19/04/2026
अक्षय तृतीया (19 /२०अप्रैल 2026) पर स्नान, दान, और विष्णु-लक्ष्मी की पूजा (केसर/हल्दी के साथ) करना अत्यंत शुभ है, जो अक्षय पुण्य देता है। इस दिन सोना-चांदी, नए बर्तन या प्रॉपर्टी खरीदना समृद्धि लाता है। वहीं, गलत आचरण (क्रोध, झूठ), तामसिक भोजन, और स्टील/लोहे के बर्तन या धारदार वस्तुएं खरीदने से बचना चाहिए, क्योंकि ये नकारात्मकता ला सकते हैं।
अक्षय तृतीया पर क्या करें
पूजा और साधना: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें और हल्दी या केसर का उपयोग करें।
दान-पुण्य: जरूरतमंदों को जल, अन्न (सत्तू, चावल), वस्त्र, पंखा, छाता, चप्पल, खरबूजा या खीरा दान करें, इससे अक्षय फल मिलता है।
नई खरीदारी: सोना, चांदी, पीतल के बर्तन या आभूषण खरीदना शुभ माना जाता है।
नए कार्य की शुरुआत: यह दिन बिना मुहूर्त के भी शुभ (अबूझ मुहूर्त) है, इसलिए व्यापार या घर में निवेश शुरू करें।
सफाई: घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल की सफाई करें और दीपक जलाएं।
अक्षय तृतीया पर क्या न करें
लोहा/स्टील न खरीदें: स्टील, प्लास्टिक या लोहे से बनी चीजें/बर्तन न खरीदें।
तामसिक भोजन से परहेज: मांस-मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन न करें।
क्रोध और विवाद: घर में नकारात्मकता न लाएं, किसी से न उलझें, न ही गलत बोलें।
कर्ज न लें: इस दिन उधार लेने या देने से बचें।
आलस्य से बचें: इस दिन आलस्य न करें, बल्कि सक्रिय रहकर पूजा-पाठ करें।
खाली हाथ न आएं: घर में कुछ न कुछ जरूर लेकर आएं, खाली हाथ न लौटें।
विशेष टिप: इस दिन शाम को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना बहुत उत्तम माना जाता है।