Sidh Peeth Sri Sureshwari Surkanda Devi Mandir

Sidh Peeth Sri Sureshwari Surkanda Devi Mandir Most Sacred and Revered Goddess Temple “ SURKANDA DEVI JI”,its location, Scenery and Natural beauty.

25/01/2026
🌹🌹जय माता सुरकंडा भवानी 🌹🌹
24/01/2026

🌹🌹जय माता सुरकंडा भवानी 🌹🌹

🚩*जय ​माता सुरकण्डा भवानी* 🚩      *सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,**शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते....
03/04/2023

🚩*जय ​माता सुरकण्डा भवानी* 🚩

*सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,*
*शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*

*सुरकुट पर्वत पर स्थित पौराणिक सिद्धपीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर में राम नवमी के पावन पर्व दिन पर आने वाले सभी श्रद्धालुओ का पुजारी समिति हार्दिक स्वागत करती है। पुजारी समिति​ माता सुरकण्डा ​ ​से ​​​आप सबके मनोकामना पूर्ण हो, ​सुखद ,सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना करती है।*

*सभी देश एवम् प्रदेश वासियों को राम नवमी की ढेर सारी शुभकामनाएं।*

*सिद्धपीठ माता सुरकण्डा एवम् भगवान राम आप सभी के जीवन में अनंत खुशियाँ लाए और अपनी कृपादृष्टि सब पर बनाये रखें।*

​​लेखवार परिवार पुजारी (ग्राम:पुजाल्डी, पट्टी: बमुण्ड​)​
सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर
(नजदीक :कद्दूखाल),पोस्ट ऑफिस: काणाताल, जिला:टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर (प्राचीन मठ)
ग्राम : पुजाल्डी,पोस्ट ऑफिस: कखवाड़ी,पट्टी:बमुण्ड, जिला : टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)
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🚩*जय ​माता सुरकण्डा भवानी* 🚩       *या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण  संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः**ॐ ऐ...
26/03/2023

🚩*जय ​माता सुरकण्डा भवानी* 🚩

*या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः*

*ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कंदमातायै नमः।*

*सुरकुट पर्वत पर स्थित पौराणिक सिद्धपीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओ का पुजारी समिति हार्दिक स्वागत करती है। पुजारी समिति​ माता सुरकण्डा ​ ​से ​​​आपकी ​मनोकामना पूर्ण हो, ​सुखद ,सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना करती है।*

*आप सभी को सपरिवार नव वर्ष चैत्र शुक्ल पंचमी विक्रम संवत्सर 2080, रविवार 26 मार्च 2023 की हार्दिक शुभकामनाएँ ।*

मां सुरकण्डा के भवन और आस पास के छेत्र में आज रात भी हल्की बर्फबारी हुई। फोटो पुजारी श्रीमान पप्पू राम लेखवार जी द्वारा प्राप्त हुए। बाकी पुजारियों के अलावा मुख्य पुजारी पंडित श्रीमान सोहन लाल लेखवार जी और पुजारी जयकृष्ण लेखवार जी नवरात्रों में हरियाली और पाठ के लिए मंदिर में आए हुए है।

*सिद्धपीठ माता सुरकण्डा आप सभी के जीवन में अनंत खुशियाँ लाए और अपनी कृपादृष्टि सब पर बनाये रखें।*

​​लेखवार परिवार पुजारी (ग्राम:पुजाल्डी, पट्टी: बमुण्ड​)​
सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर
(नजदीक :कद्दूखाल),पोस्ट ऑफिस: काणाताल, जिला:टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर (प्राचीन मठ)
ग्राम : पुजाल्डी,पोस्ट ऑफिस: कखवाड़ी,पट्टी:बमुण्ड, जिला : टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)
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*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩**सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,**शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.***सुरकु...
22/03/2023

*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩*

*सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,*
*शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*

**सुरकुट पर्वत पर स्थित पौराणिक सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओ का पुजारी समिति हार्दिक स्वागत करती है।माँ भगवती सुरकण्डा सबकी मनोकामना पूरी करें। पुजारी समिति आपकी सुखद ,सफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना करती है,**

