Bihar Politics,Historical monuments & Education system

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Bihar Politics,Historical monuments & Education system Bihar certainly bears the heavy weight of history, but bears it with much sensitivity and awareness.

Bihar is a land blessed with beauty both metaphysical and physical.

जेएनयू विवाद: कन्हैया की रिहाई की मांग पर छात्रों ने रोकी ट्रेनपटना. JNU कांड में आरोपी छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ज...
19/02/2016

जेएनयू विवाद: कन्हैया की रिहाई की मांग पर छात्रों ने रोकी ट्रेन

पटना. JNU कांड में आरोपी छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार जेल में बंद हैं और बाहर छात्र उनकी रिहाई के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बिहार में शुक्रवार को छात्रों ने कन्हैया की रिहाई की मांग को लेकर दरभंगा, मधुबनी और खगड़िया में ट्रेन रोक दिया।
बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रोका
- शुक्रवार सुबह से ही कन्हैया की जमानत की मांग लिए बड़ी संख्या में छात्र दरभंगा स्टेशन पर जुट गए।
- रेल लाइन पर आकर छात्रों ने ट्रेनों के आने-जाने पर रोक लगा दी।
- छात्र बिहार संपर्क क्रांति को रोककर उसके इंजन पर चढ़ गए और नारे लगाने लगे।
- छात्रों ने करीब 20 मिनट तक ट्रेन को रोके रखा। इससे पहले छात्रों ने डीएम को कन्हैया के जमानत संबंधी ज्ञापन भी दिया।
- दूसरी ओर छात्रों ने मधुबनी स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन को रोककर कन्हैया की रिहाई की मांग की।
- छात्र राजद संगठन ने खगड़िया स्टेशन पर जानकी एक्सप्रेस ट्रेन को रोका।
- उन्होंने कन्हैया की रिहाई की मांग के साथ केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
क्या है मामला
विवाद नौ फरवरी को जेएनयू कैम्पस में हुए कार्यक्रम को लेकर है। यह कार्यक्रम संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु की फांसी की बरसी पर हुआ था। इसमें देशविरोधी नारे लगे थे। इसके बाद कन्हैया गिरफ्तार हुआ तो उसके समर्थन में राहुल जेएनयू गए थे।

19/02/2016

बिहार दिवस के मौके पर गूंजेंगे इला अरुण के सुर

टना. बिहार दिवस के मौके पर गांधी मैदान में एक बार फिर कार्यक्रमों का गुलदस्ता पेश करने की तैयारी चल रही है। शिक्षा विभाग की ओर से कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। 22 व 23 मार्च को कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन दोनों दिन गांधी मैदान व श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में किया जाएगा।
शिक्षा विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे कार्यक्रम के अनुसार दोनों दिन कलाकारों के प्रदर्शन होंगे। स्थानीय कलाकारों को बड़ी संख्या में मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। विभाग की ओर से कलाकरों के नाम तय किए जा रहे हैं। उद्घाटन समारोह के बाद 22 मार्च को गांधी मैदान में राज्य गीत, प्रार्थना गीत व बिहार गौरव गान से सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसके बाद मशहूर पार्श्व गायिका ईला अरुण अपने सुरों का जादू बिखेरेंगी। अरुणाचल प्रदेश की गीतम अपांग का प्रदर्शन इसके बाद होगा।
वहीं, 23 मार्च को समापन समारोह के बाद राजस्थान के भुट्‌टे खान व ग्रुप, गुजराती ट्राइबल डांस सिद्दी गोमा और छवि दास महतो व ग्रुप की छऊ नृत्य की प्रस्तुति होगी।
मुशायरा के साथ-साथ होगा हास्य कवि सम्मेलन
बिहार दिवस के मौके पर इस वर्ष दो दिनों का कार्यक्रम होगा। माना जा रहा है कि 24 मई को होली मनाई जाएगी। सरकार ने इसका ख्याल रखते हुए इस वर्ष कवि सम्मेलन सह मुशायरा के साथ-साथ हास्य कवि सम्मेलन के भी आयोजन की योजना बनाई है। इस कार्यक्रम का आयोजन रवींद्र भवन में होगा।
22 मार्च को होने वाले कवि सम्मेलन सह मुशायरा में यूपी के कलीम कैसर, सत्य नारायण, नरेश सक्सेना, नुजरत आजम, नुसरत मेहरी व नवाज देवबंदी, भोपाल के राजेश जोशी, बिहार के आलोक धन्वा, अरुण कमल, खुर्शीद अकबर व संजय कुमार कुंदन, दिल्ली के दिनेश कुमार शुक्ला मुख्य रूप से शामिल होंगे। संचालन कासिम खुर्शीद करेंगे। जया टांकवी, शकील सागर त्रिपाठी, शंकर कैमूरी व मनोज कुमार झा को स्टैंड बाई में रखा गया है। हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन 23 मार्च को होगा।
इसमें यूपी के बलवीर सिंह खिचड़ी, अशोक चक्रधर, जयपुर के संपत सरल, दिल्ली के जैनेंद्र काडक, ममता शर्मा, पॉपुलर मेरठी, निश्तर प्रेमरोहवी, टांडा से शोला टांडवी, बिहार के रवींद्र राजहंस, इंदौर के पवन दीक्षित और दीपक गुप्ता के शामिल होंगे।

