Nihal tyagi

Nihal tyagi उज्जैन मंगलभात पूजन उज्जैन कालसर्प दोष पूजन
अर्क विवाह कुम्भ विवाह पित्र दोष पूजन उज्जैन पूजन पूजन

Experience the Divine Blessings of Durga Path in Ujjain This Navratri, immerse yourself in the sacred energy of Maa Durg...
17/09/2025

Experience the Divine Blessings of Durga Path in Ujjain

This Navratri, immerse yourself in the sacred energy of Maa Durga by performing the holy Durga Path in Ujjain, the eternal city of Lord Mahakal. Guided by Pandit Nihal Guru (Ujjain) – 9424046346, devotees can experience the unmatched spiritual power and countless benefits of this divine practice.

✨ Spiritual Benefits

Connect deeply with Goddess Durga and invite her divine grace into your life.

Attain strength, courage, and inner stability to overcome challenges.

Experience purification of mind, soul, and surroundings by removing negative energies.

💰 Material & Life Benefits

Brings prosperity, good health, and happiness to the family.

Helps in the fulfillment of personal and professional desires.

Promotes peace, harmony, and positive energy at home and workplace.

🌺 Special Significance in Ujjain
Performing Durga Path in Ujjain holds unique importance, as the city is blessed with the eternal presence of Lord Mahakal. Devotees believe that worship and rituals performed here multiply the benefits and bring faster results.

Why Choose Pandit Nihal Guru?
With deep Vedic knowledge and years of spiritual experience, Pandit Nihal Guru ensures that every ritual is performed with purity, devotion, and authenticity. His guidance helps devotees experience the true essence of Navratri and Maa Durga’s blessings.

Book Your Durga Path Today
Do not miss this opportunity to receive divine blessings in the holy city of Ujjain. Contact Pandit Nihal Guru (Ujjain) at 9424046346 and arrange your Durga Path during Navratri for peace, prosperity, and spiritual growth.

Invoke the power of Maa Durga. Transform your life with her blessings this Navratri in Ujjain.

https://www.ujjainkalsarpmangalpooja.com

https://youtube.com/?feature=shared
https://www.instagram.com/ujjainkalsarpmangal?igsh=cDQ1eXV1czA4NXhp&utm_source=ig_contact_invite

🌹 जय श्री महाकाल*🌹🙏🏻 01-09-2025-प्रातःभस्म आरती दर्शन
01/09/2025

🌹 जय श्री महाकाल*🌹🙏🏻 01-09-2025-प्रातःभस्म आरती दर्शन

 #सुखकर्ता_दुखहर्ता_वार्ता_विघ्नाचीनूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाचीसर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राचीकंठी झळके माल मुकताफळांची...
30/08/2025

#सुखकर्ता_दुखहर्ता_वार्ता_विघ्नाची
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची
कंठी झळके माल मुकताफळांची
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा
चंदनाची उटी कुमकुम केशरा
हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा
रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना
सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना
दास रामाचा वाट पाहे सदना
संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको
दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको
हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको
महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको
जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि
विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी
कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी
गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि
जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
भावभगत से कोई शरणागत आवे
संतत संपत सबही भरपूर पावे
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे
गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे
जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता
धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता
जय देव जय देव
सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची
नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची
कंठी झलके माल मुकताफळांची
जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति
जय देव जय देव
#9424046346
#मंगल_भात_पूजा_किसके_द्वारा #पूजा_उज्जैन #मेष_एवं_वृश्चिक_राशि ://ujjainkalsarpmangalpooja.com/

 #करहिं_आरती_आरत_हर_की  #रघुकुल_कमल_विपिन_दिनकर_की आरती सीता राम चरण की भरत सत्रुधन श्री लक्षमण की कौशल्यादि मातु परिजन ...
30/08/2025

