।।रामचरितमानस।।

।।रामचरितमानस।। अहोभाग्य मम अमित अति राम कृपा सुख पुंज

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Shout out to my newest followers! Excited to have you onb...
12/09/2024

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! Suraj Chaturvedi, Pramod Kumar, Amit Kumar Amit Kumar, राजीव शुक्ला

With Megha Rani  – I just got recognized as one of their rising fans! 🎉
12/09/2024

With Megha Rani – I just got recognized as one of their rising fans! 🎉

With सुभाषित सहस्त्र – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
12/09/2024

With सुभाषित सहस्त्र – I just got recognized as one of their top fans! 🎉

गणेशोत्सव की ऐसी सजावट शायद ही किसी ने पहले कभी देखी हो...विश्वेश्वर विश्वनाथ महादेव की नगरी  #काशी और मोक्षदायिनी माँ ग...
12/09/2024

गणेशोत्सव की ऐसी सजावट शायद ही किसी ने पहले कभी देखी हो...विश्वेश्वर विश्वनाथ महादेव की नगरी #काशी और मोक्षदायिनी माँ गंगा के घाटों के विभिन्न दृश्य !! गणपती बाप्पा मोरया ! हर हर महादेव🌼🙏🚩

#आर्यवरर

With अभ्युदय – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
12/09/2024

With अभ्युदय – I just got recognized as one of their top fans! 🎉

With Gautam Sanatni Kothari – I just got recognized as one of their top fans! 🎉
12/09/2024

With Gautam Sanatni Kothari – I just got recognized as one of their top fans! 🎉

लक्ष्मण कितने शक्तिशाली थे...??14 वर्ष के वनवास के बाद जब  #भगवान  #राम वापस  #अयोध्या आये तो  #अगस्त्य ऋषि उनसे मिलने आ...
07/09/2024

लक्ष्मण कितने शक्तिशाली थे...??

14 वर्ष के वनवास के बाद जब #भगवान #राम वापस #अयोध्या आये तो #अगस्त्य ऋषि उनसे मिलने आये और #लंकायुद्ध की चर्चा छिड़ गयी। भगवान राम ने उन्हें बताया कि कैसे उन्होंने #रावण और #कुंभकर्ण जैसे उग्र नायकों को मार डाला और #लक्ष्मण ने #इंद्रजीत और #अतिकाय जैसे कई शक्तिशाली #असुरों को भी मार डाला। तब अगस्त्य ऋषि ने कहा, 'बेशक रावण और कुंभकर्ण बहुत वीर थे, लेकिन सबसे बड़ा असुर #मेघनाद (इंद्रजीत) था। उसने स्वर्ग में #देवराजइन्द्र से युद्ध किया और उन्हें बाँधकर लंका ले आया। जब ब्रह्मा ने मेघनाद से उसे छोड़ने के लिए कहा तो इंद्र को मुक्त कर दिया गया। लक्ष्मण ने सबसे शक्तिशाली व्यक्ति को मार डाला, इसलिए वह सबसे महान योद्धा बन गये। अगस्त्य ऋषि से भाई की वीरता की प्रशंसा सुनकर भगवान राम बहुत प्रसन्न हुए, लेकिन उनके मन में यह जिज्ञासा उठ रही थी कि अगस्त्य ऋषि ऐसा क्यों कह रहे हैं कि इंद्रजीत का वध रावण से भी अधिक कठिन था। भगवान राम की जिज्ञासा को शांत करने के लिए, अगस्त्य ऋषि ने कहा, "इंद्रजीत को वरदान था कि उसे कोई ऐसा व्यक्ति मार सकता है जो 12 वर्षों तक सोया नहीं था, जिसने 12 वर्षों तक किसी महिला का चेहरा नहीं देखा था और 12 वर्षों तक कुछ भी नहीं खाया था।" अगस्त्य ऋषि की बातें सुनकर भगवान राम ने कहा, 'मैं वनवास काल के दौरान 14 वर्षों तक नियमित रूप से लक्ष्मण के हिस्से के फल और फूल उन्हें दिया करता था।' "मैं सीता के साथ एक कुटिया में रहता था, बगल की कुटिया में लक्ष्मण थे, फिर उन्होंने सीता का चेहरा भी नहीं देखा और 12 साल तक सोए नहीं, यह कैसे संभव है"। लक्ष्मण को बुलाकर इस बारे में पूछा गया। फिर, उन्होंने उत्तर दिया, “जब हम पहाड़ पर गए, तो सुग्रीव ने हमसे उसके गहने दिखाकर उसे पहचानने के लिए कहा। मुझे उसके पैरों में नूपुर के अलावा कोई भी आभूषण नहीं पहचाना, क्योंकि मैंने कभी उसकी ओर देखा ही नहीं। जब आप और देवी सीता कुटिया में शयन करते थे तो मैं सारी रात बाहर पहरा देता था। जब नींद ने मेरी आँखों पर कब्ज़ा करने की कोशिश की तो मैंने अपने बाणों से मेरी आँखों को अवरुद्ध कर दिया था।” तब लक्ष्मण ने 12 वर्ष तक भूखे रहने के बारे में बताया, "मैं जो फल-फूल लाता था उसका 3 भाग तुम करते थे। तुम मुझे एक भाग देकर कहते थे- यह फल रख लो लक्ष्मण। तुमने मुझसे कभी फल खाने को नहीं कहा।" - तो फिर आपकी इजाजत के बिना मैं इसे कैसे खा सकता हूं? लक्ष्मण की ये बातें सुनकर भगवान श्री राम ने उन्हें गले लगा लिया।'' यही कारण था कि इन कठोर प्रतिज्ञाओं के कारण ही वे मेघनाथ को मारने का साहसी कार्य कर सके और वीर योद्धा कहलाये।