08/10/2015

लालू / नीतीश जवाब.

लालू ने ट्वीट किया, '' मैं मोदी को चैलेंज करता हूं कि वह मेरा शैतान वाला बयान दिखाएं, वर्ना सार्वजनिक रूप से सभी बिहारियों को शैतान कहने के लिए तुरंत माफी मांगे। मोदी ने मेरे बहाने तमाम दलितों व पिछड़ों को शैतान कहा है। दलितों व पिछड़ों की गोलबंदी से हताश आप शैतान के पीछे छुपने की कोशिश कर रहें हैं। बिहार का वंचित समाज देख रहा है कि बड़बोले प्रधानमंत्री मंहगाई, रोजगार, काले धन पर चुप क्यों है? भागवत के बयान की भर्त्सना की हिम्मत दिखाओ।''

नीतीश कुमार ने ट्वीट किया, '' मोदी बिहार चुनाव में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, वह दादरी मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्हें इस मामले पर अपनी राय बतानी चाहिए। आज मुझे वाजपेयी जी की वह बात याद आ रही है, जिसमें उन्होंने मोदी से गुजरात दंगे के बाद राजधर्म निभाने को कहा था। लेकिन आज वाजपेयी कौन बनेगा?'' पहले हमारे डीएनए को गड़बड़ बताया, फिर बिहार को बीमारू और बिहार के लोगों को दुर्भाग्यशाली। अब महागठबंधन और लालूजी के लिए शैतान शब्द का प्रयोग यह मोदीजी की मानसिकता, हताशा और बिहार के लोगों के लिए उनकी सोच को दर्शाता है।

08/10/2015

RJD सुप्रीमो पर मोदी का निशाना, पूछा- शैतान को लालू का एेड्रेस कहां से मिला?

पटना. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद पर निशाना साधा। मोदी ने बिहार के मुंगेर में हुई चुनावी रैली में कहा,'' एक बयान पर मामला बिगड़ा तो लालू ने कहा कि मेरे भीतर शैतान घुस गया था। शैतान को लालू का एेड्रेस कहां से मिला?'' बता दें कि पिछले दिनों लालू गोमांस पर एक बयान देकर विवादों में आ गए थे। मोदी लालू के इसी बयान का जिक्र कर रहे थे।
लालू ने क्या दिया था बयान?
लालू ने कहा था, ''सभ्य लोग मांस नहीं खाते हैं। हिंदू भी बीफ खाते हैं। बताइए नहीं खाते हैं क्या? मांस खाने वाला गाय, बकरा, मुर्गा नहीं देखता है।'' इस बयान पर विवाद होने पर लालू ने सफाई में कहा था कि उनके मुंह से शैतान ने ऐसी बात कहलवाई थी। (लालू का पूरा बयान पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
लालू पर मोदी ने क्या कहा?
* मोदी ने कहा, ''गुजरात में गौ पालकों ने अमूल डेयरी को खड़ा किया। यहां एक नेता क्या-क्या खा गए। उन्होंने यदुवंश को अपमानित किया। आज जब आप उनसे पूछते हो तो वे क्या-क्या आरोप लगाते हैं? यह यदुवंश का अपमान है कि नहीं? जब मामला भड़का तो कहते हैं मेरे भीतर शैतान घुस गया था।''
* मोदी ने कहा,'' मेरे मन में एक सवाल आता है। शैतान को यही एक पता क्यों मिल गया? उसे दुनिया में कहीं और ठिकाना क्यों नहीं मिलता? जैसे रिश्तेदार आता है और हम पहचान लेते हैं। वैसे लालू ने शैतान को पहचान लिया। जहां शैतान रहने की हिम्मत करता है, जहां शैतान की खातिरदारी होती है, ऐसे लोगों के लिए बिहार में जगह है क्या? शैतान ने जिसका पता खोज लिया है उस पते पर हम देखेंगे भी नहीं। अब तक हम सोचते थे हमारी लड़ाई इंसान से है। अब पता चला इंसान के अंदर शैतान घुस जाता है। अब हमारी लड़ाई शैतान से है।''
मोदी ने और क्या कहा?

