17/07/2023
Date: 17.07.2023
मीठे बच्चे अभी तुम बाप, टीचर, सतगुरु तीनों के
सम्मुख बैठे हो, बाप की यही कृपा है जो टीचर बन तुम्हें
पढ़ा रहे हैं, सतगुरु बन साथ में ले जायेंगे
हमारा कर्तव्य है - बाप समान सबको पढ़ाना क्योंकि अभी
बुद्धि का ताला खुला है। जैसे हम वर्सा ले रहे हैं ऐसे
रहमदिल बन दूसरों को भी वर्सा दिलाना है ।
पढ़ाई में मात-पिता को फालो करना है। खुशी में
रहना है कि ऊंचे ते ऊंचे धाम से भगवान् हमें पढ़ाने
आते हैं।
अब हमें वापस स्वीटहोम जाना है, इसलिए अश
बनने का अभ्यास करना है। देह सहित सब कुछ भूल
जाना है।
वरदान:आवाज से परे श्रेष्ठ स्थिति में स्थित रह शान्ति की शक्ति
का अनुभव करने वाले मा. बीजरूप भव
स्लोगन:महान आत्मा वह है जिसका हर बोल महावाक्य है ।