23/09/2024
🚩 अन्तिम समय में दुर्दशा से ग्रसित मनुष्य से मृत्यु यह प्रश्न अवश्य करेगी - -
जिस प्रकार तुमने दूसरों के दोषों का सावधानी से सदा निर्णय किया, उस प्रकार क्षण भर के लिए भी आत्मविषयक निःशंक निर्णय क्यों नहीं किया ?
परदोषास्त्वया यद्वत् सावधानेन निश्चिताः।
सर्वदैव तथात्मा किं क्षणमात्रं न निश्चितः॥
(आत्मपुराणम्, एतरेयार्थप्रकाश:/५९८)
‼️हर हर महादेव ‼️
#अथर्व_झा_जी