* मोदी ने कहा- यहां की भीड़ यह इस बात का सबूत है कि बिहार में क्या होने वाला है? मैं सच बता दूं आपको। मैं गुजरात में कई वर्षों तक मुख्यमंत्री रहा। वहां कभी सुबह 11 बजे ऐसी रैली हो, यह नहीं हुआ। हम शाम के समय का इंतजार करते थे। मैं हैरान हूं कि आप सोते हो कि नहीं सोते हो? यह अपने आप में इस बात का सबूत है कि हवा का रुख किस ओर चल रहा है।

* पीएम ने कहा कि आज 8 अक्टूबर है। आज ही जयप्रकाश नारायण का निधन हुआ था। उनमें मौत से भी मुकाबला करने की ताकत थी। आजादी के बाद वे भ्रष्टाचार से लड़ते रहे। संपूर्ण क्रांति की चेतना जगाई। कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि जयप्रकाश चले जाएंगे। कांग्रेस ने हिन्दुस्तान को जेल के अंदर डाल दिया था। वे लोग आज कांग्रेस के साथ बैठे हैं, जिस कांग्रेस ने जेपी को जेल में डाल दिया था। राम मनोहर लोहिया कांग्रेस विरोधी थे, लेकिन उनके साथी कांग्रेस का पानी पीकर हमें कोसते रहते हैं। मुंगेर की धरती पर आया हूं तो नंद लाल बोस (तारापुर) की याद आती है। उन्होंने संविधान को नया रूप दिया था।

* मोदी ने कहा- देश के पॉलिटिकल पंडितों को इस बार राजनीतिक समीक्षा का आधार बदलने की जरूरत है। लंबे समय तक बिहार की राजनीति की चर्चा कुछ नेताओं और जातियों के इर्दगिर्द होती रही। पहली बार बिहार का चुनाव युवाओं पर केंद्रित हुआ है। पहली बार चुनाव विकास के मुद्दे पर लड़ा जा रहा है।
जंगल राज बनाम विकास

मोदी ने कहा- अभी जंगल राज की भनक आ रही है। पिछले जुलाई माह में बिहार सरकार ने जो आंकड़े घोषित किए हैं उसके अनुसार 4 हजार लोगों का अपहरण हुआ है। आप बताइए क्या फिर से अपहरण का दौड़ आना चाहिए? आने वाले समय में दशहरा आने वाला है। पहले दुर्गा पूजा पर जब बेटा कहता था कि मां दुर्गा पूजा देखने जाना है तो मां कहती थी शाम होने वाला है घर से बाहर मत जाओ। पहले जब कोई नई गाड़ी खरीदता था तो उसे डर लगता था कि कोई नेता ले जाएगा। बिहार में चुनाव विकास राज के लिए होना चाहिए, न कि जंगल राज के लिए होना चाहिए।

कभी पत्‍नी के पैर तक दबाते थे किरण बेदी के पति, पर अब नहीं कर पा रहे प्रचारनई दिल्ली. किरण बेदी के बीजेपी में आने के बाद...
04/02/2015

