24/03/2026
जय हो छप्पन जी महाराज
*नवरात्रि स्पेशल*
*नवरात्रि में उमड़ रही है छप्पन जी के भक्तों की भीड़,*
*बरसो से क्षेत्र में परम आस्था का केंद्र*
उपखंड क्षेत्र में परम आस्था के धाम छप्पन जी महाराज (भेरुजी) के श्रद्धालु भक्तों की भीड़ उमड रही है। उनियारा शहर सहित आसपास के गांवो से श्रद्धा की डोर से बंदे भक्त छप्पन जी के मंदिर में पहुंच रहे हैं।
*शहर की बसावट के साथ हुई स्थापना*
पुराने लोगों के अनुसार छप्पन जी महाराज मंदिर का निर्माण उनियारा शहर की बसावट के साथ लगभग 500 वर्ष पूर्व हुआ था। मंदिर का निर्माण उनियारा राज परिवार के नरुका वंश के शासको द्वारा किया गया। क्षेत्र के लोग भेरुजी महाराज को यहां छप्पन जी महाराज के नाम से पूजते हैं। मान्यता है कि छप्पन जी महाराज उनियारा क्षेत्र के सभी गांवो की क्षेत्रपाल के रूप में सुरक्षा प्रदान करते हैं। सभी प्रकार की प्राकृतिक आपदाएं, महामारी, प्रकोप से रक्षा करते हैं। लोगों का मान्यता है कि छप्पन जी महाराज ने सदैव क्षेत्र की हर आपदा से रक्षा कर क्षेत्र को खुुशहाल रखा है।
*नवयुगल लगते हैं जोड़े की ढोक*
क्षेत्र में होने वाली शादियों के बाद नवयुग्गन आवश्यक रूप से छप्पन जी महाराज के जोड़े की ढोक लगाने आते हैं। मान्यता है कि विवाह के बाद छप्पन जी महाराज के ढोक के बिना शादी असुरक्षित मानी जाती है। छप्पन जी महाराज के ढोक लगाने के लिए दूर दराज से श्रद्धालु पहुंच कर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हैं।
*नवरात्रि में लगा रहता है भक्तों का रैला*
नवरात्रि में दुर्गा पूजन के साथ छप्पन जी महाराज (भेरुजी) की पूजा की विशेष मानता है। हर प्रकार की पीड़ा से मुक्ति के लिए भक्त विशेष पूजा अनुष्ठान करते हैं। चैत्र नवरात्रि, शरदीय नवरात्रि सहित विशेष त्योहार पर छप्पन जी महाराज के दरबार में भक्तों का रैला लगा रहता है। उनियारा शहर सहित क्षेत्र के लोग जो दूर दराज के शहरों जा बसे हैं वो भी नवरात्रि में ढोक लगाने छप्पन जी महाराज के दरबार में पहुंचते हैं।
*बना भव्य मंदिर, मनमोहक है छप्पन जी महाराज की प्रतिमा*
निर्माण के समय मंदिर बहुत छोटा था समय के साथ धीरे-धीरे मंदिर का विकास होता गया। श्रद्धालु भक्तों के सहयोग से आज मंदिर भव्य रूप ले चुका है।
मान्यता है कि छप्पन जी महाराज (भेरुजी) की यह प्रतिमा स्वय प्राकट्य है। भेरू जी अपने वाहन के साथ छप्पन जी महाराज के नाम से पूजे जाते हैं।छप्पन जी की प्रतिमा अत्यंत मनमोहक है। नाथ संप्रदाय के लोग पीढ़ी दर पीढ़ी छप्पन जी महाराज की सेवा करते हैं।
*छप्पन जी के नाम से खुदवाया तालाब*
उनियारा शहर की बसावट के बाद शहर से बाहर छप्पन जी महाराज के मंदिर के पास उनियारा राजवंश के नरूका शासको द्वारा जनता के पेयजल के समाधान के लिए तालाब खुदवाया जिसे छप्पन जी तालाब के नाम से जाना जाता है। राज परिवार के शासको ने तालाब के निर्माण के साथ तालाब के किनारे पक्के घाट बनवाए जहां पुरुष और महिलाओं के स्नान की व्यवस्था करी। साथ ही जल झुलनी पर भगवान के विहार के समय तालाब के किनारे पर जलविहार के लिए सुंदर घाट बनवाया गया। छप्पन जी महाराज आज क्षेत्र में मुख्य रूप से पूजे जाते हैं। सैकड़ो बरसों से लोगों की अपार श्रद्धा छप्पन जी महाराज पर बनी हुई है।