The Divine Weekdays by Ayush Anjaneya Varanasi

The Divine Weekdays by Ayush Anjaneya Varanasi जय बाबा की !
जय जय रघुवीर समर्थ !

कूजन्तं राम रामेतिमधुरं मधुराक्षरम् ।आरुह्य कविताशाखांवन्दे वाल्मीकिकोकिलम् ॥(भावार्थ)-: आर्षकाव्य रामायणरूपी कविता के स...
28/10/2023

कूजन्तं राम रामेति
मधुरं मधुराक्षरम् ।
आरुह्य कविताशाखां
वन्दे वाल्मीकिकोकिलम् ॥

(भावार्थ)-: आर्षकाव्य रामायणरूपी कविता के सुन्दर वृक्ष की शाखा पर बैठकर रामनाम का कूजन करने वाले महर्षि वाल्मीकिरूपी कोकिल को मैं बुधकौशिक ऋषि प्रणाम करता हूं !

संदर्भ-: श्रीरामरक्षास्तोत्र ।
रचयिता-: महर्षि बुधकौशिक ।

आदिकाव्य रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि के मंगलमय प्राकट्योत्सव पर उन्हें प्रेमपूर्वक सादर और अनंतानंत दण्डवत् प्रणाम !

सीताराम !
जय हनुमान् !

-: शुभाकांक्षी
आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

अयि सुमनः सुमनः सुमनः सुमनः सुमनोरमकान्तियुते ।श्रित रजनी रजनी रजनीरजनी रजनीकर वक्त्रभृते ॥सुनयन विभ्रमर भ्रमर भ्रमर भ्र...
22/10/2023

अयि सुमनः सुमनः सुमनः
सुमनः सुमनोरमकान्तियुते ।
श्रित रजनी रजनी रजनी
रजनी रजनीकर वक्त्रभृते ॥
सुनयन विभ्रमर भ्रमर भ्रमर
भ्रमर भ्रमराभिधृते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि
रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥

दानवराज महिषासुर का उसके सेनापति एवं सुग्रीव नामक दूत एवं मुख्य सहयोगियों में शुम्भ,निशुम्भ,चण्ड,मुण्ड एवं रक्तबीज जैसे असुरवीरों सहित संहार करके ब्रह्मादि देवताओं को अभय करने वाली माता महिषासुरमर्दिनी के मंगलकरण,विघ्नविनाशक,संकटहरण आराधनोत्सव " श्रीदुर्गा महाष्टमी (दुर्गापूजा-: २०२३ " की समस्त शक्तिपूजकों को ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं और कोटि-कोटि बधाइयां ! आदिशक्ति जगज्जननी दुर्गा की असीम अनुकम्पा से भक्तों का जीवन देवताओं की भांति भयरहित और संकटमुक्त रहे,ऐसी प्रार्थना उनके मंगलमय श्रीचरणों में प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम सहित निवेदित है !

इन्हीं मंगलमयी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं सहित प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम !

जय माॅ दुर्गा !
जय माॅ महिषासुरमर्दिनी !
जय माता दी !

-: शुभाकांक्षी
आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

ॐ जयंती मंगला कालीभद्रकाली कपालिनी ।दुर्गा क्षमा शिवा धात्रीस्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते ॥विद्यावन्तं यशस्वन्तंलक्ष्मीवन्तं ज...
17/10/2023

ॐ जयंती मंगला काली
भद्रकाली कपालिनी ।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री
स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते ॥

विद्यावन्तं यशस्वन्तं
लक्ष्मीवन्तं जनं कुरु ।
रूपं देहि जयं देहि
यशो देहि द्विषोजहि ॥