🔴🚩जय श्रीराम 🚩🔴

#आर्यवर्त

भरोसा कीजिये तो भरत जी जैसा कीजिये...किसी पर विश्वास कीजिये, आस्था रखिये तो ऐसी रखिये जैसी भरत जी ने राम जी पर रखी।रामचर...
07/09/2024

भरोसा कीजिये तो भरत जी जैसा कीजिये...

किसी पर विश्वास कीजिये, आस्था रखिये तो ऐसी रखिये जैसी भरत जी ने राम जी पर रखी।

रामचरित मानस में एक प्रकरण आता है, जब हनुमान जी कहते हैं-

"सुमिरि पवनसुत पावन नामू।
अपने बस करि राखे रामू।।"

अर्थात, मानस की इस चौपाई में हनुमान जी भगवान श्रीराम जी से कह रहे हैं, "सब कहते हैं कि हनुमानजी ने राम नाम का जाप करके श्री रामजी को अपने वश में कर रखा है। परन्तु, हे प्रभु आज मेरा यह भ्रम टूट गया कि मैं ही सबसे बड़ा भक्त अर्थात राम नाम का जाप करने वाला हूँ।"

हनुमान जी की बात सुनकर प्रभु श्रीराम मुस्कुराकर पूछते हैं, "हे हनुमंत, तुम्हें ऐसा क्यों लग रहा है?!"

हनुमान जी उन्हें बताते हैं, "हे प्रभु, जब मैं संजीवनी बूटी लाने गया था, और संजीवनी बूटी को न पहचानने के कारण पूरा पहाड़ ही उठा कर उड़ा चला आ रहा था, तब भरत जी ने मुझे कोई राक्षस समझकर बाण मारकर गिरा दिया था। पर जब मैंने उन्हें सच्चाई बताई तो वे जरा भी विचलित नहीं हुए। उन्होंने मुझे ठीक करने के लिए कोई वैध नहीं बुलवाया और न ही कोई बूटी मंगवाई। वे तो अपने स्थान से हिले भी नहीं। उन्होंने वहीं बैठे-बैठे पूर्ण विश्वस के साथ आपको स्मरण किया।"

भरत जी श्रीराम जी को स्मरण करते हुए सम्बोधित करते हैं-

"जौ मोरे मन बच अरू काया।
प्रीति राम पद कमल अमाया।।
तौ कपि होउ बिगत श्रम सूला।
जौ मो पर रघुपति अनुकूला।।"

अर्थात, भरत जी कहते हैं, "यदि मन वचन और शरीर से श्री राम जी के चरण कमलों में मेरा निष्कपट प्रेम हो और यदि रघुनाथ जी मुझ पर प्रसन्न हों तो यह वानर थकावट और पीड़ा से रहित हो जाए।"

"सुनत बचन उठि बैठ कपीसा।
कहि जय जयति कोसलाधीसा।।"

हनुमान जी श्रीराम जी को बताते हैं, "हे प्रभु, भरत जी के यह वचन सुनते ही मैं राम नाम जपता हुआ ऐसे उठ बैठा, जैसे मुझे कुछ हुआ ही न हो।"