#करहिं_आरती_आरत_हर_की

#रघुकुल_कमल_विपिन_दिनकर_की

आरती सीता राम चरण की

भरत सत्रुधन श्री लक्षमण की

कौशल्यादि मातु परिजन की

श्री दशरथ के जीवन धन की

करहिं आरती आरत हर की

आरति राधा कृष्ण चंद की

वासुदेव आनंद कंद की

मातु यशोदा सहित नन्द की

गोपिन गोधन गोप वृन्द की

लक्ष्मी नारायण श्री हरि की

करहिं आरती आरत हर की

आरति शंकर पारवती की

गणपति दुर्गा सरस्वती की

गंगा यमुना धेनुमति की

सकल सिद्ध गुरु शेष यती की

विपत्ति विनाशक मंगल कर की

करहिं आरती आरत हर की

आरति हनुमान बल रासी

दुष्ट दलन जय भव् भय नाशी

तेज पुंज रघुवर उर वाशी

सकल सिद्ध सुख सम्पति राशी

राम चरण पंकज मधुकर की

करहिं आरती आरत हर की

आरति श्री सद्गुरु चरनन की

जन मन धन संताप समन की

भक्ति की दीट भाव को दीपक

सजी आरती सत्य लगन की

करहिं आरती आरत हर की

हरि ने आपन रूप छिपायो

गुरु दीपक लै मोहिं दिखायो

बन्दहुँ गुरु पद बारम्बारा

जासु कृपा जइये भवपारा

मुनि जन धन संतन सरबस की

#करहिं आरती आरत हर की

9424046346
#मंगल_भात_पूजा_किसके_द्वारा
#पूजा_उज्जैन #ज्योतिष #मांगलिक
://ujjainkalsarpmangalpooja.com

मंगल ग्रह शांति प्रयोग मंगल  #मेष_एवं_वृश्चिक_राशि के स्वामी हैं, इसलिए जिन व्यक्तिओ बहुत क्रोध आता है या मन ज्यादा अशां...
30/08/2025

मंगल ग्रह शांति प्रयोग
मंगल #मेष_एवं_वृश्चिक_राशि के स्वामी हैं, इसलिए जिन व्यक्तिओ बहुत क्रोध आता है या मन ज्यादा अशांत रहता है उसका कारण मंगल ग्रह की उग्रता माना जाता और यह मंगल भात पूजा9424046346 #कुंडली में विद्धमान मंगल ग्रह की उग्रता को कम करने के लि ए की जाती है, यह #पूजा_उज्जैन के #मंगलनाथ_मंदिर में नित्य होती है, मंगल वार को विशेष फल दायक होती है जिसका पुण्य लाभ समस्त भक्तजन प्राप्त करते है। ://ujjainkalsarpmangalpooja.com/

- #मंगल_भात_पूजा_किसके_द्वारा करवाई जानी चाहिए ?
मंगल भात पूजा पूरी तरह से आपके जीवन से जुडी हुयी है इसलिए इस पूजा को विशिस्ट, सात्विक और विद्वान ब्राह्मण द्वारा गंभीरता पूर्वक करवानी चाहिए,9424046346 पंडित श्री निहाल जी को इस पूजा का महत्त्व और विधि भली भांति से ज्ञात है और अभी तक इनके द्वारा की गयी पूजा गयी पूजा भगवान शिव की कृपा से सदैव सफल हुयी है।9424046346

#मंगल_भात_पूजा_क्यों करवानी चाहिए ? http://ujjainkalsarpmangalpooja.com/
कुछ व्यक्ति ऐसे होते है जिनकी कुंडली में मंगल भारी रहता है उसी को ज्योतिष की भाषा में मंगल दोष कहते है, मंगल दोष कुंडली के किसी भी घर में स्थित अशुभ मंगल के द्वारा बनाए जाने वाले दोष को कहते हैं, जो कुंडली में अपनी स्थिति और बल के चलते जातक के जीवन के विभिन्न9424046346 क्षेत्रों में समस्याएं उत्पन्न कर सकता है, तो वे अपने अनिष्ट ग्रहों की शांति के लिए मंगलनाथ मंदिर में पूजा-पाठ अवश्य करवाए, जैसा की #उज्जैन को पुराणों में #मंगल__की__जननी कहा जाता है इस लिए मंगल दोष को निवारण के लिए मंगल भात पूजा को उज्जैन में ही करवाने से अभीस्ट पुण्य एवं फल प्राप्त होता है.