आदिशक्ति जगज्जननी सर्वमंगला,समष्टिस्वरूपा, श्रीमहाकाली,श्रीमहालक्ष्मी एवं श्रीमहासरस्वती के रूप में त्रिगुणात्मिका,महिषासुरमर्दिनी,सिंहवाहिनी,सर्वसिद्धिप्रदात्री,चामुण्डा,त्रिनयनी,नानायुधधारिणी,अष्टभुजा,रक्ताम्बरधारिणी,रक्तपुष्पों से प्रपूजिता तथा अपने भक्तों और साधकों की समस्त कामनाओं को पूर्ण करके उनके सभी दुखों का नाश करने वाली भूतभावन भगवान् शिव की अर्द्धांगिनी भगवती दुर्गा के मंगलमय,सर्वसंकटहारी,पतितपावन,ज्ञानविज्ञानप्रद,भक्तिप्रद,मुक्तिप्रद,कृपाप्रद,बुद्धिप्रद एवं अज्ञानहर आराधनोत्सव " शारदीय श्रीदुर्गा नवरात्रि-२०२३ " की समस्त देव्युपासकों को ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं और कोटि-कोटि बधाइयां ! जगदम्बा की असीम अनुकम्पा से सभी भक्त उनकी भक्ति और संसार के समस्त इहलौकिक सुखों को प्राप्त करके अपने जीवन को मंगलमय और उज्ज्वल बनाएं,ऐसी प्रार्थना उनके मंगलमय श्रीचरणों में प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम सहित नम्र-निवेदित है !

इन्हीं मंगलमयी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं सहित प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम !

जय माॅ दुर्गा !
जय माता दी !

-: शुभाकांक्षी
आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

स जयति सिंधुरवदनो देवोयत्पादपंकजस्मरणम् ।वासरमणिरिव तमसांराशीन्नाशयति विघ्नानाम् ॥(भावार्थ)-: वासरमणि के समान जिनके चरणक...
19/09/2023

स जयति सिंधुरवदनो देवो
यत्पादपंकजस्मरणम् ।
वासरमणिरिव तमसां
राशीन्नाशयति विघ्नानाम् ॥

(भावार्थ)-: वासरमणि के समान जिनके चरणकमलों के स्मरणमात्र से अंधकाररूपी समस्त विघ्न-बाधाओं का सर्वनाश हो जाता है,ऐसे उन शंकर सुवन भवानीनंदन मंगलमूर्ति‌ सिंदूरवर्ण श्रीढुण्ढिराज बाल विनायक की सर्वदा जय हो !

समस्त भक्तजनों को श्रीचिंतामणि गणेशजी के मंगलमय और संकटहर प्राकट्योत्सव " श्रीगणेश चतुर्थी (गणेशोत्सव)-: २०२३ " की ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं और कोटि-कोटि बधाइयां ! श्रीमहागणपति की असीम अनुकम्पा से उनके परमप्रिय भक्तजन उनकी कृपा और उनकी भक्ति के साथ संसार के समस्त की इहलौकिक सुखों को प्राप्त करें ,ऐसी प्रार्थना उनके मंगलमय श्रीचरणों में प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम सहित निवेदित है !

इन्हीं मंगलमयी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं सहित प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम !

जय श्रीगणेश !

-: शुभाकांक्षी
आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

ॐ विश्वकर्मणे नमः !देवशिल्पी भगवान् विश्वकर्मा के मंगलमय प्राकट्योत्सव की सभी विश्वकर्मा भक्तों और तकनीकी और यांत्रिकीय ...
17/09/2023

ॐ विश्वकर्मणे नमः !

देवशिल्पी भगवान् विश्वकर्मा के मंगलमय प्राकट्योत्सव की सभी विश्वकर्मा भक्तों और तकनीकी और यांत्रिकीय क्षेत्र में कार्यरत भाई-बहनों को ढेर सारी हार्दिक शुभकामनाएं !

प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम !

-: शुभाकांक्षी
आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

Some beautiful quotes and beautiful poem ❤️
15/09/2023

Some beautiful quotes and beautiful poem ❤️

प्रपन्नपारिजाताय तोत्रवेत्रैकपाणये ।ज्ञानमुद्राय कृष्णाय गीतामृतदुहे नमः ॥अखिलान्तकोटि ब्रह्माण्डनायक सर्वेश्वर परब्रह्म...
07/09/2023

