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आज का पंचांग...
26/01/2026

आज का पंचांग...

15/01/2025

श्री गणेशाय नमः

आपने कुंडली से सम्बंधित या जीवन मे किसी भी प्रकार की समस्या से सम्बंधित किसी भी प्रकार की जानकारी चाहिए तो आप अपना dob birth time & birth प्लेस inbox मे भेजे बिलकुल निःशुल्क जानकारी प्रदान की जाएगी सुप्रसिद्ध आचार्य जी के माध्यम से..।..

20/12/2024

#शिवलिंग रेडियोएक्टिव होते हैं! भारत का रेडियो एक्टिविटी मैप उठा लें, हैरान हो जायेंगे! भारत सरकार के न्युक्लियर रिएक्टर के अलावा सभी ज्योतिर्लिंगों के स्थानों पर सबसे ज्यादा रेडिएशन पाया जाता है।

▪️ शिवलिंग भी एक प्रकार के न्युक्लियर रिएक्टर्स ही तो हैं, तभी तो उन पर जल चढ़ाया जाता है, ताकि वो शांत रहें।
▪️ महादेव के सभी प्रिय पदार्थ जैसे कि बिल्व पत्र, आकमद, धतूरा, गुड़हल आदि सभी न्युक्लिअर एनर्जी सोखने वाले हैं।
▪️ क्यूंकि शिवलिंग पर चढ़ा पानी भी रिएक्टिव हो जाता है इसीलिए तो जल निकासी नलिका को लांघा नहीं जाता।
▪️ भाभा एटॉमिक रिएक्टर का डिज़ाइन भी शिवलिंग की तरह ही है।
▪️ शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ जल नदी के बहते हुए जल के साथ मिलकर औषधि का रूप ले लेता है।
▪️ तभी तो हमारे पूर्वज हम लोगों से कहते थे कि महादेव शिवशंकर अगर नाराज हो जाएंगे तो प्रलय आ जाएगी।

महाकाल उज्जैन से शेष ज्योतिर्लिंगों के बीच का सम्बन्ध (दूरी) देखिये -
▪️ उज्जैन से सोमनाथ- 777 किमी
▪️ उज्जैन से ओंकारेश्वर- 111 किमी
▪️ उज्जैन से भीमाशंकर- 666 किमी
▪️ उज्जैन से काशी विश्वनाथ- 999 किमी
▪️ उज्जैन से मल्लिकार्जुन- 999 किमी
▪️ उज्जैन से केदारनाथ- 888 किमी
▪️ उज्जैन से त्रयंबकेश्वर- 555 किमी
▪️ उज्जैन से बैजनाथ- 999 किमी
▪️ उज्जैन से रामेश्वरम्- 1999 किमी
▪️ उज्जैन से घृष्णेश्वर - 555 किमी
हिन्दू धर्म में कुछ भी बिना कारण के नहीं होता था।

#उज्जैन पृथ्वी का केंद्र माना जाता है, जो सनातन धर्म में हजारों सालों से मानते आ रहे हैं।

इसलिए #उज्जैन में सूर्य की गणना और ज्योतिष गणना के लिए मानव निर्मित यंत्र भी बनाये गये हैं करीब 2050 वर्ष पहले।
और जब करीब 100 साल पहले पृथ्वी पर काल्पनिक रेखा (कर्क) अंग्रेज वैज्ञानिक द्वारा बनायी गयी तो उनका मध्य भाग उज्जैन ही निकला।

आज भी वैज्ञानिक उज्जैन ही आते हैं सूर्य और अन्तरिक्ष की जानकारी के लिए।
#भारतधर्म

जय माता दी 🙏
10/12/2024

जय माता दी 🙏

23/04/2024

हर साल चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती का त्योहार मनाया जाता है. ऐसी मान्यताएं हैं कि हनुमान जी आज भी सशरीर धरती पर मौजूद हैं, इसलिए इसे हनुमान जन्मोत्सव कहना भी गलत नहीं होगा. कहते हैं कि बजंरगबली का नाम लेने से ही दुख, संकत, भूत, पिशाच कोसों दूर भाग जाते हैं तभी तो तुलसीदास ने हनुमान जी को लेकर लिखा है, 'संकट कटे मिटे सब पीरा,जो सुमिरै हनुमत बल बीरा इसका अर्थ है,हनुमान जी में हर तरह के कष्ट, ताप को दूर करने की क्षमता है. आइए जानते हैं कि इस बार हनुमान जयंती किस दिन मनाई जाएगी और इनकी पूजा का शुभ मुहूर्त व विधि क्या है।

