30/08/2023
#चुल्लू_भर_पानी_में_डूब_मरो
https://bit.ly/daruvan-ki-katha-shiv-puran
[🔶गीता अध्याय 16 श्लोक 23-24 में स्पष्ट किया है कि जो साधक शास्त्रविधि त्यागकर अपनी इच्छा से मनमाना आचरण करता है यानि जो भक्ति की साधना शास्त्रों में वर्णित नहीं है, उसे करता है तो उसे न तो सुख प्राप्त होता है, न उसे भक्ति शक्ति यानि सिद्धि प्राप्त होती है तथा न उसकी गति यानि मुक्ति होती है।