कभी पत्‍नी के पैर तक दबाते थे किरण बेदी के पति, पर अब नहीं कर पा रहे प्रचार

नई दिल्ली. किरण बेदी के बीजेपी में आने के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। वे सुर्खियां बटोर रही हैं। इसी बीच, उनके निजी जीवन को लेकर भी कई बातें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि वह अपने पति बृज बेदी से अलग रहती हैं। बृज अमृतसर में रहते हैं और किरण दिल्ली में। 75 साल के बृज किरण से करीब 10 साल बड़े हैं। पंजाब की एक मैगजीन को 2013 में दिए गए इंटरव्यू में किरण बेदी के पति बृज बेदी ने अपनी पत्नी के साथ रिश्तों को लेकर कई खुलासे किए थे। एक सवाल के जवाब में बृज बेदी ने कहा था, 'मैंने शुरू से तय किया था कि हम लोग (मैं और किरण) ऐसे पति-पत्नी नहीं बनेंगे जहां पत्नी किचन के काम और सिलाई-कढ़ाई में अपना सारा हुनर गंवा दे। मैं ऐसी महिला से शादी ही नहीं करता। हमारे मामले में पहले से तय था कि किरण की पोस्टिंग अक्सर बाहर रहेगी। मैं मानसिक तौर पर विजिटिंग हस्बैंड बनने के लिए तैयार था।' बृज बेदी ने रिश्ते को लेकर अपने समर्पण के बारे में बताया, 'जहां प्यार होता है, वहां ईगो नहीं होता। मैं उनके लिए खाना भी बनाता और उनके जूते भी पॉलिश करता था। जब कभी वह थकी होती थीं, तो उनके पैर भी दबाता था। मुझे कभी इन चीजों में कुछ गलत नहीं लगा।'

राजनीति में भी किरण के साथ हैं बृज बेदी

बीजेपी का दामन थाम कर दिल्ली की चुनावी दंगल में नई हलचल मचाने वाली किरण बेदी के पति बृज बेदी ने बताया, 'भले ही हम साथ नहीं रहते लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हमारे बीच मतभेद हैं।मैंने किरण से कहा कि मैं इस मामले (राजनीतिक करियर) में आपकी ज्यादा मदद नहीं कर पाऊंगा। इस पर वह बोलीं कि उन्हें केवल मेरा आशीर्वाद चाहिए।"
देश की पहली महिला आईपीएस अफसर किरण को टेनिस खेलने का शौक रहा है। उनकी बृज से पहली मुलाकात भी उसी टेनिस कोर्ट में हुई थी, जहां वह नियमित खेलने जाती थीं। फोटोग्राफी का शौक रखने वाले बृज बेदी अमृतसर में एनजीओ चलाते हैं। बेदी का कहना है कि वह अपनी पत्नी के लिए चुनाव प्रचार करना पसंद करते हैं, लेकिन उम्र अधिक होने के कारण उन्हें ऐसा करने में दिक्कत है। दोनों एक-दूसरे से दूर दिल्ली और अमृतसर में रहते जरूर हैं, लेकिन दोनों के संबंध पहले की तरह मधुर हैं। उन्होंने कहा कि किरण बेदी ने बीजेपी ज्वाइन करने से एक दिन पहले सामान्य बातचीत के दौरान इस बात की जानकारी दी थी।
बृज का कहना है कि किरण काफी सुलझी हुई हैं और गुड गवर्नेंस में विश्वास रखती हैं। वह राजनीति में पैसे कमाने के लिए नहीं आई हैं। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषक मनु सिंघवी के बयान पर एतराज जताते उन्होंने कहा कि किरण 65 साल की हैं लेकिन फिर भी जी-जान से लगी हुई हैं, तो इसमें सिंघवी को क्या समस्या है। एक दिन पहले कांग्रेस नेता ने किरण बेदी को अवसरवादी, अति महत्वाकांक्षी करार दिया था।
बीजेपी में पुख्ता पहचान वाली महिला नेताओं की भरमार
बीजेपी में इन दिनों ऐसी महिला नेताओं की भरमार है, जिनकी पहचान अपने पति से कहीं ज्यादा पुख्ता है। इनमें किरण बेदी के अलावा मीनाक्षी लेखी, स्मृति ईरानी, निर्मला सीतारमण जैसी नेता शामिल हैं। आपने मीनाक्षी के पति अमन लेखी, स्मृति ईरानी के पति जुबिन ईरानी और निर्मला के पति पराकल चंद्रबाबू के बारे में उनकी पत्नी की तुलना में बहुत कम सुना होगा।

