14/07/2022
हरि ॐ
सभी देवतुल्य बंधु ,भगिनी
सादर प्रणाम
हमारे गुरु परम पावन भगवाध्वज को धन, तन, मन के समर्पण के साथ कुछ और क्या देने का प्रण करू,यही सोच रहा था ,आपके बहुमूल्य सुझाव की याचना करता हूं :-----
(1)अखंड भारत दूंगा,
(2)गृहयुद्ध की धमकी देने वाले तथा कथित शांतिप्रिय जमात के रिहर्सल को देखकर सनातनी भक्तो के तन से सिर जुदा होने को रोकूंगा ,पर कैसे कृपया मार्गदर्शन करे
(3)राष्ट्र व्यापी सद्भाव,समरसता ,शांति ,सुरक्षा एवं सनातनी प्रेम सौहार्द स्थापित करूंगा परंतु कैसे?
जबकि सद्भाव,प्रेम,सौहार्द,संतोष,समरसता,एकजुटता,संघटन का अभाव,
परिवार,गांव, मुहल्ला,कस्बा,नगर,खंड भाग ,जिला में स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है
आप बंधु भगिनी ने कोरोना की महामारी के दौरान करीब २८६००परिवारों को अपने मधुर व्यवहार एवं निःस्वार्थ सेवा से अपना मुरीद बना लिया ,इस संबंध को और प्रगाढ़ करना है
एक अनुभव आया कि "घर घर लंका जन जन रावण,इतने राम कहा से लाऊं"
परंतु आप देवतुल्य् बंधु भगिनी ने निश्चय किया की घर घर में "श्री राम"का वास करायेंगे,कमसे कम श्रीहनुमान चालीसा का पाठ परिवार के सभी सदस्य एकसाथ बैठकर करेंगे,अपने पड़ोसी गांव मोहल्ला के परिवारों को जोड़ेंगे,
हर घर में राणाप्रताप,वीर शिवाजी,महारानी लक्ष्मीबाई,भगतसिंह ,चंद्रशेखर नेताजी सुभाषचंद्र बोस जैसे बालक बालिकाएं तैयार करेंगे ,कतिपय अपरिहार्य कारणों से उक्त दिशा में आशातीत सफलता nhi मिल पाई है परंतु कार्य कुछ कदम चला जरूर था
कुछ समझ में नही आता और क्या करू
कृपया मार्गदर्शन करे
आपका बंधु
राजेन्द्र प्रताप पांडेय एडवोकेट,सह समाजिक सद्भाव प्रमुख, काशी विभाग
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संस्थापक/महामंत्री :महारानी लक्ष्मीबाई सेवा न्यास
ट्रस्टी:महादलित अधिकार न्यास
(30000 मुसहर बंधु भगिनी को सम्मानपूर्वक राष्ट्र की सनातनी धारा से एकरस करने का प्रयास)
ट्रस्टी:इस्लामिक सद्भावना फाउंडेशन ट्रस्ट(हम सब सनातनी,हमारे पूर्वज एक देवता एक सबमें सद्भाव के साथ प्रचंड राष्ट्रभक्ति हो )