विवाह शुभ कार्य रुद्राभिषेक महामृत्युंजय यज्ञ कर्मकांड

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गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं 🚩🚩 #
31/08/2026

गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं 🚩🚩 #

द्वितीय सोमवार रुद्राभिषेक अपने आराध्य महादेव जी का आशीर्वाद सदा भक्तों पे बनाए रखना  #हर  #हर # महादेव  ゚ 🙏🙏🚩🚩
10/08/2026

द्वितीय सोमवार रुद्राभिषेक अपने आराध्य महादेव जी का आशीर्वाद सदा भक्तों पे बनाए रखना #हर #हर # महादेव ゚ 🙏🙏🚩🚩

10/08/2026

#पूजा #अभिषेक #आरतीदर्शन #जयमहाकाल #जयशिवशंकर #जय #जयभोल #जयमातादी_challenge Janendra Tripathi Jai Shri Ram

सावन माह में रुद्राभिषेक और पार्थिव शिवलिंग पूजन करने से सुख-समृद्धि, अमोघ पुण्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इससे भगव...
02/08/2026

सावन माह में रुद्राभिषेक और पार्थिव शिवलिंग पूजन करने से सुख-समृद्धि, अमोघ पुण्य और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इससे भगवान शिव अतिशीघ्र प्रसन्न होते हैं, समस्त ग्रह दोष शांत होते हैं और भक्तों के सभी पाप व कष्ट नष्ट हो जाते हैं।रुद्राभिषेक के लाभजल अभिषेक: मन और शरीर शांत होते हैं।दूध अभिषेक: लंबी आयु और अच्छा स्वास्थ्य मिलता है।शहद अभिषेक: जीवन के सारे संकट और दुख दूर होते हैं।पंचामृत अभिषेक: घर में धन, वैभव और सुख-समृद्धि बढ़ती है।घी अभिषेक: रोग और बीमारियां दूर रहती हैं।पार्थिव शिवलिंग पूजन के लाभकरोड़ों यज्ञ फल: मिट्टी का शिवलिंग बनाकर पूजने से करोड़ों यज्ञ के समान पुण्य मिलता है।संतान प्राप्ति: योग्य और गुणवान संतान की इच्छा पूरी होती है।ग्रह शांति: कुंडली के सभी बुरे ग्रह और कालसर्प दोष शांत होते हैं।पारिवारिक शांति: घर में प्रेम, एकता और सकारात्मक ऊर्जा आती है।यदि आप सावन में पूजन करना चाहते हैं, तो बताइए:क्या आप रुद्राभिषेक की विधि जानना चाहते हैं?या आप पार्थिव शिवलिंग बनाने का सही तरीका पूछना चाहते हैं?सावन में शिवलिंग निर्माण और पूजा के विशेष नियम पार्थिव शिवलिंग निर्माण का धार्मिक महत्व धार्मिक ग्रंथों मेंशिव पुराण के अनुसार सावन के महीने में मिट्टी का शिवलिंग बनाकर शिवजी की पूजा अर्चना की जाती है। ये जो मिट्टी का शिवलिंग बनाते हैं, इसी को पार्थिव शिवलिंग बोलते ह..श्रावण में पार्थिव शिवलिंग पूजन क्यों है अत्यंत शुभ ?रुद्राभिषेक क्यों सावन में ही किया जाता है? इसके क्या महत्व है?रुद्राभिषेक में भगवान शिव के रुद्र अवतार की पूजा की जाती है। यह भगवान शिव का प्रचंड रूप है समस्त ग्रह बाधाओं और समस्याओं का नाश करता है। सावन के महीने में रुद्र.सावन में रुद्राभिषेक क्यों करवाना फायदेमंद, जानें ऐसे में मान्यता है की सावन के दौरान रुद्राभिषेक करने से शिव जी जल्दी प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। रुद्राभिषेक केवल जलाभिषे

अक्षय तृतीया (19  /२०अप्रैल 2026) पर स्नान, दान, और विष्णु-लक्ष्मी की पूजा (केसर/हल्दी के साथ) करना अत्यंत शुभ है, जो अक...
19/04/2026

अक्षय तृतीया (19 /२०अप्रैल 2026) पर स्नान, दान, और विष्णु-लक्ष्मी की पूजा (केसर/हल्दी के साथ) करना अत्यंत शुभ है, जो अक्षय पुण्य देता है। इस दिन सोना-चांदी, नए बर्तन या प्रॉपर्टी खरीदना समृद्धि लाता है। वहीं, गलत आचरण (क्रोध, झूठ), तामसिक भोजन, और स्टील/लोहे के बर्तन या धारदार वस्तुएं खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि ये नकारात्मकता ला सकते हैं।
अक्षय तृतीया पर क्या करें
पूजा और साधना: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें और हल्दी या केसर का उपयोग करें।
दान-पुण्य: जरूरतमंदों को जल, अन्न (सत्तू, चावल), वस्त्र, पंखा, छाता, चप्पल, खरबूजा या खीरा दान करें, इससे अक्षय फल मिलता है।
नई खरीदारी: सोना, चांदी, पीतल के बर्तन या आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है।
नए कार्य की शुरुआत: यह दिन बिना मुहूर्त के भी शुभ (अबूझ मुहूर्त) है, इसलिए व्यापार या घर में निवेश शुरू करें।
सफाई: घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल की सफाई करें और दीपक जलाएं।
अक्षय तृतीया पर क्या न करें
लोहा/स्टील न खरीदें: स्टील, प्लास्टिक या लोहे से बनी चीजें/बर्तन न खरीदें।
तामसिक भोजन से परहेज: मांस-मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन न करें।
क्रोध और विवाद: घर में नकारात्मकता न लाएं, किसी से न उलझें, न ही गलत बोलें।
कर्ज न लें: इस दिन उधार लेने या देने से बचें।
आलस्य से बचें: इस दिन आलस्य न करें, बल्कि सक्रिय रहकर पूजा-पाठ करें।
खाली हाथ न आएं: घर में कुछ न कुछ जरूर लेकर आएं, खाली हाथ न लौटें।
विशेष टिप: इस दिन शाम को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना बहुत उत्तम माना जाता है।

