12/05/2026
Mishkat | मिश्कात- 02 - مشکوٰۃ
हज़रत उमर-बिन-ख़त्ताब बयान करते हैं कि हम एक दिन रसूलुल्लाह ﷺ की ख़िदमत में हाज़िर थे कि इस दौरान में एक आदमी हमारे पास आया जिसके कपड़े बहुत ही सफ़ेद और बाल बहुत ज़्यादा स्याह थे। उसपर सफ़र के आसार नज़र आते थे। न हममें से कोई उसे जानता था। यहाँ तक कि वो दो ज़ानू हो कर नबी (सल्ल०) के सामने बैठ गया और उसने अपने दोनों हाथ अपनी जाँघों पर रख लिये और कहा : मुहम्मद ﷺ ! इस्लाम के मुताल्लिक़ मुझे बताएँ आप ﷺ ने फ़रमाया : इस्लाम ये है कि तुम गवाही दो कि अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद नहीं। और ये कि मुहम्मद अल्लाह के रसूल हैं। नमाज़ क़ायम करो, ज़कात अदा करो, रमज़ान के रोज़े रखो और अगर ताक़त हो तो बैतुल्लाह का हज करो। उसने कहा : आप ने सच फ़रमाया। हमें उससे ताज्जुब हुआ कि वो आप से पूछता है और आप की तस्दीक़ भी करता है। उसने कहा : ईमान के बारे में मुझे बताएँ। आप ﷺ ने फ़रमाया : ये कि तुम अल्लाह पर उसके फ़रिश्तों, उसकी किताबों, उसके रसूलों और आख़िरत के दिन पर ईमान लाओ और तुम तक़दीर के अच्छा और बुरा होने पर ईमान लाओ। उसने कहा : आप ने सच फ़रमाया। फिर उसने कहा : एहसान के बारे में मुझे बताएँ। आप ﷺ ने फ़रमाया : ये कि तुम अल्लाह की इबादत इस तरह करो मानो तुम उसे देख रहे हो और अगर तुम उसे नहीं देख सके तो वो यक़ीनन तुम्हें देख रहा है। उसने कहा : क़ियामत के बारे में मुझे बताएँ। आप ﷺ ने फ़रमाया : जवाबदेह उसके मुताल्लिक़ सवाल करने वाले से ज़्यादा नहीं जानता। उसने कहा : उसकी निशानियों के बारे में मुझे बता दें। आप ﷺ ने फ़रमाया : ये कि लौंडी अपनी मालिका को जन्म देगी और ये कि तुम नंगे पाँव नंगे बदन तंग-हाल बकरियों के चरवाहों को बुलन्द इमारतों की तामीर और उन पर फ़ख़्र करते हुए देखोगे। उमर (रज़ि०) ने फ़रमाया : फिर वो शख़्स चला गया। में कुछ देर ठहरा। फिर आप ﷺ ने मुझ से पूछा : उमर! क्या तुम जानते हो सवाल करने वाला कौन था? मैंने कहा : अल्लाह और उसके रसूल बेहतर जानते हैं। आप ﷺ ने फ़रमाया : वो जिब्रील (अलैहि०) थे। वो तुम्हें तुम्हारा दीन सिखाने के लिये तुम्हारे पास तशरीफ़ लाए थे। (मुस्लिम)