प्रपन्नपारिजाताय तोत्रवेत्रैकपाणये ।
ज्ञानमुद्राय कृष्णाय गीतामृतदुहे नमः ॥

अखिलान्तकोटि ब्रह्माण्डनायक सर्वेश्वर परब्रह्म परमात्मा भगवान् श्रीमन् महाविष्णु के पूर्णावतार,चंद्रमा के समान षोडश कलाओं से परिपूर्ण,गोपीजनवल्लभ,राधारमण,रुक्मिणीश,यशोदानंदन,देवकीनंदन,नंदकिशोर,जगदानंदकारण,गोपेश्वर गोपाल,वसुदेवसुत वासुदेव,मुरलीमनोहर,श्यामसुन्दर,पीताम्बरधारी,कंसादि विकट राक्षसों का मानमर्दन करते हुए उनका संहार करने वाले,द्वारकाधीश,वल्लभाधीश,वृंदावनेश,मथुरेश,मोरपंखधारी,पृथापुत्र अर्जुन को महाभारत के भीषण युद्ध में गीता का उपदेश करके उनके विषाद को हरने वाले एवं समस्त वैष्णवजनों के प्राणाराध्य लीला पुरुषोत्तम भगवान् बालमुकुंद नवनीतचोर श्रीकृष्ण के मंगलमय,सर्वसंकटहारी,पतितपावन,ज्ञानविज्ञानप्रद,भक्तिप्रद,मुक्तिप्रद,कृपाप्रद,प्रेमप्रद,बुद्धिप्रद एवं अज्ञानहर प्राकट्योत्सव " श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव- २०२३ " की समस्त श्रीकृष्णभक्तों और वैष्णवों को अनंतानंत हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां ! श्रीसूरदास,श्रीपुरंदरदास एवं श्रीचैतन्य महाप्रभु आदि समस्त भक्तजनों के प्राणप्रिय श्रीनित्यनिकुंजविहारी की असीम अनुकम्पा से सदैव उनके प्रेम और उनकी भक्ति में निमग्न रहकर संसार के समस्त इहलौकिक सुखों का उपभोग करते हुए अंत में पारलौकिक सुखों के आगार और आधार उन परमात्मा की प्राप्ति करें,ऐसी प्रार्थना उनके मंगलमय श्रीचरणों में प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम सहित निवेदित है !

इन्हीं मंगलमयी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं सहित प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम !

जय श्रीकृष्ण !
राधे-राधे !

-: शुभाकांक्षी
आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

भूतनाथ भगवान् शंकर के एकादश रूद्रावतार,भगवान् श्रीराम और माता सीता के परम लाड़ले वीरशिरोमणि महावीर हनुमान्‌जी का यह प्रा...
06/09/2023

भूतनाथ भगवान् शंकर के एकादश रूद्रावतार,भगवान् श्रीराम और माता सीता के परम लाड़ले वीरशिरोमणि महावीर हनुमान्‌जी का यह प्राचीन सिद्धपीठ वाराणसी के कबीरचौरा पर अवस्थित पिपलानी कटरा के समीप संत कबीर मार्ग पर अवस्थित है,जो अपनी शरण में आने वाले प्रत्येक भक्तों के संकटों को दूर करने के कारण " श्रीसंकटहरण हनुमान् मन्दिर " के नाम से सुविख्यात है । इस प्राचीन सिद्धपीठ की संस्थापना कालजयी ग्रंथ " श्रीरामचरितमानस " के रचयिता परम श्रीराम-मारुति उपासक गोस्वामी श्रीतुलसीदासजी ने की थी । ऐसा प्रतीत होता है कि यहां पर हनुमान्‌जी अपने वृद्धरूप में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दे रहे हैं । उनके श्रीविग्रह में बना हुआ उनका मुखमण्डल बड़ा ही अलौकिक प्रतीत होता है जिसमें बनीं हुईं आंखें अंदर तक धंसी हुईं हैं और सबसे बड़ी विशेषता इस मूर्ति की यह है कि मंगलवार और शनिवार के दिन आयोजित होने वाली सायंकालीन महा आरती में भोग आरती के समय जब पट लगा दिया जाता है,उसके तुरंत बाद पट के हटते ही हनुमान्‌जी की आंखें नीचे की ओर मानों झुकी हुईं दिखाई देती हैं जिसे देखकर ऐसा लगता है कि वह अपने भक्तों को ही साक्षात् देख रहे हैं । मन्दिर अत्यंत छोटा सा है और एक चबूतरे पर अवस्थित है जहां पर सड़क पर से ही खड़े होकर मारुतिभक्त हनुमान्‌जी के दर्शन करते हैं । मन्दिर के दीवारों पर की गई बद्धांजलि मुद्रा में खड़े गोस्वामी तुलसीदास,रामकीर्तन में तल्लीन वीरासन में बैठकर खड़ताल बजाते हुए लाल रंग में रंगे हनुमान्‌जी,श्रीगणेशजी और भक्तों को आशीर्वाद देते हुए भगवान् शंकर की चित्रकारियां यहां पर आने वाले प्रत्येक श्रद्धालुओं के मन को हठात् आकर्षित करती है । प्रत्येक मंगलवार और शनिवार के दिन यहां पर भक्तों की अपार भीड़ हनुमान्‌जी के दर्शन-वंदन करने के लिए सदैव जुटती है । चैत्र शुक्ल पूर्णिमा की श्रीहनुमज्जयंती के दिन हनुमान्‌जी की यहां पर भव्य झांकी सजाई जाती है और मन्दिर की ओर से संस्थापित 'श्रीसंकटहरण हनुमान् सेवा समिति' की ओर से विराट् शास्त्रीय संगीत समारोह का आयोजन नगरी नाटक मंडली में करवाया जाता है । हनुमान्‌जी के श्रीविग्रह के बगल में ही भगवान् शंकर अपने लिङ्गरूप में विराजमान हैं । भक्तगण हनुमान्‌जी के साथ-साथ भगवान् शंकर की भी पूजा करते हैं ।

