30/09/2024
गुन्दाली में गवरी का समापन आज 30 सितंबर को हुआ
अरावली पर्वत मालाओ में, पहाड़ीनाथ जी की पावन चरण स्थली, जरगा के सहांरे, बनास के किनारे, संत महात्माओं की तपो भूमि जुना स्थान जरगाजी से सटे गांव गुन्दाली में 30 सितंबर सोमवार को गवरी का समापन हुआ/ इससे पहले 29 सितंबर रविवार को गड़ावण की रस्म होई थी
गुन्दाली में रविवार को गड़ावण के दिन गवरी वाले और ग्रामवासी गांव के कुम्हार के घर जाकर मिट्टी के हाथी और गौरज्या माता की प्रतिमा लाई, गौरज्या माता की प्रतिमा की शोभायात्रा के साथ गांव के मंदिर पर विराजमान किया था और रात भर माताजी की सेवा की ओर रात में गवरी नृत्य भी हुआ
शुभ मुहूर्त में गौरज्या माता की गांव में निकली शोभायात्रा
30 सितंबर को वलावण के दिन गांव में गवरी नृत्य किया और दोपहर बाद शुभ मुहूर्त में गांव में गौरज्या माता की शोभायात्रा निकली। गौरज्या माता की सवारी गांव के मुख्य मार्ग से होते हुए वर्षों से तय स्थान पर पहुंची और यहां पूजा अर्चना के बाद वलावण रस्म के तहत गौरज्या माता की प्रतिमा को जल में विसर्जित किया। गांव में ज्वारा विसर्जन भी किया।
गांव में चार दिन त्यौहार सा माहौल रहा
गड़ावण और वलावण रस्म के चलते गवरी देखने लोग रविवार सुबह से ही गुन्दाली पहुंचना शुरू हो गए थे। ऐसे में रविवार और सोमवार को गुन्दाली में त्यौहार सा माहौल रहा। पूरे गांव में भी धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है।