*विक्रम संवत 2080 नववर्ष के शुभ अवसर पर आप सभी देश प्रदेश वासियों को हार्दिक शुभकामनाएं!*

*सिद्धपीठ माता सुरकण्डा आप सभी के जीवन में अनंत खुशियाँ लाए और अपनी कृपादृष्टि सब पर बनाये रखें।**

लेखवार परिवार पुजारी (ग्राम: पुजाल्डी, पट्टी: बमुण्ड
सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर
(नजदीक :कद्दूखाल),पोस्ट ऑफिस: काणाताल, जिला:टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर (प्राचीन मठ)
ग्राम : पुजाल्डी,पोस्ट ऑफिस: कखवाड़ी,पट्टी:बमुण्ड, जिला : टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)
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जय मां सुरकण्डा सुरी तेरी सदा जय हो ।
21/03/2023

जय मां सुरकण्डा सुरी तेरी सदा जय हो ।

*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩**सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,**शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*🌻शुभ प्...
18/03/2023

*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩*
*सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,*
*शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*

🌻शुभ प्रभात शुभ दिन🌻

**सुरकूट पर्वत पर स्थित -पौराणिक एवं ऐतहासिक स्थल सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर में आने वाले सभी यात्रियों का पुजारी समिति हार्दिक स्वागत करती है,माँ भगवती सुरकण्डा सबकी मनोकामना पूरी करें। आगामी नवरात्रों के समय यात्रियों की ज्यादा संख्या को देखते हुए यात्रीगण पुजारीगण एवं मंदिर समिति के साथ सहयोग करें और मां भगवती सुरकण्डा सुरी के दर्शन कर अच्छी यात्रा का लाभ उठाएं। पुजारी समिति आपकी सुखद ,सुफल एवं मंगलमय यात्रा की कामना करती है,**
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**परम्परा माँ सुरकण्डा का हर तीसरे वर्ष अपने मायके में ले जाया जाना**
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​प्राचीन काल से ही मान्यता है की देवी सुरेश्वरि सुरकण्डा का ससुराल पुजारियों के गाव -पुजाल्डी, ​पट्टी- बमुण्ड , टिहरी गढ़वाल , जहां पर सुरेश्वरी का मंदिर प्राचीन काल से ही स्थापित है और मायका जरधार गॉव,टिहरी गढ़वाल है । जरधार गांव के वासी माँ सुरेश्वरि सुरकंडा को अपनी कन्या की तरह मानते है और उसी तरह व्यवहार के लिए बचनबद्ध है। जरधार गांव के वासी प्राचीन काल से ही परम्परा के अनुसार हर तीसरे वर्ष सुंदर गाजे-बाजे के साथ देवी को लेने के लिए पुजारियों के गॉव पुजाल्डी, पट्टी- बमुण्ड, टिहरी गढ़वाल में आते रहे है और ससम्मान अपने साथ लेकर जाते है और गॉव से कुछ पुजारीगण भी साथ में जाते है उसके बाद 9 दिनों तक जरधार गॉव के लोग देवी की आराधना और पूजा पाठ करते है हरियाली डालते है और 9 दिन बाद देवी की विदाई जैसे कन्या अपने मायके से ससुराल जाती है उसी तरह देवी को विदा किया जाता है साथ में कलेऊ, वस्त्र आदि भी साथ में दिया जाता है ( जिसमे पहले के समय में छेत्र में प्रचलति चावल के बुखणा, अखरोट और अर्शा विशेष तौर पर दिए जाते थे ) और देवी को जैसे लेकर जाते रहे है वैसे ही ससम्मान पुजाल्डी गॉव में गाजे बाजे के साथ वापस लेकर आते रहे है।

पर विगत वर्षों में परम्परा के अनुसार जरधार गॉव से पुजारियों के गॉव में चिट्ठी तो आती है हर बार, कि देवी को लेने के लिए आ रहे है, पर देवी को सुरकण्डा मंदिर कद्दूखाल से लेकर जाते है जो परम्परा से हटके है। प्राचीन परमपराएं यथावत चलनी चाहिए जो पीढ़ियों से चलती आ रही है।

