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09/04/2025
09/04/2025

इनको बहुत बड़ी संख्या में हिन्दू वोट देते हैं ।लेकिन इनको वोट देने वाले हिंदुओं को संघ बीजेपी वालों द्वारा गाली नहीं दी ...
03/04/2025

इनको बहुत बड़ी संख्या में हिन्दू वोट देते हैं ।
लेकिन इनको वोट देने वाले हिंदुओं को संघ बीजेपी वालों द्वारा गाली नहीं दी जाती

छत्तीसगढ़ की जेल में सौ साल पहले जन्मी थी ' पुष्प की अभिलाषा '         *************इसके जन्मदाता कवि 8 महीने तक कैद रहे ...
05/04/2023

छत्तीसगढ़ की जेल में सौ साल पहले जन्मी थी ' पुष्प की अभिलाषा '
*************
इसके जन्मदाता कवि 8 महीने तक कैद रहे छत्तीसगढ़ की इस जेल में !
(स्वराज करुण )
क्या आपको जानकारी है कि 'एक भारतीय आत्मा' के नाम से प्रसिद्ध कर्मवीर कवि स्वर्गीय पण्डित माखनलाल चतुर्वेदी की लोकप्रिय कविता 'पुष्प की अभिलाषा ' का जन्म छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित केन्द्रीय जेल में हुआ था ?
जिन्हें जानकारी नहीं है या जो भूल गए हैं उन्हें बताना चाहूँगा कि आज़ादी के आंदोलन के दौरान बिलासपुर के शनिचरी मैदान में एक विशाल आम सभा हुई थी,जहाँ चतुर्वेदी जी ने भारत में अंग्रेजी साम्राज्य की बत्ती जल्द गुल होने और स्वतंत्रता का सूर्योदय जल्द होने का ऐलान किया था। इस पर तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत ने उन पर राजद्रोह का आरोप लगाकर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया। चतुर्वेदी जी 5 जुलाई 1921 से एक मार्च 1922 तक लगभग 8 महीने बिलासपुर के सेन्ट्रल जेल में कारावास में रहे। वहीं उन्होंने 'पुष्प की अभिलाषा ' शीर्षक अपनी प्रसिद्ध कविता की रचना की ,जिसमें एक पुष्प के माध्यम से देशवासियों की स्वतंत्रता की चाहत और मातृभूमि की आज़ादी के लिए अपना शीश चढ़ाने की तीव्र उत्कंठा प्रकट की गयी है। यानी यह कविता लगभग सौ साल से भी कुछ पहले कवि माखनलाल चतुर्वेदी के कारावास काल में उनके हृदय से निकली।
आज 4 अप्रैल को स्वर्गीय पण्डित माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उनकी यह कविता मुझे भी याद आ गयी। चतुर्वेदी जी का जन्म 4 अप्रैल 1889 को वर्तमान मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के ग्राम बाबई में हुआ था। उनका निधन 30 जनवरी 1968 को हुआ । चतुर्वेदी जी कवि होने के साथ -साथ लेखक और पत्रकार भी थे। उन्होंने वर्ष 1906 में अध्यापक के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की ,लेकिन लोकमान्य बालगंगाधर तिलक और महात्मा गाँधी के विचारों से प्रभावित होकर स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। इस दौरान उन्होंने 'प्रभा ' 'प्रताप ' और 'कर्मवीर ' नामक पत्रिकाओं का भी सम्पादन किया। (स्वराज करुण) पण्डित माखनलाल चतुर्वेदी ने सैकड़ों कविताएँ लिखीं । देशप्रेम से परिपूर्ण उनकी अधिकांश रचनाओं का मूल स्वर प्रगतिवादी है। आज़ादी के बाद चतुर्वेदी जी को भारत सरकार ने वर्ष 1955 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष 1963 में पद्मभूषण अलंकरण से सम्मानित किया था। उनके सम्मान में भारत सरकार ने डाक टिकट भी जारी किया।
साहित्य अकादमी पुरस्कार उन्हें अपनी काव्य कृति 'हिमतरंगिनी' पर प्रदान किया गया था। मध्यप्रदेश सरकार ने 16 -17 जनवरी 1965 को उनके सम्मान में खंडवा में नागरिक अभिनन्दन समारोह का भी आयोजन किया था। सागर विश्वविद्यालय ने उन्हें डी. लिट् की मानद उपाधि से नवाजा । आज 4 अप्रैल 2020 को चतुर्वेदी जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी लगभग 100 वर्ष पहले की इस बेहद लोकप्रिय कविता की अमिट पंक्तियों को आइए ,एक बार फिर मन ही मन गुनगुनाएं --
चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ,।
चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ,।।
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हे हरि, डाला जाऊँ ।
चाह नहीं, देवों के सिर परचढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ।।
मुझे तोड़ लेना वनमालीउस पथ पर देना तुम फेंक ।
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पथ जावें वीर अनेक ।।
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Radhe Radhe
05/02/2023

Radhe Radhe

डरावनी, भयानक, बीभत्स दृष्य देखने से जीवन शक्ति क्षीण होतीं हैं,  यह   हमारी परंपरा का हिस्सा नहीं हैं,  फिर भी कुछ मुर्...
31/10/2022

डरावनी, भयानक, बीभत्स दृष्य देखने से जीवन शक्ति क्षीण होतीं हैं, यह हमारी परंपरा का हिस्सा नहीं हैं, फिर भी कुछ मुर्ख #हिन्दू इस पश्चिमी मूर्खता के बहाव में बह रहे हैं।



Horror, horrifying, horrific scenes deplete vitality, this is not a part of our tradition, yet some foolish are getting swept away by this western folly.

ॐ आदित्याय नम:सूर्योपासना के अनुपम लोकपर्व  ूजा की आपको हार्दिक बधाई!
31/10/2022

ॐ आदित्याय नम:

सूर्योपासना के अनुपम लोकपर्व ूजा की आपको हार्दिक बधाई!

ॐ आदित्याय नम:सूर्योपासना के अनुपम लोकपर्व छठ_पूजा की आपको हार्दिक बधाई! भगवान आदित्य और छठी मैया आपको सुख, समृद्धि और आ...
31/10/2022

ॐ आदित्याय नम:

सूर्योपासना के अनुपम लोकपर्व छठ_पूजा की आपको हार्दिक बधाई!

भगवान आदित्य और छठी मैया आपको सुख, समृद्धि और आनंदमय जीवन प्रदान करें।

आप सदैव निरोगी रहें और आपकी समस्त मनोकामनाएं पूर्ण हों।

समस्त जीवों का मंगल और कल्याण हो, बहुत-बहुत शुभकामनाएं !

Ruined ....But still beautiful ! No trained engineers...No sophisticated machines…Yet our ancestors built it 900 years a...
30/10/2022

Ruined ....But still beautiful !

No trained engineers...

No sophisticated machines…

Yet our ancestors built it 900 years ago.

What kind of technology existed 900 years ago to be able to do such fine carving...?

Kiradu Temple, Rajasthan.
The Kiradu temples are a group of ruined Hindu temples located in the Barmer district of Rajasthan, BHARAT (India) 🚩



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