26/04/2026
गौतम खट्टर की गिरफ्तारी की असल वजह ये है
महामानव के अहंकार को ठेस लगी है!
-दिलीप पाण्डेय
पूरा हिंदू समाज गौतम खट्टर के साथ खड़ा है । हम सभी कि ये प्रार्थना है कि गोवा में और आसपास के इलाकों के सभी हिंदू अपने हिंदू शेर के साथ खड़े हो जाएं, जनमानस के दबाव का असर देश की हर संस्था पर अचूक पड़ता है । हिंदू द्रोही सरकारों को भी जरूर झुकना पड़ेगा, लेकिन आज ये समझना भी जरूरी है कि आखिर गौतम खट्टर क्यों गिरफ्तार हुए और इसके पीछे असली कारण क्या है ?
ताजा समाचार ये है कि हिमाचल प्रदेश से गौतम खट्टर और उनके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है । गोवा के सैंट जैवियार के बारे में जो बात गौतम खट्टर ने कही वो कोई नई बात नहीं है ।
1545 में गोवा के अंदर सैंट जैवियार ने पुर्तगाल के किंग जॉन थर्ड को पत्र लिखा और उनसे अनुमति मांगी थी कि जिन लोगों को ईसाई बनाया गया है लेकिन वो गुप्त रूप से हिंदू धर्म का पालन कर रहे हैं उन सभी को दंडित किया जाए । इस घटना को Goa Inquisition कहा गया ।
इसके तहत....
1- हिंदुओं के सार्वजनिक पूजा करने पर पर रोक लगा दी गई । मंदिरों को नष्ट कर दिया गया और मूर्तियों की पूजा पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
2- तुलसी का पौधा घर में रखना अपराध घोषित हुआ
3- धोती पहनना, चंदन का तिलक लगाना और यहाँ तक कि कोंकणी भाषा बोलना भी अपराध माना जाने लगा।
4- हिंदुओं को अपने पारंपरिक त्योहार मनाने या विवाह की हिंदू रस्में निभाने की अनुमति नहीं थी।
5- जो लोग हिंदू धर्म का त्याग नहीं करते थे या गुप्त रूप से पूजा करते पकड़े जाते थे, उन्हें भयानक यातनाएँ दी गईं
6- इसके लिए यातना गृह बनाया गया जिसमें बंदियों को 'रैक' पर खींचना, उंगलियां काटना या भूखा रखना आम था।
7- हिंदुओं को जीवित जलाना सबसे कठोर सजा थी । हिंदुओं को सार्वजनिक रूप से खंभे से बांधकर जीवित जला दिया जाता था। ये खंभा आज भी गोवा में मौजूद है ।
8- सैकड़ों प्राचीन मंदिर नष्ट कर दिए गए । हिंदू परिवार अपनी कुलदेवियों और देवताओं की मूर्तियों को लेकर गोवा की सीमा से बाहर भाग गए ।
9- अनाथ बच्चों का जबरन धर्मांतरण किया गया । ऐसा कानून बनाया गया कि यदि किसी हिंदू परिवार में पिता की मृत्यु हो जाती थी, तो उसके बच्चों को राज्य द्वारा छीन लिया जाता था और उन्हें जबरन ईसाई बनाया जाता था।
10- अनाथ बच्चों को ना सिर्फ ईसाई बनाया गया बल्कि उन्हें उनके हिंदू रिश्तेदारों से मिलने से भी रोका जाता था ।
यही वजह की गौतम खट्टर ने सैंट जैवियार के विरुद्ध कठोर शब्दों का उपयोग किया । खट्टर ने कोई अपराध नहीं किया बल्कि सच कहा । तो आखिर सच सुनकर किसी ईसाई की भावना क्यों आहत होने लगी ? अगर हुई भी तो वहां मौजूद बीजेपी सरकार का फर्ज क्या था ? क्या ये बताने वाली बात है कि वो हिंदुओं के वोट से सरकार चला रहे हैं ?
पूरे मामले का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू ये है कि कार्यक्रम का आयोजन करने वाला संगठन भी इस मामले में पीछे हट गया और अकेले गौतम खट्टर ही फंस गए ।
गिरफ्तारी की असल वजह ये है...
असल बात ये है कि सिर्फ एक दिन पहले ही एक कार्यक्रम में गौतम खट्टर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर दिया था । गौतम खट्टर ने कहा कि जब इंदिरा गांधी इतने दिन प्रधानमंत्री रहीं, मायावती कई बार मुख्यमंत्री बनीं, ममता लंबे समय से मुख्यमंत्री हैं, जय ललिता भी लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहीं,
तो फिर महिलाओं को आरक्षण देे की जरूरत ही क्या है ? बैसाखी देकर महिलाओं को कमजोर क्यों किया जा रहा है ?
गौतम खट्टर ने बिलकुल सही कहा मैं कुछ और नाम भी देता हूं...
शीला दीक्षित, महबूबा मुफ्ती, वसुंधरी राजे, प्रतिभा पाटिल, द्रौपदी मूर्मू, आनंदी बेन पटेल, क्या ये सभी महिलाएं आरक्षण से आगे बढ़ीं?
गौतम खट्टर ने बिलकुल सही कहा उनका ये वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो गया और नारी शक्ति वंदन वाला एजेंडा फुस्स हो गया । वैसे भी बाद में महिला आरक्षण में ओबीसी को शामिल कर सामान्य वर्ग को और भी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा इसलिए भी सामान्य वर्ग को इसका विरोध करना ही चाहिए । क्योंकि किसी एक वर्ग को प्रताड़ित करने से हिंदू एकता टूटेगी जो ठीक नहीं है ।
दरअसल इस बयान के वायरल होने के अगले ही दिन एक कांग्रेसी विधायक से एफआईआर करवाकर आनन फानन में गोवा पुलिस के द्वारा ऐक्शन ले लिया गया । खुद बीेजेपी के मुख्यमंत्री ने प्रमोद सावंत ने अपनी पीठ थपथपाते हुए कि सिर्फ 2 दिन में ही खट्टर को गिरफ्तार कर लिया जाएगा ।
इस गिरफ्तारी के पीछे महामानव के अहंकार को लगी ठेस है । क्योंकि गौतम खट्टर की सोशल मीडिया पर रीच बहुत ज्यादा हो चुकी है और ऐसे लोग मोदी सरकार के हिंदुत्व के नकली चेहरे को उधेड़ कर फेंक रहे हैं ।
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