21/02/2022
महाशिवरात्रि स्पेशल श्रृंगार एवम पूजन बुक करे
https://bookmypooja.co.in/product/laghu-rudra-abhishek/
शिव नवरात्रि के पहले दिन भगवान महाकाल का चंदन से श्रृंगार होगा। भगवान को सोला व दुपट्टा धारण कराया जाएगा। चांदी का मुकुट, मुंडमाला, छत्र आदि आभूषण से श्रृंगार किया जाएगा। दरअसल, ज्योतिर्लिंग की पूजन परपंरा में प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे भोग आरती तथा शाम को 5 बजे संध्या पूजा की जाती है
शिव नवरात्रि के नौ दिन में भगवान महाकाल के अलग-अलग रूप रहते हैं। पहले दिन भगवान महाकाल का चंदन श्रृंगार होगा। भगवान को सोला व दुपट्टा धारण कराया जाएगा। चांदी का मुकुट, मुंडमाला, छत्र आदि आभूषण से श्रृंगार किया जाएगा। दूसरे दिन शेषनाथ के रूप में श्रृंगार होगा। तीसरे दिन घटाटोप श्रृंगार, चौथे दिन छबीना श्रृंगार, पांचवे दिन होलकर स्वरूप में श्रृंगार, छठे दिन मनमहेश स्वरूप में श्रृंगार, सातवें दिन उमा-महेश स्वरूप में श्रृंगार, आठवें दिन शिव तांडव स्वरूप में श्रृंगार होगा। महाशिवरात्रि पर महानिशा काल में रात्रि पर्यंत विविध प्रकार से भगवान महाकाल की पूजा होगी। 2 मार्च को तड़के 4 बजे भगवान को सप्तधान मुखारविंद धारण करवाकर उनके शीश पर सवा मन फल व फूल से बना मुकुट धारण करवाया जाएगा।