माँ भगवती श्री सुरकण्डा सुरी सब पर अपनी कृपादृष्टि बनाये रखें ।
सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर
(नजदीक :कद्दूखाल),पोस्ट ऑफिस: काणाताल, पट्टी:बमुण्ड,जिला:टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर (प्राचीन मठ)
ग्राम : पुजाल्डी,पोस्ट ऑफिस: कखवाड़ी,पट्टी:बमुण्ड, जिला : टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

पुजारी: लेखवार परिवार,
ग्राम: पुजाल्डी, पट्टी- बमुण्ड, विकासखंड- चम्बा, जिला: टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड (भारत).
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*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩**सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,**शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*🌻शुभ प्...
15/03/2023

*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩*
*सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,*
*शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*

🌻शुभ प्रभात शुभ दिन🌻

**आदिशक्ति जगत जननी मां भगवती श्री सुरे सुरी सुरकण्डा भवानी आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करें। माता रानी का आशीर्बाद सदा सब पर बना रहे।**

लोकपर्व फूलदेई की हार्दिक शुभकामनाए। 🙏

"यह लेख C M Nautiyal ji द्वारा व्हाट्सएप पोस्ट "

फुलदेई पर्व- उत्तराखंड की धरती पर ऋतुओं के अनुसार अनेक पर्व मनाए जाते हैं । यह पर्व हमारी संस्कृति को उजागर करते हैं , वहीं पहाड़ aकी परंपराओं को भी कायम रखे हुए हैं । इन्हीं खास पर्वो में शामिल “फुलदेई पर्व” उत्तराखंड में एक लोकपर्व है | उत्तराखंड में इस त्योहार की काफी मान्यता है | इस त्योहार को फूल सक्रांति भी कहते हैं, जिसका सीधा संबंध प्रकृति से है । इस समय चारों ओर छाई हरियाली और नए-नए प्रकार के खिले फूल प्रकृति की खूबसूरती में चार-चांद लगा देते है | हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र महीने से ही नव वर्ष होता है और नववर्ष के स्वागत के लिए खेतो में सरसों खिलने लगती है और पेड़ो में फुल भी आने लग जाते है | उत्तराखंड में चैत्र मास की संक्रांति अर्थात पहले दिन से ही बसंत आगमन की खुशी में फूलों का त्योहार “फूलदेई” मनाया जाता है , जो कि बसन्त ऋतु के स्वागत का प्रतीक है।। चैत्र के महीने में उत्तराखंड के जंगलो में कई प्रकार के फूल खिलते है , ये फूल इतने मनमोहक व् सुन्दर होते है कि जिनका वर्णन शब्दों में नहीं किया जा सकता है | इस फूल पर्व में नन्हे-मुन्ने बच्चे प्रातः सूर्योदय के साथ-साथ घर-घर की देहली पर रंग बिरंगे फूल को चढ़ाते हुए घर की खुशहाली , सुख-शांति की कामना के गीत गाते हैं अर्थात जिसका मतलब यह है कि हमारा समाज फूलों के साथ नए साल की शुरूआत करे । इसके लिए बच्चो को परिवार के लोग गुड़, चावल व पैसे देते हैं | ज्योतिषियों के मुताबिक यह पर्व पर्वतीय परंपरा में बेटियों की पूजा, समृद्धि का प्रतीक होने के साथ ही “रोग निवारक औषधि संरक्षण” के दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। फुलदेई पर्व के दिन एक मुख्य प्रकार का व्यंजन बनाया जाता है जिसे “सयेई” कहा जाता है | फूलों का यह पर्व कहीं पूरे चैत्र मास तक चलता है , तो कहीं आठ दिनों तक । बच्चे फ्योंली, बुरांस और दूसरे स्थानीय रंग बिरंगे फूलों को चुनकर लाते हैं और उनसे सजी फूलकंडी लेकर घोघा माता की डोली के साथ घर-घर जाकर फूल डालते हैं। भेंटस्वरूप लोग इन बच्चों की थाली में पैसे, चावल, गुड़ इत्यादि चढ़ाते हैं । घोघा माता को ” फूलों की देवी” माना जाता है । फूलों के इस देव को बच्चे ही पूजते हैं। अंतिम दिन बच्चे घोघा माता की बड़ी पूजा करते हैं और इस अवधि के दौरान इकठ्ठे हुए चावल, दाल और भेंट राशि से सामूहिक भोज पकाया जाता है।