जय बाबा की !
जय जय रघुवीर समर्थ !

- आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

आदिनारायणं विष्णुंब्रह्माणं च वसिष्ठकम् ।श्रीरामं मारुतिं वन्देरामदासं जगद्गुरुम् ॥अज्ञानरूपी अंधकार का नाश करके ज्ञानरू...
05/09/2023

आदिनारायणं विष्णुं
ब्रह्माणं च वसिष्ठकम् ।
श्रीरामं मारुतिं वन्दे
रामदासं जगद्गुरुम् ॥

अज्ञानरूपी अंधकार का नाश करके ज्ञानरूपी प्रकाश को मेरे जीवन में फैलाकर उसे चैतन्य और प्रकाशित करने वाले मेरे जीवन के अभिन्न अंग समस्त गुरुजनों को आज " शिक्षक दिवस-: २०२३ " पर अनंतानंत प्रेमपूर्वक सादर,साष्टाङ्ग और दण्डवत् प्रणाम ! प्रार्थना है कि आप सदैव अपना आशीर्वाद,मार्गदर्शन,प्रेम तथा श्रीहनुमच्चरणों में अपार और अगाध प्रेम बने रहने का शुभाशीष प्रदान करते रहिए !

-: आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

🌷🌹💐✨🙏🏻🕉️🪷🌸

कल रविवार की प्रातःकाल काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल कन्वेंशनल हॉल में आयोजित सम्मान समारोह में भजन गायन के द...
04/09/2023

कल रविवार की प्रातःकाल काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल कन्वेंशनल हॉल में आयोजित सम्मान समारोह में भजन गायन के दौरान ।

जय श्रीराम !
जय हनुमान् !

प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम !

🕉️✨🙏🏻🌹🌷🌸🪷💐

मंगल कवच करे जो धारण,उसका बाल न बांका होवे ।अंजनिपुत्र पवनसुत हनुमत,महावीर सब संकट खोवे ॥नाम लेत ही हनुमान का,सारे संकट ...
25/08/2023

मंगल कवच करे जो धारण,
उसका बाल न बांका होवे ।
अंजनिपुत्र पवनसुत हनुमत,
महावीर सब संकट खोवे ॥

नाम लेत ही हनुमान का,
सारे संकट कट जाते हैं ।
राम भक्त हनुमान भक्त के,
निकट नहीं दुख भय आते हैं ॥