#हनुमान_जयंती:-
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा 23 अप्रैल 2024 को सुबह 03 बजकर 25 मिनट पर आरंभ होगी और 24 अप्रैल 2024 को यानी अगले दिन सुबह 05 बजकर 18 मिनट पर इसका समापन होगा. ऐसे में हनुमान जयंती का त्योहार 23 अप्रैल दिन मंगलवार को ही मनाया जाएगा. हनुमान जयंती जब मंगलवार या शनिवार के दिन पड़ती है तो इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है!

#हनुमान_जयंती_का_शुभ_मुहूर्त:-
हनुमान जयंती पर बजरंगबली की पूजा के दो शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं. पहला शुभ मुहूर्त सुबह के वक्त रहेगा, जबकि दूसरा मुहूर्त रात्रिकाल में होगा!

#पहला_शुभ_मुहूर्त:- 23 अप्रैल को सुबह 09 बजकर 03 मिनट से दोपहर 01 बजकर 58 मिनट तक
#दूसरा_शुभ_मुहूर्त:- 23 अप्रैल को रात 08 बजकर 14 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 35 मिनट तक!

#हनुमान_जयंती_की_पूजा_विधि:-
हनुमान जयंती पर सुबह स्नानादि के बाद बजरंगबली की पूजा का संकल्प लें. हनुमान जी की पूजा अबूझ मुहूर्त देखकर ही करें. सबसे पहले उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं. हनुमान जी के साथ श्री राम जी के चित्र की स्थापना करें. हनुमान जी को लाल और राम जी को पीले फूल अर्पित करें. लड्डू के साथ-साथ तुलसी दल भी अर्पित करें. पहले श्री राम के मंत्र ऊं राम रामाय नमः का जाप करें. फिर हनुमान जी के मंत्र ऊं हं हनुमते नमः का जाप करें!

#हनुमान_जयंती_का_महत्व:-
हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है. इस पर्व को शक्ति, भक्ति और निष्ठा का प्रतीक माना जाता है. इस दिन हनुमान जी की विधिवत पूजा करने से व्यक्ति को हर तरह की बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही भगवान श्री राम भी प्रसन्न होते|

05/04/2024

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस साल चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा तिथि 08 अप्रैल को देर रात 11 बजकर 50 मिनट से शुरू होगी। ये तिथि अगले दिन यानी 09 अप्रैल को संध्याकाल 08 बजकर 30 मिनट पर समाप्त होगी। हिंदू धर्म में उदया तिथि मान है, इसलिए 09 अप्रैल को घटस्थापना है।

, जय श्री कृष्ण।

10/11/2023

*श्री गणेशाय नमः।*

*धनतेरस का आज पूजन मुहूर्त शाम 5 बजकर 47 मिनट से लेकर शाम 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा. जिसकी अवधि 1 घंटा 56 मिनट रहेगी. अभिजीत मुहूर्त- 10 नवंबर यानी आज धनतेरस पर सुबह 11 बजकर 43 बजे से लेकर 12 बजकर 26 मिनट तक*

*शुप्रभात।*

*धनतेरस की अनंत शुभकामनाएं*💐

17/10/2023

नवदुर्गा - एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का बिम्ब है नवदुर्गा के नौ स्वरूप !

1. जन्म ग्रहण करती हुई कन्या #शैलपुत्री"* स्वरूप है !

2. कौमार्य अवस्था तक * #ब्रह्मचारिणी "* का रूप है !

3. विवाह से पूर्व तक चंद्रमा के समान निर्मल होने से वह * #चंद्रघंटा " समान है !

4. नए जीव को जन्म देने के लिए गर्भ धारण करने पर वह #कूष्मांडा"* स्वरूप है !