*फुलदेई पर्व के मौके पर बच्चे गीत गाते हैं।*

फूल देई, छम्मा देई,
देणी द्वार, भर भकार,
ये देली स बारम्बार नमस्कार,
फूले द्वार……फूल देई-छ्म्मा देई

मंगल गीतों के बोल का अर्थ :-

फूल देई – देहली फूलों से भरपूर और मंगलकारी हो ।
छम्मा देई – देहली , क्षमाशील अर्थात सबकी रक्षा करे ।
दैणी द्वार – देहली , घर व समय सबके लिए दांया अर्थात सफल हो ।
भरि भकार – सबके घरों में अन्न का पूर्ण भंडार हो ।
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सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर
(नजदीक :कद्दूखाल),पोस्ट ऑफिस: काणाताल, पट्टी:बमुण्ड,जिला:टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर (प्राचीन मठ)
ग्राम : पुजाल्डी,पोस्ट ऑफिस: कखवाड़ी,पट्टी:बमुण्ड, जिला : टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

पुजारी: लेखवार परिवार,
ग्राम: पुजाल्डी, पट्टी- बमुण्ड, विकासखंड- चम्बा, जिला: टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड (भारत).
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माँ भगवती सुरेश्वरि सुरकंडा भवानी टिहरी गढ़वाल में चम्बा - मसूरी मोटर मार्ग पर कद्दूखाल से डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर...

*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩**सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,**शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*🌻शुभ प्...
14/03/2023

*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩*
*सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,*
*शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*

🌻शुभ प्रभात शुभ दिन🌻

आदिशक्ति जगत जननी मां भगवती श्री सुरे सुरी सुरकण्डा भवानी आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करें। माता रानी का आशीर्बाद सदा सब पर बना रहे।

सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर
(नजदीक :कद्दूखाल),पोस्ट ऑफिस: काणाताल, पट्टी:बमुण्ड,जिला:टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर (प्राचीन मठ)
ग्राम : पुजाल्डी,पोस्ट ऑफिस: कखवाड़ी,पट्टी:बमुण्ड, जिला : टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

पुजारी: लेखवार परिवार,
ग्राम: पुजाल्डी, पट्टी- बमुण्ड, विकासखंड- चम्बा, जिला: टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड (भारत).
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माँ भगवती सुरेश्वरि सुरकंडा भवानी टिहरी गढ़वाल में चम्बा - मसूरी मोटर मार्ग पर कद्दूखाल से डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर...

*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩**सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,**शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*🌻शुभ प्...
08/02/2023

*🚩जय माँ सुरकण्डा भवानी 🚩*
*सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके,*
*शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते.*

🌻शुभ प्रभात शुभ दिन🌻

आदिशक्ति जगत जननी मां भगवती श्री सुरे सुरी सुरकण्डा भवानी आप सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार करें। माता रानी का आशीर्बाद सदा सब पर बना रहे।

सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर
(नजदीक :कद्दूखाल),पोस्ट ऑफिस: काणाताल, पट्टी:बमुण्ड,जिला:टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

सिद्ध पीठ श्री सुरकण्डा देवी मंदिर (प्राचीन मठ)
ग्राम : पुजाल्डी,पोस्ट ऑफिस: कखवाड़ी,पट्टी:बमुण्ड, जिला : टिहरी गढ़वाल,उत्तराखंड(भारत)

पुजारी: लेखवार परिवार,
ग्राम: पुजाल्डी, पट्टी- बमुण्ड, विकासखंड- चम्बा, जिला: टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड (भारत).
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माँ भगवती सुरेश्वरि सुरकंडा भवानी टिहरी गढ़वाल में चम्बा - मसूरी मोटर मार्ग पर कद्दूखाल से डेढ़ किलोमीटर की ऊंचाई पर...

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