समस्त श्रीरामभक्तों और श्रीहनुमत्प्रेमियों को राजस्थान के मारवाड़ प्रांत के चूरू जिले के सुप्रसिद्ध और तपस्वी हनुमदुपासक एवं हनुमत्सखा संत शिरोमणि भक्तराज श्री श्री 1008 परम श्रद्धेय पूज्य श्रीमोहनदासजी महाराज की अनन्य प्रेमाभक्ति से प्रसन्न होकर सालासर नामक ग्राम में साधुवेष में प्रकट होकर उन्हें दर्शन देकर वहीं पर विराजमान होने वाले अंजनि पुत्र,पवनसुत,केसरीकुमार,मंगलमूर्ति,वज्रकाय,महावीर,कपीश्वर,गदाधारी,साधुवेषी,वानराकार,शंकर सुवन,श्रीरामभक्त,सीताशोकविनाशन,श्रीरामदूत,दशानन दर्पदलन,असुर संहारक,उदधिक्रमण,महाबली,लंकाविदाहक,गिरिवरधारी,लक्ष्मण-भरत-सुग्रीव-ऋक्ष-वानरादि के प्राणदाता,मुख्यप्राण,अजर-अमर,सिद्धिदाता,निधिदाता,श्रीरघुवीर के समर्थ दास,कांचनाभ,सिंदूरप्रिय,बड़े-बड़े राक्षसवीरों का मान मर्दन करके उनका संहार करने वाले एवं अपने भक्तजनों के प्राणाधार एवं सर्वस्व श्रीसालासर बालाजी महाराज के मंगलमय,सर्वसंकटहारी,पतितपावन,ज्ञानविज्ञानप्रद,भक्तिप्रद,मुक्तिप्रद,कृपाप्रद,बुद्धिप्रद एवं अज्ञानहर स्थापना दिवस की उनके लिए मंगलमय,भक्तिमय और उज्ज्वल जीवन की कामना सहित अनंतानंत हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां !

इन्हीं मंगलमयी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं सहित प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम !

जय बाबा की !
जय जय रघुवीर समर्थ !

-: शुभाकांक्षी
आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

आनंदकाननेह्यस्मिन् तुलसीस्तुलसीतरुः ।कवितामञ्जरीरामभ्रमरदृढ़भूषिता ॥जन-जन के मानसपटल पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीरा...
23/08/2023

आनंदकाननेह्यस्मिन् तुलसीस्तुलसीतरुः ।
कवितामञ्जरीरामभ्रमरदृढ़भूषिता ॥

जन-जन के मानसपटल पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीराघवेंद्र और पवनपुत्र महावीर की अनन्य और मंगलकारिणी भक्ति की अमिट छाप कालजयी और परम श्रद्धेय ग्रंथ " श्रीरामचरितमानस ",विनय-पत्रिका,कवितावली,गीतावली,दोहावली,रामाज्ञा प्रश्न,बरवै रामायण,वैराग्य संदीपनी,पदावली रामायण,छंदावली रामायण,रोला रामायण,रामलला नहछू,जानकी मंगल,पार्वती मंगल,रुद्राष्टक,राम सतसई,श्रीहनुमान् बाहुक,श्रीहनुमान् चालीसा,श्रीबजरङ्ग बाण,श्रीहनुमान् साठिका (हनुमद् बंदीमोचन),श्रीसंकटमोचन हनुमानाष्टक एवं श्रीहनुमान् आरती जैसी भक्तिमयी,मंगलकारिणी एवं अमूल्य रचनाओं के माध्यम से छोड़ने वाले एवं बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी एवं भगवान् कामतानाथ सरकार की नगरी चित्रकूट सहित विभिन्न स्थानों पर ' संकटमोचन हनुमान् ', ' संकट दहन हनुमान् ', ' संकट हरण ', ' संकट नाशन ', ' विघ्न हरण ', ' मंगल करण ' ' बड़े हनुमान् ',' छोटे हनुमान् ', ' बाल हनुमान् ', ' बूढ़े हनुमान् ', ' पंचमुखी हनुमान् ', ' दक्षिणमुखी हनुमान् ', ' गोमय‌ हनुमान् ',' नांदी के हनुमान् ',' वीर हनुमान् ',' महावीर हनुमान् ' जैसे मंगलमूर्ति मारुति के विशिष्ट सिद्धपीठ एवं समस्त भक्तजनों के शारीरिक विकास हेतु व्यायामशालाओं के संस्थापक प्रातः स्मरणीय,परम वंदनीय,कविकुलचक्रवर्ती,अभिनव वाल्मीकि,संतशिरोमणि गोस्वामी श्रीतुलसीदासजी महाराज के मंगलमय,सर्वसंकटहारी,पतितपावन,ज्ञानविज्ञानप्रद,भक्तिप्रद,मुक्तिप्रद,कृपाप्रद,बुद्धिप्रद एवं अज्ञानहर प्राकट्योत्सव " श्रीतुलसी जयंती " की समस्त श्रीरामभक्तों और श्रीमारुतिप्रेमियों को अनंतानंत हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां !

इन्हीं मंगलमयी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं सहित प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम !

जय सियाराम !
जय जय हनुमान् !

-: शुभाकांक्षी
आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।

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