05/11/2025
🚩श्री गुप्तेश्वरोविजयतेतराम् 🚩
"बेटू जब मैं यहां पहली बार आया एकाएक गुफा में जाने की हिम्मत नहीं पड़ती थी, कई रात्रि गुफा के बाहर ही धुणा चेता कर सोता।
एक रात्रि एन बारह बजे मैं बैठा भजन कर रहा था तभी गुफा से चांदी से चमकते सफ़ेद कपड़ों में एक कन्या आई और मुझसे बोली, 'यहां क्या कर रहे हो? चलो गुफा में और धुणा चेतन करो!' इतना कहते ही वह कहीं ओझल हो गई। यह शब्द सुनते ही गुफा से जुड़ी मेरे मन की सभी भ्रान्ति शान्त हो गई और निर्भयता के साथ गुफा में जाने की आतुरता बड़ गई। उसी समय हंटी जलाई और उसकी रोशनी में धीरे-धीरे गुफा में पहुंचा। सब तरफ भयंकर अंधेरा और सन्नाटा था तथा चन्द्रमा के प्रकाश किरण की रेखा बीचोंबीच धुणे पर पड़ रही थी। तभी उसी हंटी से कुछ संविधा इकठ्ठी कर धुणा चेतन कीया।"
यह घटना गुरुदेव जब भी आनंद की स्थति में बैठते तो भक्तों के पूछे प्रश्न के उत्तर में बताया करते थे। गुरुदेव का गुफा में पहली बार पदार्पण कुछ इस प्रकार हुआ। वह रात्रि कई दशकों पूर्व आज ही की कार्तिक पूर्णिमा की रात्रि थी। हम सभी गुरु भक्तों की समझ से यह दिन केवल गुरुदेव का ही नहीं अपितु इस भूमि का भी आत्मसाक्षात्कार का दिन है। आज ही की रात्रि गुरुदेव दाताहुकम ने भक्तों के मन की गहराइयों में अंधकार रुपी अज्ञान के दमन के लिए ज्ञान रुपी अग्नि (धुणा) चेतन कीया जिसके प्रकाश, भजन-कीर्तन और भक्ति के माध्यम से सभी भक्तों ने ज्ञान के देवता भगवान ईशान स्वरूप श्री गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन किए।
गुप्तेश्वर महादेव मंदिर में ब्रह्मलीन #गुरुदेव श्री श्री 1008 #श्री_ब्रिज_बिहारी_जी_बन के आशीर्वाद के परम सानिध्य में आज कार्तिक पूर्णिमा, दिनांक 5 नवम्बर 2025 बुधवार रात्रि 9:15 बजे से #गुप्तेश्वर_महादेव_भजन_मंडली द्वारा प्रतिमाह #पूर्णिमा को आयोजित होने वाली मासिक ंध्या (रात्रि जागरण) होगा, सभी साधकगण पधार कर लाभ लेवें...
समय : रात्रि 9.15 बजे से प्रातः 4 बजे तक
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