11/06/2026
सिहागावाली में गूंजा 'नंद के आनंद भयो', भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
सिहागावाली। सिहागावाली स्थित श्री इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर भक्ति का अनूठा सैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास पूज्य पंडित रामावतार जी पारीक महाराज ने अपनी सुमधुर वाणी से भक्त प्रह्लाद चरित्र, गजेन्द्र मोक्ष, समुद्र मंथन, वामन अवतार, श्रीराम जन्म तथा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दिव्य प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
भक्ति और समर्पण का दिया संदेश
कथा व्यास महाराज श्री ने बताया कि भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति के कारण ही भगवान नरसिंह को प्रकट होना पड़ा, जिन्होंने अधर्म का नाश कर धर्म की विजय का संदेश दिया। गजेन्द्र मोक्ष प्रसंग के माध्यम से उन्होंने शरणागति का महत्व समझाते हुए कहा कि सच्चे मन से की गई पुकार पर प्रभु अवश्य कृपा करते हैं।
इसके बाद समुद्र मंथन की कथा से जीवन में धैर्य, परिश्रम और संयम का महत्व समझाया गया, वहीं वामन अवतार प्रसंग में राजा बलि के अभिमान को हरकर भक्ति और समर्पण की महिमा को रेखांकित किया गया।
सजीव झांकी और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम
जैसे ही कथा में श्रीराम जन्मोत्सव और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के प्रसंग आए, पूरा पंडाल 'जय श्रीराम' और 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। इस अवसर पर भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की अत्यंत मनमोहक और अलौकिक सजीव झांकी सजाई गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं की भारी भीड़ भक्ति के रस में डूबकर झूमने और नाचने लगी। हर तरफ उत्साह और आनंद का माहौल नजर आया।
खिलौने और प्रसाद वितरण
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के इस पावन मौके पर उत्सव की खुशियां दोगुनी हो गईं जब समिति और भक्तों की ओर से बच्चों को खिलौने, गुब्बारे और टॉफियां वितरित की गईं। खिलौने पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। कथा के समापन पर भगवान की महाआरती की गई और भारी संख्या में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद वितरित किया गया।
जय श्री राधे कृष्ण। 🙏🏻🕉️