Dargha Pancho Piran Shareef Sultanpur Uttar prades

Dargha Pancho  Piran Shareef  Sultanpur Uttar prades This is Official Dargha Pancho piran Page
Created by Dargha khadim Nadeem Ali Khan

14/08/2026

15 August 2026
Dargha pancho piran balkhi nagar Sultanpur Uttar Pradesh

अगर कोई शख्स झूठ बोलकर, धोखा देकर ज़मीन हड़पता है और फिर पुलिस को रिश्वत (पैसे) देकर मज़लूम और उसके घरवालों पर ज़ुल्म कर...
07/07/2026

अगर कोई शख्स झूठ बोलकर, धोखा देकर ज़मीन हड़पता है और फिर पुलिस को रिश्वत (पैसे) देकर मज़लूम और उसके घरवालों पर ज़ुल्म करता है, तो इस्लाम में इसका अंजाम और भी ज़्यादा भयानक है। इस सिलसिले में इस्लामी नज़रिए से चंद अहम बातें दर्ज़-ए-ज़ैल हैं:
​झूठ और धोखा (Fraud): इस्लाम में झूठ बोलकर या धोखा देकर किसी का माल हासिल करना "हराम" है। रसूल-ए-अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया है कि जो धोखा दे, वो हम में से नहीं है। ऐसे शख्स का ये अमल शरीयत की नज़र में शैतान का रास्ता है।
​रिश्वत (Bribery): पुलिस को पैसे देकर या किसी को रिश्वत देकर ना-हक काम करवाना और किसी मज़लूम को उसके हक से महरूम करना इस्लाम में सख्त गुनाह है। रिश्वत लेने और देने, दोनों पर अल्लाह की लानत (फटकार) है।
​मज़लूम पर मज़ीद ज़ुल्म: जब कोई ज़ालिम ताक़त का गलत इस्तेमाल करके (जैसे पुलिस का डर दिखा कर) मज़लूम और उसके घरवालों को सताता है, तो वो "ज़ुल्म दर ज़ुल्म" का मुर्तकिब हो रहा है। इस्लाम में ऐसी हरकत करने वाला अल्लाह के ग़ज़ब (नाराज़गी) को दावत देता है।
​आखिरत की पकड़: कयामत के दिन जब अदल-ओ-इंसाफ होगा, तो ये रिश्वत और ताक़त का इस्तेमाल ज़ालिम के लिए मुसीबत बन जाएगा। वहां कोई रिश्वत या दुनिया की पहुंच काम नहीं आएगी। ज़ालिम को मज़लूम के हुकूक अदा करने होंगे।
​दुनिया में इंसाफ की कोशिश: इस्लाम में मज़लूम को ये इजाज़त दी गई है कि वो अपने हक के लिए कानूनी और जायज़ रास्ते अपनाए। अगर पुलिस गलत कर रही है, तो उसके ऊपर के अधिकारियों (ऑफिसर्स) से शिकायत करना या अदालत का दरवाज़ा खटखटाना एक ज़िम्मेदाराना अमल है।
​इस्लाम की नज़र में:
ऐसा शख्स जो झूठ, धोखे, और रिश्वत का सहारा लेकर किसी के घर पर ज़ुल्म करता है, वो अपने ईमान का सौदा कर रहा है। इस्लाम में ऐसी कारकर्दगी को "फसाद-फिल-अर्ज़" (ज़मीन पर फ़ितना या फ़साद फैलाना) माना जाता है, जिसकी सज़ा दुनिया और आखिरत दोनों में बहुत भयानक है।
​मज़लूम को चाहिए कि वो अल्लाह पर भरोसा रखे, सब्र से काम ले, और हर मुमकिन कानूनी रास्ता इख्तियार करे, क्योंकि अल्लाह ज़ुल्म करने वालों को कभी पसंद नहीं करता।

इस्लाम में किसी भी बे-गुनाह इंसान पर ज़ुल्म करना, उसे सताना, या ना-हक किसी की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लेना बहुत बड़ा गुनाह और...
07/07/2026

