28/05/2026
ईद-उल-अज़हा का यह दिन हमें ईसार, कुर्बानी और अल्लाह की रज़ा के लिए खुद को समर्पित करने का सबक देता है। दीन की बातें यही हैं कि हम न केवल अपनी जान-माल की कुर्बानी दें, बल्कि अपनी अना और गलतियों को भी अल्लाह की राह में कुर्बान कर दें ताकि हमारी रूह पाक हो सके। ✨ मोहब्बत और भाईचारे के साथ दूसरों की मदद करना ही असल इबादत है। 🤲 अल्लाह इस मुबारक दिन हमारे दिलों में एक-दूसरे के लिए हमदर्दी पैदा करे और हमारी नेक कोशिशों को कबूल फरमाए। 🌙🕋🎊