मंगल भात पूजा किसको करवानी चाहिए ?
वैदिक ज्योतिष के अनुसार यदि किसी जातक के जन्म चक्र के पहले, चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें घर में मंगल हो तो ऐसी स्थिति में पैदा हुआ जातक मांगलिक कहा जाता है अथवा इसी को मंगल दोष भी कहते है. यह स्थिति विवाह के लिए अत्यंत अशुभ मानी जाती है, 9424046346 #ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि में एक #मांगलिक को दूसरे मांगलिक से ही विवाह करना चाहिए. अर्थात यदि वर और वधु दोनों ही #मांगलिक होते है तो दोनों के मंगल दोष एक दूसरे से के योग से समाप्त हो जाते है. किन्तु अगर ऐसा किसी कारण से ज्ञात नहीं हो पाता है, और किसी एक की कुंडली में मंगल दोष हो तो #मंगलभातपूजा अवस्य करवा लेनी चाहिए. #मंगलनाथ दोष एक ऐसी विचित्र स्थिति है,942404636
https://ujjainkalsarpmangalpooja.com/

30/08/2025
ज्योतिषी शास्त्रों के अनुसार कालसर्प दोष 12 प्रकार के बताए गए हैं-1. अनंत2. कुलिक3. वासुकि4. शंखपाल5. पद्म6. महापद्म7. त...
03/08/2024

ज्योतिषी शास्त्रों के अनुसार कालसर्प दोष 12 प्रकार के बताए गए हैं-

1. अनंत

2. कुलिक

3. वासुकि

4. शंखपाल

5. पद्म

6. महापद्म

7. तक्षक

8. कर्कोटक

9. शंखनाद

10. घातक

11. विषाक्त

12. शेषनाग

कुंडली में 12 तरह के कालसर्प दोष होने के साथ ही राहू की दशा, अंतरदशा में अस्त-नीच या शत्रु राशि में बैठे ग्रह मारकेश या वे ग्रह जो वक्री हों, उनके चलते जातक को कष्टों का सामना करना पड़ता है।

इस योग के चलते जातक असाधारण तरक्की भी करता है, लेकिन उसका पतन भी एकाएक ही होता है।

9424990089

किसी कुंडली के जानकार व्यक्ति से ही कालसर्प दोष का निवारण कराया जाना चाहिए।

क्या हैं कालसर्प दोष के लक्षण...

1. बाल्यकाल में किसी भी प्रकार की बाधा का उत्पन्न होना। अर्थात घटना-दुर्घटना, चोट लगना, • बीमारी आदि का होना ।

2. विद्या अध्ययन में रुकावट होना या पढ़ाई बीच में ही छूट जाना । पढ़ाई में मन नहीं लगना या फिर ऐसी कोई आर्थिक अथवा शारीरिक बाधा जिससे अध्ययन में व्यवधान उत्पन्न हो जाए।

3. विवाह में विलंब भी कालसर्प दोष का ही एक लक्षण है। यदि ऐसी स्थिति दिखाई दे तो निश्चित ही किसी विद्वान ज्योतिषी से संपर्क
4. एक अन्य लक्षण कालसर्प दोष है संतान का न होना और यदि संतान हो भी जाए तो उसकी प्रगति में बाधा उत्पन्न होती है।
5. परिजन तथा सहयोगी से धोखा खाना, खासकर ऐसे व्यक्ति जिनका आपने कभी भला किया हो ।

6. घर में कोई सदस्य यदि लंबे समय से बीमार हो और वह स्वस्थ नहीं हो पा रहा हो साथ ही बीमारी का कारण पता नहीं चल रहा है।

7. आए दिन घटना-दुर्घटनाएं होते रहना।

8. रोजगार में दिक्कत या फिर रोजगार हो तो बरकत न होना ।

9. इस दोष के चलते घर की महिलाओं को कुछ न कुछ समस्याएं उत्पन्न होती रहती हैं।

10. रोज घर में कलह का होना। पारिवारिक एकता खत्म हो जाना।

11. घर-परिवार मांगलिक कार्यों के दौरान बाधा उत्पन्न होना ।

12. यदि परिवार में किसी का गर्भपात या अकाल मृत्यु हुई है तो यह भी कालसर्प दोष का लक्षण है।