04/02/2015

रुपये निकालने पहुंचा तो पता चला, पूरी राशि गायब

संसू, गुठनी (सिवान) : गुठनी स्थित केनरा बैंक में एक व्यक्ति के खाते से एक-एक करके तीन लाख सत्तर हजार रुपये निकल गए और ग्राहक को इसकी भनक तक नहीं लगी। मामले का खुलासा तब हुआ जब दरौली थाने के कशिहारी गांव निवासी ब्रजभूषण तिवारी अपना पैसा निकालने बैंक की गुठनी शाखा पहुंचे। घटना के संबंध में बताया जाता है कि ब्रजभूषण तिवारी एक वर्ष पहले दुबई गए थे। उन्होंने दुबई में ही अपने खाते में पैसे डाले। गत 28 जनवरी को वे अपने गांव आ गए। गांव आने के बाद जब पैसे निकालने मंगलवार को गुठनी स्थित केनरा बैंक में पहुंचे तो यह जानकर उनके होश उड़ गए कि 1 जनवरी से 28 जनवरी के बीच कई बार में रुपये की निकासी कर ली गई थी। उन्होंने खाते की जानकारी तुरंत बैंक प्रबंधक को दी तथा गुठनी थाने में आवेदन देकर उचित कार्रवाई की मांग की।
शाखा प्रबंधक शैलेश कुमार ने बताया कि एटीएम पासवार्ड की गोपनीयता भंग होने के कारण ऐसा हुआ है। अधिकांश रुपये मुम्बई से निकाले गए है। बैंक अपने स्तर से जांच कर रहा है तथा स्थानीय थाने में भी आवेदन दे दिया गया है। बैंक मैनेजर ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच साइबर क्राइम स्पेशलिस्ट से कराना चाहिए क्योंकि रुपये निकालने की घटना नेट बैंकिंग के जरिए हुई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
साल भर पहले यहीं से गायब हुए थे रुपये
यह मामला चर्चा में आने के साथ ही एक वर्ष पहले इसी बैंक से 55 लाख रुपये चोरी जाने का मामला चर्चा में आ गया है। तब कुल 55.37 हजार रुपये गायब हुए थे। इसमें भी मामला दर्ज हुआ था। श्वान दस्ते तथा फारेंसिक टीम ने भी जांच की न तो रुपये की बरामदगी हुई और न ही आरोपी गिरफ्तार हुआ।

नमो और राजनाथ ने किया फोन, तो सीएम को मिली हादसे की जानकारीपटना. गांधी मैदान में भगदड़ के 50 मिनट बाद अधिकारियों ने मुख्य...
05/10/2014

नमो और राजनाथ ने किया फोन, तो सीएम को मिली हादसे की जानकारी

पटना. गांधी मैदान में भगदड़ के 50 मिनट बाद अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को हादसे की खबर दी। वह भी तब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनसे घटना की जानकारी ली। गांधी मैदान में रावण दहन के बाद मुख्यमंत्री 6:20 बजे सीधे गया के लिए रवाना हो गए। जिलाधिकारी एसएसपी उन्हें छोड़ने भी गए। मांझी पटना से निकले और महज 15 मिनट में ही गांधी मैदान के रामगुलाम चौक की ओर निकास मार्ग से बाहर भगदड़ मच गई और एक के बाद एक लोग गिरने लगे और भीड़ उन्हें कुचलती चली गई। मात्र पांच मिनट में ही बड़ी संख्या में लोग मारे जा चुके थे। पर, मुख्यमंत्री को इसकी सूचना किसी अधिकारी ने नहीं दी। इसका परिणाम हुआ कि सीएम पटना से काफी दूर निकल गए।

इसी बीच पीएमओ और केंद्रीय गृह मंत्री ने जब उनसे घटना के बारे में बातचीत की, तो वे सन्न रह गए। हालांकि, तब तक पटना से उनके लिए हादसे की खबर गई। इस बीच रात के 7:30 बज चुके थे। हालांकि, घटना की जानकारी मिलने के बाद वे पटना के लिए लौट गए। एक चैनल से बातचीत में भी मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 7:30 बजे घटना की सूचना मिली, तबतक वे पटना से 90 किमी दूर चुके थे। यहां आकर उन्होंने अधिकारियों से 24 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा। मुख्य सचिव, गृह सचिव डीजीपी के साथ बैठक भी की।

