा की मूर्ति.... उसमें तो अशोक चिन्ह के साथ गांधी बाबा की मूर्ति भी होती....

पर ये वाली मूर्ति ना तुम जलाते हो ना तोड़ते हो ना फाड़ते हो....

वाह रे दो #गलों,
े_गद्दारी_बंद_करो

और कहां कहां इस मूर्ति की आवश्यकता पड़ती है आप लोग भी अवश्य बताएं?

04/04/2025

Address

Vrindavan
281121

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when शाश्वत प्रवाह posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share