5. संतान को जन्म देने के बाद वही स्त्री
#स्कन्दमाता"* हो जाती है !

6. संयम व साधना को धारण करने वाली स्त्री
#कात्यायनी " रूप है !

7. अपने संकल्प से पति की अकाल मृत्यु को भी जीत लेने से वह #कालरात्रि जैसी है !

8. संसार (कुटुंब ही उसके लिए संसार है) का उपकार करने से #महागौरी " हो जाती है !

9 धरती को छोड़कर स्वर्ग प्रयाण करने से पहले संसार मे अपनी संतान को सिद्धि (समस्त सुख-संपदा) का आशीर्वाद देने वाली #सिद्धिदात्री " हो जाती है !

हर स्त्री अपने आप मे कहीं न कही माँ जगदम्बे का प्रतिबिंब है।

नारीशक्ति में विराजमान माँ जगदम्बे को हमारा प्रणाम है।
🌹🌹नव दुर्गा माता जी की कृपा आप सब पर बनी रहे 🌹🌹
🌹🌹 आप सब को
बहुत बहुत बधाई तथा शुभ कामनाएँ 🌹🌹

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि पर्व पर माँ भगवती हाँथी पर सवार होकर आ रही है, इसे देवी दुर्गा जी का शुभ वाहन माना जाता है, कहते...
16/10/2023

इस वर्ष शारदीय नवरात्रि पर्व पर माँ भगवती हाँथी पर सवार होकर आ रही है, इसे देवी दुर्गा जी का शुभ वाहन माना जाता है, कहते हैं जब पृथ्वी पर माता हाथी की सवारी पर आती हैं तो भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है 9 दिन में किए हर काम में सफलता मिलती है आदित्य शास्त्री ने बताया कि माता जी की सवारी वार पर निर्भर करती है नवरात्रि के पहले दिन यानी 15 अक्टूबर 2023 को रविवार है, रविवार पर मां का आगमन हाथी पर होता है हाथी के अलावा मां अंबे का डोली, सिंह, घोड़ा, नाव भी वाहन है।
*नवरात्रि में मां दुर्गा जी 9 दिन तक अपने भक्तों के बीच रहती हैं:-* आदित्य शास्त्री ने बताया कि इस दौरान जो देवी जी की सच्चे मन से भक्ति करता है उसका बेड़ा पार हो जाता है मान्यता है कि जो साधक नियम का पालन करते हुए 9 दिन तक, *नवचंडी पाठ,* देवी जी के मंत्रों का जाप और 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै' रोजाना जाप करता है, उसे शत्रु और ग्रह बाधा की पीड़ा से मुक्ति मिलती है, कार्य बिना रुकावट पूरे होते हैं।
*नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है:-*
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि 22 अक्टूबर 2023 को है, वहीं नवमी तिथि 23 अक्टूबर 2023 को है, इन दोनों दिनों में कन्या पूजन किया जाता है, कहते हैं इसके बिना 9 दिन की पूजा अधूरी मानी जाती है।

 #ॐनमःशिवाय
07/07/2023

#ॐनमःशिवाय

 #बुद्धं_शरणं_गच्छामि..!सम्पूर्ण विश्व के कल्याण के लिये सत्य, अहिंसा, करुणा व विश्व मैत्री का संदेश देने वाले भगवान गौत...
05/05/2023

#बुद्धं_शरणं_गच्छामि..!

सम्पूर्ण विश्व के कल्याण के लिये सत्य, अहिंसा, करुणा व विश्व मैत्री का संदेश देने वाले भगवान गौतम बुद्ध के जन्मोत्सव #बुद्ध_पूर्णिमा (पीपल पूर्णिमा) के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं!

02/04/2022

देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।
भावार्थ:
देवी, मुझे सौभाग्य और स्वास्थ्य दो। परम सुख दें, आकार दें, जीतें, प्रसिद्धि दें और काम, क्रोध आदि शत्रुओं का नाश करें।

*चैत्र नवरात्रि ओर हिन्दू नववर्ष की आप ओर आपके परिवार को ढेर सारी सुभकामनाएँ माता रानी आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें*

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