Bhaktidham Ashram

Bhaktidham Ashram माँ अष्ट भुजा अंबिका आशीर्वाद

जय अंबे  #जय  #अब  #मातारानी #जय अंबे
07/10/2025

जय अंबे
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29/09/2025
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09/04/2024

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16/01/2024

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14/01/2024

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वास्तु के अनुसार क्या हो मंदिर की दिशा जिससे आए घर में समृद्धिMandir Direction in Home: ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग शांत ...
08/01/2022

वास्तु के अनुसार क्या हो मंदिर की दिशा जिससे आए घर में समृद्धि
Mandir Direction in Home: ईश्वर की प्राप्ति का मार्ग शांत मन और सरल हृदय से होकर गुजरता है। जब भी इंसान व्याकुल होता है तो शांति की तलाश में ईश्वर की भक्ति का ही सहारा लेता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने दिन की शुरुआत पूजा जैसे शुभ काम से करना चाहता है जिससे उसका सारा दिन अच्छे से गुजरे। वहीं पूजा करने से सकारात्मकता का संचार घर में भी होता है।
यही वजह है कि घर में हर कोई पूजा घर जरूर बनवाता है जहां वह भगवान की पूजा व प्रार्थना कर सके। वास्तव में पूजा का स्थान घर में उसी स्थान में होना चाहिए जो वास्तु सम्मत हो। परन्तु कई बार अनजाने में अथवा अज्ञानवश पूजा स्थान का चयन गलत दिशा में हो जाता है। परिणामस्वरूप जातक को उस पूजा का सकारात्मक फल नहीं मिल पाता है। घर में कई तरह की परेशानियों का कारण भी घर में गलत दिशा में बना पूजा घर हो सकता है।
प्राचीन समय में तो इसके लिए घरों में ही बड़े-बड़े मंदिरों का निर्माण कराया जाता था। परंतु आज के समय शहरों में इतनी ज्यादा भीड़-भाड़ होने की वजह से घरों में अलग से मंदिर तो नही बनाया जा सकता लेकिन घर के एक कोने में मंदिर की स्थापना जरूर की जा सकती है जो कि इंसान के मन को शांति प्रदान कर सकती है। घर में मंदिर की सही स्थिति वास्तु के अनुसार निर्धारित होती है। मंदिर निर्माण के वक़्त यदि सही तरीके से वास्तु का ध्यान रखा जाये तो ये छोटी सी चीजें आपके जीवन में खुशहाली और समृद्धि लेकर आ सकती हैं।

08/01/2022

शाकंभरी नवरात्रि
10-01-2022

09/12/2021

वास्तु दोष
जिन के घर का मुख दक्षिण में हो, वे अपने घर के दरवाजे के बाहर एक गमले में आम का पौधा लगायें और गुरुमंत्र का जप करें ।

गंगा स्नान का फल
"जो मनुष्य आँवले के फल और तुलसीदल से मिश्रित जल से स्नान करता है, उसे गंगा स्नान का फल मिलता है ।" (पद्म पुराण , उत्तर खंड)

चिंता, कष्ट, बीमारी निवृति के लिए
जिनके घर में चिंता, कष्ट और बीमारी ज्यादा है | भविष्य पुराण में आया है की मार्गशीर्ष मास में शुक्ल पक्ष की सप्तमी माने 10 दिसम्बर 2021 को शुक्रवार के दिन सुबह सूर्य भगवान को तिल के तेल का दीपक दिखाये अर्घ्य दे |*
सूर्य भगवान को अर्घ्य दो तो इस भाव से – मन में एक बार स्मरण कर लेना की भगवत गीता में आपने कहाँ है – “ज्योति श्याम रविरंशुमान” ये ज्योतियों में सूर्य मै हूँ .... तो मेरा अर्घ्य स्वीकार करो | मेरा ये प्रणाम स्वीकार करें |*
तो उस दिन लोटे में चावल, तिल, कुंम-कुम, केसर डालकर अर्घ्य दें | केसर न हो तो ऐसे ही कुंम-कुम डाल दें अर्घ्य दें, तिल का दिया दिखा दें |
फिर घर में भोजन बने और सब खाये उसके पहले दही और चावल थाली में लेकर सूर्य भगवान को भोग लगाये और प्रार्थना करें हमारे घर में आपके लिए ये प्रसाद तैयार किया है ये नैवेद्य आप सूर्य भगवान स्वीकार करें और हमारे घर में सब प्रकार से आनंद छाया रहे, सब निरोग रहें, दीर्घायु बने | ऐसा करके उनको भोग लगाये और प्रसाद थोडा-सा छ्त पर रख दें घर के लोग भी प्रसाद में दही-चावल खुद भी खा लें

जय अंबे

23/11/2021

Jay Ambe

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Puna Kumbhariya Road. Magob
Surat
395010

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Tuesday 7am - 10:30pm
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