23/08/2023
आनंदकाननेह्यस्मिन् तुलसीस्तुलसीतरुः ।
कवितामञ्जरीरामभ्रमरदृढ़भूषिता ॥
जन-जन के मानसपटल पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान् श्रीराघवेंद्र और पवनपुत्र महावीर की अनन्य और मंगलकारिणी भक्ति की अमिट छाप कालजयी और परम श्रद्धेय ग्रंथ " श्रीरामचरितमानस ",विनय-पत्रिका,कवितावली,गीतावली,दोहावली,रामाज्ञा प्रश्न,बरवै रामायण,वैराग्य संदीपनी,पदावली रामायण,छंदावली रामायण,रोला रामायण,रामलला नहछू,जानकी मंगल,पार्वती मंगल,रुद्राष्टक,राम सतसई,श्रीहनुमान् बाहुक,श्रीहनुमान् चालीसा,श्रीबजरङ्ग बाण,श्रीहनुमान् साठिका (हनुमद् बंदीमोचन),श्रीसंकटमोचन हनुमानाष्टक एवं श्रीहनुमान् आरती जैसी भक्तिमयी,मंगलकारिणी एवं अमूल्य रचनाओं के माध्यम से छोड़ने वाले एवं बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी एवं भगवान् कामतानाथ सरकार की नगरी चित्रकूट सहित विभिन्न स्थानों पर ' संकटमोचन हनुमान् ', ' संकट दहन हनुमान् ', ' संकट हरण ', ' संकट नाशन ', ' विघ्न हरण ', ' मंगल करण ' ' बड़े हनुमान् ',' छोटे हनुमान् ', ' बाल हनुमान् ', ' बूढ़े हनुमान् ', ' पंचमुखी हनुमान् ', ' दक्षिणमुखी हनुमान् ', ' गोमय हनुमान् ',' नांदी के हनुमान् ',' वीर हनुमान् ',' महावीर हनुमान् ' जैसे मंगलमूर्ति मारुति के विशिष्ट सिद्धपीठ एवं समस्त भक्तजनों के शारीरिक विकास हेतु व्यायामशालाओं के संस्थापक प्रातः स्मरणीय,परम वंदनीय,कविकुलचक्रवर्ती,अभिनव वाल्मीकि,संतशिरोमणि गोस्वामी श्रीतुलसीदासजी महाराज के मंगलमय,सर्वसंकटहारी,पतितपावन,ज्ञानविज्ञानप्रद,भक्तिप्रद,मुक्तिप्रद,कृपाप्रद,बुद्धिप्रद एवं अज्ञानहर प्राकट्योत्सव " श्रीतुलसी जयंती " की समस्त श्रीरामभक्तों और श्रीमारुतिप्रेमियों को अनंतानंत हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां !
इन्हीं मंगलमयी प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं सहित प्रेमपूर्वक सादर प्रणाम !
जय सियाराम !
जय जय हनुमान् !
-: शुभाकांक्षी
आयुष आंजनेय रामदासी (वाराणसी) ।