लगातार दी जा रही थी जानकारी: डीजीपी
उधर,डीजीपी पीके ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को रास्ते में ही घटना के बारे में लगातार अप टू डेट किया जा रहा था। उन्हें हर पल की खबर दी जी रही थी। उन्हें गया में तीन दिन रुकना था। पर, वे रात में लौट गए।

ब्लूप्रिंट बनाएंगे, ताकि फिर न हो ऐसी घटना
मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना हो, इसके लिए सरकार ब्लूप्रिंट बनाएगी। हम ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर स्तर पर कार्ययोजना बनाएंगे। ऐसी घटना के होने का दावा नहीं कर सकते। यदि हम यह कहें कि ऐसी घटना को पूरी तरह रोक देंगे, तो यह खुद से बेईमानी होगी। यह अर्थमेटिक का सवाल नहीं, समाज से जुड़ी समस्या है। इसकी पहचान इसके निदान के लिए हमें अपनी गलतियों से सीख लेनी होगी। हमें ठेस लगी है, ठोकर खाने के बाद हम सजग हुए हैं। चुनौती है, इसे अवसर में बदलेंगे।

'हर जगह मैं नहीं जा सकता'
मुख्यमंत्रीने लोगों से भी अपील की कि वे भी अपनी जिम्मेवारी समझें, वास्तविकता को समझें। मुख्यमंत्री हर जगह नहीं जा सकते। हां, कोशिश अवश्य करेंगे कि लोगों को आगे परेशानी हो और ही ऐसी बड़ी घटना हो। यह भी सच है कि केवल बिहार में ऐसे हादसे नहीं होते, कोई ऐसे हादसों को पूरी तरह रोकने का दावा किया जा सकता है। पर, इसके असर को न्यूनतम अवश्य कर सकते हैं, ताकि किसी की असमय जिंदगी जाए।

जांच का आदेश दिया है, कैसे किसी को दोषी ठहरा दें
मांझीने कहा कि उन्होंने खुद विभिन्न स्रोतों से घटना की पूरी जानकारी ली है और अपने स्तर से कार्रवाई भी करेंगे। मैदान से निकास को लेकर भी समस्या उत्पन्न हुई है। इसपर भी विचार हो रहा है। गांधी मैदान में और निकास मार्ग हों, इसकी व्यवस्था होगी। अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन इस रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं हुए तो आगे और जांच करवाएंगे। एक-एक बिंदु पर विस्तार से जानकारी लेंगे। इस समय किसी को घटना के लिए जिम्मेवार नहीं ठहरा सकते। जांच की घोषणा होने के बाद ऐसा करना उपयुक्त नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि हादसे का जिम्मेवार कोई दोषी नहीं बचेगा।

इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के आला अधिकारियों के साथ घटना को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें उन्होंने घटना के तमाम पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को एक-एक विषय पर मंथन करने को भी कहा।

बिहार हादसा: भगदड़ में मरने वाले 33 लोगों की याद में गांधी मैदान में कैंडल मार्चपटना। बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैद...
05/10/2014

बिहार हादसा: भगदड़ में मरने वाले 33 लोगों की याद में गांधी मैदान में कैंडल मार्च

पटना। बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में दशहरा के मौके पर रावण दहन के बाद मची भगदड़ में मरने वालों की तादाद 33 हो गई है। शनिवार को बीजेपी के नेता रविशंकर प्रसाद, मंगल पांडेय समेत पार्टी के कई नेताओं की अगुवाई में मरने वालों की याद में गांधी मैदान में कैंडल मार्च निकाला गया। मार्च के बाद प्रसाद ने कहा कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री के सामने दिल्ली से डॉक्टरों की टीम भेजने की बात कही थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने मदद लेने से इनकार कर दिया था।