इस घटना से हनुमान जी बहुत प्रभावित हुए। वे बोले, "प्रभु, मुझे संजीवनी बूटी लेने भेजना तो एक बहाना मात्र था। आप मुझे वहां भेजकर मेरी अहंकार रूपी मूर्छा तोड़ना चाहते थे। भरत जी से मिलकर मैंने जाना कि मैं राम नाम तो लेता हूँ, पर भरोसा भरत जी जैसा नहीं करता। भरत जी से मिलकर मेरा यह भ्रम टूट गया कि मुझसे बड़ा रामभक्त और दूसरा कोई नहीं। भरत जी सच्चे रामभक्त हैं। उन्होंने पूरे विश्वास से राम नाम जपा है। मेरे गिरने पर वे जरा भी विचलित नहीं हुए, केवल आपको स्मरण किया, और अपने स्थान पर बैठे-बैठे ही उनका काम बन गया।"

अतः, भरोसा कीजिये तो भरत जी जैसा। भरोसा ईश्वर पर, भरोसा गुरु पर, भरोसा माता-पिता पर, भरोसा मित्रों पर, भरोसा मनुष्यों पर। जब आप निश्छल मन से भरोसा करते हैं, तब ऐसा कभी नहीं होता कि आपके किसी भी कार्य में बाधा आये। और अगर बाधा आ रही है तो आपको अपना आकलन करने की आवश्यकता है, नाकि जिसपर विश्वास किया है उसका...

जय जय राम🙏

#आर्यवर्त

तुलसीदास जी एक बार वृन्दावन गए, यह जानकर कि "राम ही कृष्ण है, कृष्ण ही राम हैं" पर वृन्दावन में सभी भक्त जन राधे-राधे बो...
07/09/2024

तुलसीदास जी एक बार वृन्दावन गए, यह जानकर कि "राम ही कृष्ण है, कृष्ण ही राम हैं" पर वृन्दावन में सभी भक्त जन राधे-राधे बोलते है। तुलसीदास जी मन ही मन सोच रहे कोई कि तो राम राम बोलेगा लेकिन कोई नहीं बोलता। जहाँ से देखो सिर्फ एक आवाज राधे राधे। श्री राधे-श्री राधे।हरे कृष्णा, हरे राधे।
मांगू तुमसे क्या मैं रघुवर,
क्या मैं पाने लायक हूं,
कैसे मांगू प्यार आपका,
सब कहते न-लायक हूं,
जब कृपा करी तुलसी पर,
तब वो तुलसीदास हुए,
वैसे कृपा करो मुझ पर,
पूरी मेरी सब आस होवे।

अब तुलसी दास जी मन ही मन विचार कर रहे हैं क्या यहाँ राम जी से बैर है लोगों का..

वृन्दावन ब्रजभूमि में कहाँ राम सो बेर
राधा राधा रटत हैं आक ढ़ाक अरू खैर।

इन्होंने जब श्रीमदनमोहन जी को दण्डवत प्रणाम किया तो परशुरामदास नाम के पुजारी ने व्यंग किया-
अपने अपने इष्टको, नमन करे सब कोय।
बिना इष्ट के परशुराम नवै सो मूरख होय।।

श्रीगोस्वामीजी के मन में श्रीराम—कृष्ण में कोई भेदभाव नहीं था, परन्तु पुजारी के कटाक्ष के कारण आपने हाथ जोड़कर श्रीठाकुरजी से कहा। हे ठाकुर जी! हे राम जी! मैं जनता हूँ की आप ही राम हो आप ही कृष्ण हो लेकिन आज आपके भक्त में मन में भेद आ गया है।

आपको राम बनने में कितनी देर लगेगी आप राम बन जाइये ना!
कहा कहों छवि आज की, भले बने हो नाथ।
तुलसी मस्तक नवत है, धनुष बाण लो हाथ।।
ये मन की बात बिहारी जी जान गए और फिर देखिये क्या हुआ-
कित मुरली कित चन्द्रिका, कित गोपिन के साथ।
अपने जन के कारणे, कृष्ण भये रघुनाथ।।
फिर क्या था आज कृष्ण भी भगवान राम रूप में दर्शन दे रहे हैं। और बाबा मन ही गदगद हैं। लिखते हैं कि
जाकी रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखि तिन्ह तैसी।

फिर बाबा जी ने लिखा कि पाने के लिए प्रेम होना चाहिए
"प्रभु व्यापक सर्वत्र समाना, प्रेम ते प्रगट होहि मैं जाना।"
और मन निर्मल होना चाहिए क्योंकि कपटी लोग तो मुझे देखते नहीं सुहाते हैं।
निर्मल मन जन सो मोहि पावा, मोहि कपट छल छिद्र न भावा।
कुमार आलोक।

