24/10/2025
पद्मानने पद्म विपद्मपत्रे,
पद्मप्रिये पद्मदलायताक्षि
विश्व प्रिये विश्व मनोऽनुकूले,
त्वत्पाद पद्मं मयि सन्निधत्स्व🌹
भावार्थ:- हे लक्ष्मी देवी!आप कमल मुखी, कमल पुष्प पर विराजमान, कमल-दल के समान नेत्रों वाली, कमल पुष्पों को पसंद करने वाली हैं। सृष्टि के सभी जीव आपकी कृपा की आकांक्षा करते हैं 🌹