इस बीच, भगदड़ में मरने वालों की तादाद बढ़ने की आशंका है। बहुत से लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उधर, इस घटना के बाद राज्‍य के मुख्‍यमंत्री से लेकर प्रशासनिक अमले द्वारा लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई है। शनिवार सुबह 10 बजे मृतकों के परिजन शव लेने जब पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्‍पि‍टल पहुंचे तो शवगृह के गेट पर ताला लगा हुआ था। इससे नाराज लोगों ने ताला तोड़ दिया। घटना से नाराज कुछ अन्‍य लोगों ने एक चौराहे पर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़े। उधर, एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि घटना के बाद जब गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सीएम जीतन राम मांझी को फोन किया, तो उन्‍हें हादसे के बारे में कुछ पता नहीं था। इसके अलावा, जिस मैदान में यह घटना हुई, वहां सीएम भी पहुंचे थे। कार्यक्रम के खत्‍म होने के बाद मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी वहां से अपने गांव चले गए। इसके बाद, पुलिस का पूरा अमला वीआईपी मूवमेंट को कंट्रोल करने में जुट गया आैर भीड़ को नियंत्रित करने की ओर किसी का ध्‍यान नहीं गया।

क्‍या है पूरी घटना
हादसा शुक्रवार शाम 6:30 बजे हुआ। गांधी मैदान में रावण दहन के दौरान करीब 5 लाख लोग मौजूद थे। गांधी मैदान में छह गेट हैं। पुलिस का कहना है कि गांधी मैदान के सभी गेट खुले हुए थे। जबकि लोगों का कहना है कि केवल दो ही गेट खोले गए थे। पुतला दहन के बाद लोग जब एग्जीबिशन रोड की ओर बढ़ रहे थे, तभी भगदड़ मची। भगदड़ में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। 26 को गंभीर हालत में पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है।

क्‍यों मची भगदड़
- मेन गेट पर एक महिला गड्ढे में गिरी। उसे उठाने के लिए तीन-चार लोग झुके, तभी पीछे से भीड़ आ गई।
- एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना है कि कुछ लोग कह रहे थे कि हाईटेंशन बिजली का तार गिर गया है। इसके बाद भगदड़ मची।
मुआवजे का एलान
मृतकों के परिजनों को राज्‍य सरकार ने 3-3 लाख रुपए और केंद्र ने 2-2 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा की है। गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपए दिए जाएंगे। राज्य सरकार ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।

प्रधानमंत्री ने जताई संवेदना
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताया है। आरजेडी प्रमुख प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भगदड़ के लिए प्रशासनिक लापरवाही को जिम्मेदार बताते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। बिहार के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना पर दुख जताते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पटना से बीजेपी सांसद शत्रुधन सिन्हा ने घटना पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का इस्तीफा मांगा है।

दो साल पहले छठ के दिन भी मची थी भगदड़
2012 में गांधी मैदान से महज ढाई किमी दूर गंगा के घाट पर छठ के दिन भगदड़ मची थी। इसमें 27 लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले की जांच भी हुई, लेकिन कोई दोषी नहीं ठहराया गया। रास्ते को पतला बताकर खानापूर्ति कर दी गई। पिछले साल गांधी मैदान में ही मोदी की रैली के दौरान सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे।

रेलकर्मी के घर बारह लाख की चोरी.पटना : राजधानी के मीठापुर के शांति अभिनव इंक्लेव स्थित रेलकर्मी रजनीश कुमार के फ्लैट संख...
11/08/2014

रेलकर्मी के घर बारह लाख की चोरी.