#आर्यवर्त

जय श्री रामभगवान राम का नाम लेने मात्र से ही जन्म-जन्मांतरके पाप धुल जाते हैं।भगवान राम को प्रसन्न करने के लिए कई स्तुति...
07/09/2024

जय श्री राम

भगवान राम का नाम लेने मात्र से ही जन्म-जन्मांतर
के पाप धुल जाते हैं।

भगवान राम को प्रसन्न करने के लिए कई स्तुतियां,मंत्र,
आरती आदि की रचना की गई है।

इनके माध्यम से श्रीराम को आसानी से प्रसन्न किया जा
सकता है।

ऐसी ही एक स्तुति का वर्णन रामचरितमानस के अरण्यकाण्ड में आया है।

भगवान राम की यह स्तुति मुनि अत्रि द्वारा की गई है।

भगवान राम इस स्तुति का पाठ करने वाले भक्त पर प्रसन्न होते हैं तथा उसकी हर मनोकामना पूरी करते हैं।

यह राम स्तुति इस प्रकार है–अत्रि मुनि द्वारा स्तुति;-

नमामि भक्त वत्सलम्।
कृपालु शील कोमलम्॥
भजामि ते पदांबुजम्।
अकामिनाम् स्वधामदम्॥

निकाम् श्याम् सुंदरम्।
भवाम्बुनाथ मंदरम्॥
प्रफुल्ल कंज लोचनम्।
मदादि दोष मोचनम्॥

प्रलंब बाहु विक्रमम्।
प्रभोऽप्रमेय वैभवम्॥
निषंग चाप सायकम्।
धरम् त्रिलोक नायकम्॥

दिनेश वंश मंदनम्।
महेश चाप खंदनम्॥
मुनींद्र संत रंजनम्।
सुरारि वृन्द भंजनम्॥

मनोज वैरि वंदितम्।
अजादि देव सेवितम्॥
विशुद्ध बोध विग्रहम्।
समस्त दूषणापहम्॥

नमामि इंदिरा पतिम्।
सुखाकरम् सताम् गतिम्॥
भजे सशक्ति सानुजम्।
शची पति प्रियानुजम्॥

त्वदंघ्रि मूल ये नराह।
भजंति हीन मत्सराह॥
पतंति नो भवार्णवे।
वितर्क वीचि संकुले॥

विविक्त वासिनह सदा।
भजंति मुक्तये मुदा॥
निरस्य इंद्रियादिकम्।
प्रयांति ते गतिम् स्वकम्॥

तमेकमद्भुतम् प्रभुम्।
निरीहमीश्वरम् विभुम्॥
जगद्गुरुम् च शाश्वतम्।
तुरीयमेव केवलम्॥

भजामि भाव वल्लभम्।
कुयोगिनाम् सुदुर्लभम्॥
स्वभक्त कल्प पादपम्।
समम् सुसेव्यमन्वहम्॥

अनूप रूप भूपतिम्।
नतोऽहमुर्विजा पतिम्॥
प्रसीद मे नमामि ते।
पदाब्ज भक्ति देहि मे॥

पठंति ये स्तवम् इदम्।
नरादरेण ते पदम्॥
व्रजंति नात्र संशयम्।
त्वदीय भक्ति संयुताह॥

🚩🔴जय श्री राम जी🔴🚩

#आर्यवर्त

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! मेरे नए फ़ॉलोअर्स का स्वागत है! आपसे जुड़ना मेरे लिए खुशी...
06/09/2024

Shout out to my newest followers! Excited to have you onboard! मेरे नए फ़ॉलोअर्स का स्वागत है! आपसे जुड़ना मेरे लिए खुशी की बात है! Arvind Keshari, Abhishek Kumar, Anupam Mangal, Ravindra Chaudhari, Vivek Srivastava, Satyaprash Kumar, Sanosh Kumar Acharya, Jayram Ray, Ram Gopal, Vijayshrma VijayKumar, Rajesh Jaiswal, Kst Thakur, Ramesh Chandra Sharma, Pankaj Kumar Singh, Vedpal Kasyap, C. M. Pandeyp Pandey, AshoklAl Anil, Sonu Patel, Sansar Singh Nehi

Address

Surendranagar District

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when ।।रामचरितमानस।। posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to ।।रामचरितमानस।।:

Share