शनि को मजबूत (बलवान) करने के लिए प्रयोग शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं, हनुमान चालीसा का पाठ करें, और...
11/04/2026

शनि को मजबूत (बलवान) करने के लिए प्रयोग शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं, हनुमान चालीसा का पाठ करें, और गरीबों को काले तिल, उड़द की दाल या काले वस्त्र दान करें। इसके अलावा, कड़ी मेहनत, ईमानदारी, सफाई और अनुशासन अपनाकर शनिदेव को प्रसन्न किया जा सकता है, जो करियर व आर्थिक स्थिति में स्थिरता लाते हैं।
शनि देव को प्रसन्न करने के मुख्य उपाय:
पूजा-पाठ: शनिवार शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं
आचार्य लोकेश पाण्डेय जी मो 063078 75995 किसी प्रकार की कुण्डली वास्तु शान्ति यज्ञ पूजा पाठ हेतु संपर्क करें जय श्री राधे 🙏🙏 #

शुक्रग्रह का जीवन पर प्रभावज्योतिष में शुक्र ग्रह (Venus) को प्रेम, सौंदर्य, सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन और कला का कारक मा...
10/04/2026

शुक्रग्रह का जीवन पर प्रभाव

ज्योतिष में शुक्र ग्रह (Venus) को प्रेम, सौंदर्य, सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन और कला का कारक माना जाता है। यह जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं, ऐश्वर्य, अच्छी पर्सनालिटी और धन से संबंध रखता है। मजबूत शुक्र जातक को सुखी और आकर्षक बनाता है, जबकि कमजोर या अशुभ शुक्र वैवाहिक कलह, वित्तीय हानि, यौन रोग और भोग-विलास की कमी का कारण बन सकता है
शुक्र के जीवन पर मुख्य प्रभाव:
प्रेम और विवाह: यह वैवाहिक सुख, प्रेम संबंधों और दांपत्य जीवन को प्रभावित करता है। कमजोर होने पर विवाह में बाधा और कलह (कलेश) आ सकती है।
भौतिक सुख: यह वाहन, मकान और विलासिता (luxury) से जुड़ी वस्तुओं का कारक है। अच्छा शुक्र जीवन को आरामदायक और सुखद बनाता है।
व्यक्तित्व और आकर्षण: यह व्यक्ति के आकर्षण, कलात्मक प्रतिभा और आत्मविश्वास को बढ़ाता है, जिससे व्यक्ति दूसरों को प्रभावित कर सकता है।
स्वास्थ्य: कमजोर शुक्र से डायबिटीज, किडनी, प्रोस्टेट और यौन अंगों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
शुक्र को मजबूत करने के उपाय:
शुक्र के मंत्र का जाप (16,000 बार) करना चाहिए।
सुगंध, इत्र, धूप, या सफेद चीजों का दान करने से लाभ मिलता है।
शुक्र ग्रह के और अधिक उपाय जानने के लिए आचार्य लोकेश पाण्डेय जी मो न 063078 75995 #राधे #राधे_राधेchallenge

गणेश जी की पूजा से रिद्धि-सिद्धि, सुख-समृद्धि, ज्ञान और निर्विघ्न सफलता प्राप्त होती है। बुधवार को दूर्वा, मोदक और लाल स...
08/04/2026

गणेश जी की पूजा से रिद्धि-सिद्धि, सुख-समृद्धि, ज्ञान और निर्विघ्न सफलता प्राप्त होती है। बुधवार को दूर्वा, मोदक और लाल सिंदूर अर्पित कर, 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
गणेश पूजन से होने वाले मुख्य लाभ:
विघ्नहर्ता: जीवन और कार्यों में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।
बुद्धि और ज्ञान: एकाग्रता और ज्ञान में वृद्धि होती है।
सुख-समृद्धि: रिद्धि-सिद्धि के स्वामी होने के कारण धन, सुख और सौभाग्य प्राप्त होता है।
सफलता: करियर और व्यापार में सफलता मिलती है।
नकारात्मकता का नाश: मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ता है।
पूजन विधि (लाभ के लिए):
दिन: बुधवार को पूजा करना विशेष फलदायी है।
दिशा: घर या व्यापार स्थल के पूर्व दिशा में गणेश जी की पीले रंग की प्रतिमा स्थापित करें।
भोग: गणेश जी को 5 या 11 मोदक या गुड़ का भोग लगाएं।
विशेष सामग्री: हरी दूर्वा (घास) और सिंदूर चढ़ाएं।
मंत्र: "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र का लाल चंदन की माला से जाप करें।
समय: 27 दिनों तक लगातार उपाय करने से विशेष लाभ मिलता है।

यस्य मित्रेण संभाषो यस्य मित्रेण संस्थिति:।यस्य मित्रेण संलापस्ततो नास्तीह पुण्यवान।।अर्थ:जिस व्यक्ति का मित्र से संभाषण...
06/04/2026

यस्य मित्रेण संभाषो यस्य मित्रेण संस्थिति:।
यस्य मित्रेण संलापस्ततो नास्तीह पुण्यवान।।
अर्थ:
जिस व्यक्ति का मित्र से संभाषण (बातचीत), संस्थिति (साथ में रहना/साथ में चलना) और संलाप हर हर महादेव

03/04/2026

Lokesh Pandey

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