पटना : राजधानी के मीठापुर के शांति अभिनव इंक्लेव स्थित रेलकर्मी रजनीश कुमार के फ्लैट संख्या 401 से चोरों ने 12 लाख का माल पार कर दिया। कुमार परिवार के साथ मोकामा स्थित पैतृक घर गए हुए थे। घटना की जानकारी उन्हें शनिवार सुबह हुई। यहां आने के बाद उन्होंने थाने में शिकायत की। दानापुर रेलवे नियंत्रण कक्ष में कार्यरत रजनीश कुमार मीठापुर के दयानंद हाईस्कूल के पीछे शांति अभिनव अपार्टमेंट के फ्लैट संख्या 401 में रहते हैं। 7 अगस्त को वह परिवार के साथ मोकामा चले गए। पड़ोसी ने शनिवार की सुबह फ्लैट का ताला टूटा होने की जानकारी दी। यहां आकर देखा तो अंदर सारा सामान बिखरा था। अलमारी और अंदर का लॉकर खुला था, जिसमें से लगभग दस लाख रुपये कीमत के 40 भर सोने के जेवर, चांदी के गहने, लैपटॉप, डिजीटल कैमरा आदि गायब था। रजनीश की पत्‍‌नी के मुताबिक उन्होंने कमरे में ही अलमारी की चाबी छुपाकर रखी थी। कयास है कि कमरे की तलाशी लेने के दौरान अलमारी की चाबी चोरों के हाथ लग गई, इसलिए उन्होंने अलमारी तोड़ने की जहमत नहीं उठाई। थाना पुलिस के मुताबिक वारदात को किसी नजदीकी ने अंजाम दिया है। कांड का उद्भेदन करने के लिए वैज्ञानिक व तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान की होगी अतिरिक्त सुरक्षापटना : स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान में आयोजित होने वाले राजकीय...
11/08/2014

स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान की होगी अतिरिक्त सुरक्षा

पटना : स्वतंत्रता दिवस पर गांधी मैदान में आयोजित होने वाले राजकीय समारोह के लिए अतिरिक्त सुरक्षा के प्रबंध किए जा रहे हैं। 27 अक्टूबर को हुंकार रैली के दौरान हुए सीरियल ब्लास्ट को ध्यान में रखकर जिला प्रशासन सुरक्षा प्लान तैयार कर रहा है। 13 अगस्त को परेड का अंतिम पूर्वाभ्यास और मुख्यमंत्री के कारकेड की सुरक्षा परीक्षण कर मैदान को पूरी तरह सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया जायेगा। मैदान में सिर्फ फोटोयुक्त सुरक्षा पास वाले लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने सुरक्षा में लगाये जाने वाले दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी से लेकर झांकी के कलाकार, पंडाल बनाने वाले मजदूर तक को फोटोयुक्त सुरक्षा पास निर्गत कराने का आदेश दिया है। बिना सुरक्षा पास के मैदान में प्रवेश वर्जित रहेगा। राजकीय समारोह के 24 घंटे पहले बम निरोधक दस्ता, श्वान दल पूरे गांधी मैदान की सुरक्षा जांच करेंगे। मैदान के आसपास ऊंची इमारतों पर राजकीय समारोह के 24 घंटे पहले सुरक्षा बलों की प्रतिनियुक्ति कर दी जायेगी। महिला दीर्घा में सिर्फ महिला पुलिसकर्मी की तैनाती रहेगी। मैदान के आसपास क्वीक रेस्पांस टीम को अलग-अलग क्षेत्र का जिम्मा होगा। एम्बुलेंस, स्वास्थ्य शिविर, जलापूर्ति के अलावा सामान्य नागरिक सेवाएं सुलभ कराने की व्यवस्था की जाएगी।

राजधानी एक्स.हादसा: इनका बदला रूट, कई गाड़ियां रदपटना: छपरा में डिबू्रगढ राजधानी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से कई गाड़ियों ...
25/06/2014

राजधानी एक्स.हादसा: इनका बदला रूट, कई गाड़ियां रद

पटना: छपरा में डिबू्रगढ राजधानी के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से कई गाड़ियों का परिचालन बाधित हो गया है। रेलवे ने कई ट्रेनों का मार्ग बदल दिया है जबकि कई को रद कर दिया है।
कौन सी हुई रद किनका मार्ग बदला
4005 लिच्छवी एक्सप्रेस रक्सौल होकर जाएगी, 5610 अवध आसाम एक्सप्रेस सीतामढ़ी रक्सौल होकर जाएगी, 8182 छपरा टाटा रद कर दी गई है, 9166 दरभंगा अहमदाबाद एक्स सीतामढी होकर जाएगी, 2325 मरूआडीह मुजफ्फरपुर रद कर दी गई है, 5210 अमृतसर सहरसा जनसेवा एक्सप्रेस सीतामढ़ी होकर जाएगी
5203 बरौनी लखनफ एक्सप्रेस रद कर दी गई है।

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