19/03/2025
👉🏻यह अज्ञान कौन फैला रहा है 👈🏻
क्योकी सत्य परेशान हो सकता है मगर पराजीत नही यह कहावत तो बहोत बार निश्चित सुनी तो होगी ना.एक बात और बारबार देखी गयी है की,एक घरमे दो-चार भाई है मगर किसीभी कारण वश वह अलग-अलग रहते हैं और श्राद्धके समयपर एक जगह जमा होकर सबसे बडा भाई श्राद्ध करवाता है कभी लोग उसमे शामील होते है.
ऐसे लोगोंसे मेरा हमेशा प्रश्न होता है की,एक समयपर एक व्यक्ती भोजन करे तो सभी लोगोंने भोजन किया ऐसा मै मानकर चलु क्या.एक व्यक्तीका मोबाईल रिचार्ज करने से घरके अन्य चार मोबाईल फोन अपनेआप रिचार्ज हो सकता है क्या.हमेशा इसका उत्तर नही आता है.ऐसे स्वार्थी लोगोंसे मेरा हमेशा प्रश्न होता है की,केवल भाई यह नाता छोडे तो हर चीज अलग ही है.उदाहरणार्थ जैसे की,शरीर अलग,सोच अलग,पढाई अलग,कामधंदा अलग,शादी-बच्चे आलग,भाग्य भी अलग,रोग बिमारीबाधा अलग,पश्चात मृत्यु भी अलग ही है,तो प्रत्येक लडका अपने मातापिताका श्राद्ध स्वतंत्र क्यो नही करते.
तो प्रश्न यह फिरसे उठता है की,अगर हर चीज अलग ही तो फिर आपका क्या एक है.चार बच्चोको एक मातापिता संभाल सकते मगर एक मातापिताको चार बच्चे संभाल नही.क्या यह बिडंबना है की,भविष्यमे उन्ही मातापिता की,सोना,पैसा,जमीन जायदाद जीस हकसे मिलबाट लेते हो तो उसी हकसे उनको जीवीत अवस्थामे और उनके मृत्युके पश्चात अपने पुत्र व पुत्री होनेका कर्तव्य निभानेमे विजय माल्या या नीरव मोदी की तरह क्यो बन जाते है,यही हमारा सभी बच्चोसे कडवा सच्चा प्रश्न है.
जो लोग अपने मातापिताको जीवनभर अपनेही जनम दाताओंको नोंच नोंच खाते है मगर उनके वृद्धावस्थामे उन्ही मातापिताके बच्चे जो अपनेही जनमदाताको पुछते नही उनकेही बच्चे भविष्यमे वही और वैसेही ट्रिटमेंट उनको देते है,ऐसा हमे बारबार दिखाई देता है.
(चोरके घरमे ही उन्हीके बच्चोनेही स्वयंकेही घरमे चोरी करनेके पश्चात उसी चोरने बिलकुल चिल्लाना नही चाहिए.)
यही कर्तव्यको सही समयपर ना निभानेका नुकसान भविष्यमे जरूर दिखाई देता है.उदाहरणार्थ अपने या बच्चोकी पढाईमे बारबार अडचने आना,नौकरी व्यवसाय सही ना चलना,शादी होनेमे या बिना कारणसे घरमे पारिवारीक क्लेश उत्पन्न होना.शारीरिक,मानसिक,आर्थिक अडचने बारबार उत्पन्न होना.शारिरीक क्षमता होनेके कारणभी बच्चे ना होना या बारबार गर्भपात होने जैसी बाधाए आना.ऐसे बहोत सारे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बाधाए दिखाई ना देनेबाले अडचने बारबार दिखाई देना.
इसबारेमें इन बाधाओंको दुर करने हेतु ही श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वरमे त्रिदिवसीय(नारायणबली-नागबली व त्रिपिंडी श्राद्ध)पितृदोषका पुजाविधान किया जाता है. क्योकी इस क्षेत्रको लय अवस्थाका महास्मशान,सती अहिल्याका महास्मशान तथा मूल महानदी गोदावरीका उत्पन्नी स्थान भी कहा जाता है.
नीचे गरूणपुराणमे श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वरमे होने वाले त्रिदिवसीय पितृदोषकी महत्त्वके बारेमे दि हुई युब्युब की लिंक दे रहा हुं.यह व्हिडिओ जरूर देखो और सही व गलतमे फरक जरूर समझे.
https://youtu.be/J1HVNceWrgM?si=531WH23zXP-r2KhQ
इस पुजाके बारेमे आपको अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु मै मेरे मोबाईल ॲप्लिकेशन की लिंक साथमे जोड रहा हुं.वहापर जाकर मराठी जानकारी व हिंदी जानकारी ऐसा दो भाषा आपको दिखाई देगा.वहापर स्पर्श करनेपर चार-पाच पिडिएफ फाईल दिखाई देगी.उसको स्पर्श करे तो सभी फाईल डाऊनलोड हो जायेंगे. डाऊनलोड होनेके उपरांत उसकी प्रिंट निकालकर दो-चार बार शांतीसे पढकर उपरांत हमे यहाँपर दिये हुए फोन नंबरपर समयपर हर श्रध्दावान हमसे जरूर संपर्क कर सकते हो.
मूल गोदावरीके मूल तीर्थपुरोहित
भूषण सांभ शिखरे
📱09422268596
निनाद भूषण शिखरे
📱08149471194
फोनका समय शाम 5 से रात 10 तक.
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