13. घर के किसी सदस्य पर प्रेतबाधा का प्रकोप रहना या पूरे दिन दिमाग में चिड़चिड़ापन रहना । उज्जैन इस दोष से मुक्ति का सबसे उत्तम स्थान माना गया है, जहां शांतिकर्म किया जाता है 9424990089

ज्योतिषी शास्त्रों के अनुसार कालसर्प दोष 12 प्रकार के बताए गए हैं-1. अनंत2. कुलिक3. वासुकि4. शंखपाल5. पद्म6. महापद्म7. त...
24/07/2022

ज्योतिषी शास्त्रों के अनुसार कालसर्प दोष 12 प्रकार के बताए गए हैं-
1. अनंत
2. कुलिक
3. वासुकि
4. शंखपाल
5. पद्म
6. महापद्म
7. तक्षक
8. कर्कोटक
9. शंखनाद
10. घातक
11. विषाक्त
12. शेषनाग
कुंडली में 12 तरह के कालसर्प दोष होने के साथ ही राहू की दशा, अंतरदशा में अस्त-नीच या शत्रु राशि में बैठे ग्रह मारकेश या वे ग्रह जो वक्री हों, उनके चलते जातक को कष्टों का सामना करना पड़ता है। इस योग के चलते जातक असाधारण तरक्की भी करता है, लेकिन उसका पतन भी एकाएक ही होता है।
9424990089
किसी कुंडली के जानकार व्यक्ति से ही कालसर्प दोष का निवारण कराया जाना चाहिए।

क्या हैं कालसर्प दोष के लक्षण...
1. बाल्यकाल में किसी भी प्रकार की बाधा का उत्पन्न होना। अर्थात घटना-दुर्घटना, चोट लगना, बीमारी आदि का होना।

2. विद्या अध्ययन में रुकावट होना या पढ़ाई बीच में ही छूट जाना। पढ़ाई में मन नहीं लगना या फिर ऐसी कोई आर्थिक अथवा शारीरिक बाधा जिससे अध्ययन में व्यवधान उत्पन्न हो जाए।

3. विवाह में विलंब भी कालसर्प दोष का ही एक लक्षण है। यदि ऐसी स्थिति दिखाई दे तो निश्चित ही किसी विद्वान ज्योतिषी से संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही इस दोष के चलते वैवाहिक जीवन में तनाव और विवाह के बाद तलाक की स्थिति भी पैदा हो जाती है।

4. एक अन्य लक्षण कालसर्प दोष है संतान का न होना और यदि संतान हो भी जाए तो उसकी प्रगति में बाधा उत्पन्न होती है
5. परिजन तथा सहयोगी से धोखा खाना, खासकर ऐसे व्यक्ति जिनका आपने कभी भला किया हो।

6. घर में कोई सदस्य यदि लंबे समय से बीमार हो और वह स्वस्थ नहीं हो पा रहा हो साथ ही बीमारी का कारण पता नहीं चल रहा है।

7. आए दिन घटना-दुर्घटनाएं होते रहना।

8. रोजगार में दिक्कत या फिर रोजगार हो तो बरकत न होना।

9. इस दोष के चलते घर की महिलाओं को कुछ न कुछ समस्याएं उत्पन्न होती रहती हैं।

10. रोज घर में कलह का होना। पारिवारिक एकता खत्म हो जाना।

11. घर-परिवार मांगलिक कार्यों के दौरान बाधा उत्पन्न होना।

12. यदि परिवार में किसी का गर्भपात या अकाल मृत्यु हुई है तो यह भी कालसर्प दोष का लक्षण है।

13. घर के किसी सदस्य पर प्रेतबाधा का प्रकोप रहना या पूरे दिन दिमाग में चिड़चिड़ापन रहना।
उज्जैन इस दोष से मुक्ति का सबसे उत्तम स्थान माना गया है, जहां शांतिकर्म किया जाता है
9424990089

Address

Ujjain
Ujjain
456001

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Nihal tyagi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to Nihal tyagi:

Share