इस्लाम में किसी भी बे-गुनाह इंसान पर ज़ुल्म करना, उसे सताना, या ना-हक किसी की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लेना बहुत बड़ा गुनाह और सख्त हराम काम है। इसके बारे में इस्लाम की तालीमात ये हैं:
​ज़मीन पर ना-हक कब्ज़ा करना: रसूल-ए-अकरम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया, "जिस शख्स ने किसी की एक बालिशत ज़मीन भी ना-हक दबाई, तो कयामत के दिन उसके गले में सात ज़मीनों का तौक (बोझ) डाला जाएगा।"
​ज़ुल्म का अंजाम: इस्लाम में ऐसे शख्स को "ज़ालिम" (ज़ुल्म करने वाला) कहा जाता है। अल्लाह तआला ज़ुल्म को बिल्कुल पसंद नहीं फरमाता। ज़ुल्म कयामत के दिन गहरी तारीकी (अंधेरे) की शक्ल में होगा।
​हुकूक-उल-इबाद का मामला: ये इंसानों के हक का मामला है। अल्लाह तआला अपने हक (हुकूक-उल्लाह) तो माफ कर सकता है, लेकिन बंदों के हक तब तक माफ नहीं होते जब तक वो बंदा खुद माफ न कर दे। कयामत के दिन ज़ालिम को अपनी नेकियां मज़लूम को देनी पड़ेंगी।
​मज़लूम की बद्दुआ: मज़लूम की बद्दुआ से बचने की हिदायत दी गई है, क्योंकि मज़लूम और अल्लाह के दरमियान कोई पर्दा नहीं होता।
​इस गुनाह से बचने का रास्ता:
​तौबा करना: अल्लाह से सच्ची तौबा करना।
​हक वापस करना: जिसकी ज़मीन है, उसे फौरन वापस करनी चाहिए और उससे माफी मांगनी चाहिए। जब तक वो ज़मीन वापस नहीं की जाएगी और वो शख्स माफ नहीं करेगा, तब तक ये गुनाह माफ नहीं होगा।

Karbala ko talwaron ne khatm nahi kiya…Qafila-e-Asiri ne usse zinda rakha.Bibi Zainab (s.a.) ke khutbon neaur Imam Zainu...
02/07/2026

Karbala ko talwaron ne khatm nahi kiya…
Qafila-e-Asiri ne usse zinda rakha.
Bibi Zainab (s.a.) ke khutbon ne
aur Imam Zainul Abideen (a.s.) ke sabr ne
Karbala ko qayamat tak amar kar diya

Karbala sirf 10 Muharram tak khatam nahi hui thi…
Asal mein Karbala ka paighaam us waqt aur zyada zinda hua, jab Qafila-e-Asiri zulm ke baad bhi sar jhuka kar nahi, haq ki awaaz bankar aage badha.
Imam Zainul Abideen (a.s.) aur Bibi Zainab (s.a.) ne duniya ko bata diya ke
Hussain (a.s.) ko shahid to kiya ja sakta hai, lekin Hussainiyat ko mitaya nahi ja sakta.
Talwar j**m ko zakhmi kar sakti hai,
lekin Zainab (s.a.) ka khutba aur Sajjad (a.s.) ka sabr
Karbala ko qayamat tak zinda rakhne ke liye kaafi tha.
Ya Hussain (a.s.) 🖤
Ya Zainab (s.a.) 🖤

27/06/2026

Pancho piran Sultanpur muharram julus

Aaj Ashura julus Pancho piran balkhi nagar Sultanpur mein Nikla uski kuch Khubsurat Tasveer aapke liye
26/06/2026

Aaj Ashura julus Pancho piran balkhi nagar Sultanpur mein Nikla uski kuch Khubsurat Tasveer aapke liye

Masha Allah pancho piran balkhi nagar Sultanpur ki Tajiya
25/06/2026

Masha Allah pancho piran balkhi nagar Sultanpur ki Tajiya

7 मुहर्रम की अहमियत और वाकया:​पानी की बंदिश: कर्बला की जंग के दौरान 7 मुहर्रम को इमाम हुसैन (अ.) और उनके साथियों के लिए ...
23/06/2026

7 मुहर्रम की अहमियत और वाकया:
​पानी की बंदिश: कर्बला की जंग के दौरान 7 मुहर्रम को इमाम हुसैन (अ.) और उनके साथियों के लिए दरिया-ए-फरात (फरात नदी) का पानी बंद कर दिया गया था। यजीदी फौज ने इमाम के खेमों (तंबुओं) का मुहासरा (घेराव) कर लिया था ताकि उन तक पानी न पहुँच सके।
​शदीद प्यास का आगाज़: इस दिन से इमाम हुसैन (अ.) के काफिले पर प्यास का एक ऐसा दौर शुरू हुआ जो कर्बला की शहादत तक जारी रहा।
​हज़रत अब्बास (अ.) की बहादुरी: 7 मुहर्रम को हज़रत अब्बास (अ.) की उस कोशिश और बहादुरी के लिए भी याद किया जाता है, जो उन्होंने अपने परिवार और मासूम बच्चों के लिए पानी लाने के लिए की थी।

Masha Allah Aaj jumeraat 2 Muharram 2026 dargah Pancho piran balkhi nagar Sultanpur Uttar Pradesh ka manjar             ...
18/06/2026

Masha Allah Aaj jumeraat 2 Muharram 2026 dargah Pancho piran balkhi nagar Sultanpur Uttar Pradesh ka manjar

Address

Gomti River
Sultanpur
228118

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Dargha Pancho Piran Shareef Sultanpur Uttar prades posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share