05/10/2014
नमो और राजनाथ ने किया फोन, तो सीएम को मिली हादसे की जानकारी
पटना. गांधी मैदान में भगदड़ के 50 मिनट बाद अधिकारियों ने मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को हादसे की खबर दी। वह भी तब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उनसे घटना की जानकारी ली। गांधी मैदान में रावण दहन के बाद मुख्यमंत्री 6:20 बजे सीधे गया के लिए रवाना हो गए। जिलाधिकारी एसएसपी उन्हें छोड़ने भी गए। मांझी पटना से निकले और महज 15 मिनट में ही गांधी मैदान के रामगुलाम चौक की ओर निकास मार्ग से बाहर भगदड़ मच गई और एक के बाद एक लोग गिरने लगे और भीड़ उन्हें कुचलती चली गई। मात्र पांच मिनट में ही बड़ी संख्या में लोग मारे जा चुके थे। पर, मुख्यमंत्री को इसकी सूचना किसी अधिकारी ने नहीं दी। इसका परिणाम हुआ कि सीएम पटना से काफी दूर निकल गए।
इसी बीच पीएमओ और केंद्रीय गृह मंत्री ने जब उनसे घटना के बारे में बातचीत की, तो वे सन्न रह गए। हालांकि, तब तक पटना से उनके लिए हादसे की खबर गई। इस बीच रात के 7:30 बज चुके थे। हालांकि, घटना की जानकारी मिलने के बाद वे पटना के लिए लौट गए। एक चैनल से बातचीत में भी मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें 7:30 बजे घटना की सूचना मिली, तबतक वे पटना से 90 किमी दूर चुके थे। यहां आकर उन्होंने अधिकारियों से 24 घंटे में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा। मुख्य सचिव, गृह सचिव डीजीपी के साथ बैठक भी की।
लगातार दी जा रही थी जानकारी: डीजीपी
उधर,डीजीपी पीके ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री को रास्ते में ही घटना के बारे में लगातार अप टू डेट किया जा रहा था। उन्हें हर पल की खबर दी जी रही थी। उन्हें गया में तीन दिन रुकना था। पर, वे रात में लौट गए।
ब्लूप्रिंट बनाएंगे, ताकि फिर न हो ऐसी घटना
मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना हो, इसके लिए सरकार ब्लूप्रिंट बनाएगी। हम ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हर स्तर पर कार्ययोजना बनाएंगे। ऐसी घटना के होने का दावा नहीं कर सकते। यदि हम यह कहें कि ऐसी घटना को पूरी तरह रोक देंगे, तो यह खुद से बेईमानी होगी। यह अर्थमेटिक का सवाल नहीं, समाज से जुड़ी समस्या है। इसकी पहचान इसके निदान के लिए हमें अपनी गलतियों से सीख लेनी होगी। हमें ठेस लगी है, ठोकर खाने के बाद हम सजग हुए हैं। चुनौती है, इसे अवसर में बदलेंगे।
'हर जगह मैं नहीं जा सकता'
मुख्यमंत्रीने लोगों से भी अपील की कि वे भी अपनी जिम्मेवारी समझें, वास्तविकता को समझें। मुख्यमंत्री हर जगह नहीं जा सकते। हां, कोशिश अवश्य करेंगे कि लोगों को आगे परेशानी हो और ही ऐसी बड़ी घटना हो। यह भी सच है कि केवल बिहार में ऐसे हादसे नहीं होते, कोई ऐसे हादसों को पूरी तरह रोकने का दावा किया जा सकता है। पर, इसके असर को न्यूनतम अवश्य कर सकते हैं, ताकि किसी की असमय जिंदगी जाए।
जांच का आदेश दिया है, कैसे किसी को दोषी ठहरा दें
मांझीने कहा कि उन्होंने खुद विभिन्न स्रोतों से घटना की पूरी जानकारी ली है और अपने स्तर से कार्रवाई भी करेंगे। मैदान से निकास को लेकर भी समस्या उत्पन्न हुई है। इसपर भी विचार हो रहा है। गांधी मैदान में और निकास मार्ग हों, इसकी व्यवस्था होगी। अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन इस रिपोर्ट से वे संतुष्ट नहीं हुए तो आगे और जांच करवाएंगे। एक-एक बिंदु पर विस्तार से जानकारी लेंगे। इस समय किसी को घटना के लिए जिम्मेवार नहीं ठहरा सकते। जांच की घोषणा होने के बाद ऐसा करना उपयुक्त नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि हादसे का जिम्मेवार कोई दोषी नहीं बचेगा।
इसके पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के आला अधिकारियों के साथ घटना को लेकर उच्च स्तरीय बैठक की। इसमें उन्होंने घटना के तमाम पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को एक-एक विषय पर मंथन करने को भी कहा।