10/07/2025
हजारों-हजारों जन्मों के माता-पिता हमें जो चीज न दे पाये, लाखों-लाखों मित्र हमें जो चीज न दे पाये, करोड़ों-करोड़ों जन्मों के परिश्रम से जो चीज हमें न मिल पायी, हे गुरुदेव ! आपके सान्निध्य से, मानसिक सुमिरन व वार्तालाप से और बौद्धिक प्रेरणा से वह चीज हमें मिली है। आपके चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम हों !"
#प्रेरणा #श्रद्धा