23/04/2026
"गंगा सप्तमी : श्री काशी विश्वनाथ धाम में भव्य अनुष्ठान"
पावन गंगा सप्तमी के पुनीत अवसर पर आज ब्रह्ममुहूर्त की वेला में, श्री काशी विश्वनाथ धाम के पावन ललिता घाट पर अपार श्रद्धा, अनन्य भक्ति एवं अक्षय वैदिक परंपराओं के अनुरूप भव्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। मंदिर न्यास के तत्वावधान में आयोजित इस मंगलमय कार्यक्रम में पूज्य अर्चकवृंद, उद्भट विद्वान शास्त्री एवं श्रद्धालुजन की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ वेदज्ञ आचार्यों के निर्देशन में मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजन से हुआ, जिससे संपूर्ण परिक्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित हो उठा।
शास्त्रोक्त विधि का अनुसरण करते हुए पतित-पावनी माँ गंगा का षोडशोपचार पूजन एवं अभिषेक किया गया। इस अभिषेक में गंगाजल, दुग्ध, सुरभित पुष्प एवं अन्य मांगलिक सामग्रियों का अर्पण कर माँ की भावपूर्ण आराधना की गई। शंखध्वनि और वैदिक ऋचाओं के सस्वर पाठ से वातावरण भक्तिभाव से ओत-प्रोत हो गया, जिसने उपस्थित जनमानस को अतीव आध्यात्मिक शांति की अनुभूति कराई। तट पर पूजन के पश्चात धाम परिसर में प्रतिष्ठित माँ गंगा के विग्रह का भी विधानपूर्वक अर्चन एवं दिव्य आरती संपन्न हुई।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने देवाधिदेव महादेव और माँ गंगा के चरणों में शीश नवाकर विश्वकल्याण, लोकमंगल एवं सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास निरंतर अपनी प्राचीन सनातन मर्यादाओं, आध्यात्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण हेतु संकल्पित है। इस प्रकार के शास्त्रीय आयोजनों का ध्येय समाज में धार्मिक चेतना का प्रसार करना और काशी की अविनाशी परंपराओं को अक्षुण्ण रखना है। यह पर्व न केवल अटूट आस्था का प्रतीक है, अपितु भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत का जीवंत परिचायक भी है। माँ गंगा एवं भगवान विश्वनाथ की अहैतुकी कृपा समस्त चराचर जगत पर बनी रहे, यही अभीष्ट है।
॥ श्री काशीविश्वनाथों विजयतेतराम ॥
🙏 श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग 🙏