Prince Nandu Ministries

Directions

Prince Nandu Ministries Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Prince Nandu Ministries, Religious organisation, Siwan.

05/10/2022
और यीशु ने उन से कहा; मेरे पीछे चले आओ; मैं तुम को मनुष्यों के मछुवे बनाऊंगा। मरकुस 1:17 And Jesus said to them: Come af...
02/10/2022

और यीशु ने उन से कहा; मेरे पीछे चले आओ; मैं तुम को मनुष्यों के मछुवे बनाऊंगा।
मरकुस 1:17
And Jesus said to them: Come after me, and I will make you to become fishers of men.
Mark 1:17

आज की कहानी जो आप के जीवन में प्रेरणा का कम करेगी एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई।शाम ढलने के करीब थी। उसने दे...
01/10/2022

आज की कहानी जो आप के जीवन में प्रेरणा का कम करेगी

एक गाय घास चरने के लिए एक जंगल में चली गई।

शाम ढलने के करीब थी। उसने देखा कि एक बाघ उसकी तरफ दबे पांव बढ़ रहा है। वह डर के मारे इधर-उधर भागने लगी।
वह बाघ भी उसके पीछे दौड़ने लगा।

दौड़ते हुए गाय को सामने एक तालाब दिखाई दिया। घबराई हुई गाय उस तालाब के अंदर घुस गई।

वह बाघ भी उसका पीछा करते हुए तालाब के अंदर घुस गया। तब उन्होंने देखा कि वह तालाब बहुत गहरा नहीं था। उसमें पानी कम था और वह कीचड़ से भरा हुआ था। उन दोनों के बीच की दूरी काफी कम हुई थी। लेकिन अब वह कुछ नहीं कर पा रहे थे।

वह गाय उस कीचड़ के अंदर धीरे-धीरे धंसने लगी। वह बाघ भी उसके पास होते हुए भी उसे पकड़ नहीं सका। वह भी धीरे-धीरे कीचड़ के अंदर धंसने लगा। दोनों भी करीब करीब गले तक उस कीचड़ के अंदर फस गए। दोनों हिल भी नहीं पा रहे थे। गाय के करीब होने के बावजूद वह बाघ उसे पकड़ नहीं पा रहा था।

थोड़ी देर बाद गाय ने उस बाघ से पूछा, क्या तुम्हारा कोई गुरु या मालिक है?

बाघ ने गुर्राते हुए कहा, मैं तो जंगल का राजा हूं। मेरा कोई मालिक नहीं। मैं खुद ही जंगल का मालिक हूं।

गाय ने कहा, लेकिन तुम्हारे उस शक्ति का यहां पर क्या उपयोग है?

उस बाघ ने कहा, तुम भी तो फंस गई हो और मरने के करीब हो। तुम्हारी भी तो हालत मेरे जैसी है।

गाय ने मुस्कुराते हुए कहा, बिलकुल नहीं। मेरा मालिक जब शाम को घर आएगा और मुझे वहां पर नहीं पाएगा तो वह ढूंढते हुए यहां जरूर आएगा और मुझे इस कीचड़ से निकाल कर अपने घर ले जाएगा। तुम्हें कौन ले जाएगा?

थोड़ी ही देर में सच में ही एक आदमी वहां पर आया और गाय को कीचड़ से निकालकर अपने घर ले गया।

जाते समय गाय और उसका मालिक दोनों एक दूसरे की तरफ कृतज्ञता पूर्वक देख रहे थे। वे चाहते हुए भी उस बाघ को कीचड़ से नहीं निकाल सकते थे क्योंकि उनकी जान के लिए वह खतरा था।

गाय समर्पित ह्रदय का प्रतीक है। बाघ अहंकारी मन है और मालिक ईश्वर का प्रतीक है। कीचड़ यह संसार है। और यह संघर्ष अस्तित्व की लड़ाई है।

किसी पर निर्भर नहीं होना अच्छी बात है लेकिन उसकी अति नहीं होनी चाहिए। आपको किसी मित्र, किसी गुरु, किसी सहयोगी की हमेशा ही जरूरत होती है।
खुदा आपको बरकत दे , आमीन...!!!
Prince Nandu Ministries

इंसान कर्म करने में तो     अपनी मनमानी कर सकता है                      मगर           फल भोगने में नही ।।।
30/09/2022

इंसान कर्म करने में तो
अपनी मनमानी कर सकता है
मगर
फल भोगने में नही ।।।

जिस तरह एक छोटा बच्चा अपने पिता से जो कुछ मांगता है, उसका पिता उसे वो देता है || क्योंकि एक बच्चा यह नही सोचता कि कैसे ह...
27/09/2022

जिस तरह एक छोटा बच्चा अपने पिता से जो कुछ मांगता है, उसका पिता उसे वो देता है || क्योंकि एक बच्चा यह नही सोचता कि कैसे होगा, मेरा पिता इसे कहा से लायेगा वो सिर्फ मांगता है क्योकि उसे विशवास है कि उसका पिता वो चीज़ या वो खिलौना उसे लाकर देगा | ठीक इसी रीती से आपको भी अपने स्वर्गीय पिता से मांगना है और यह नही सोचना कि कैसे होगा क्योंकि प्रभु से सब कुछ हो सकता हैं || प्रभु आपको आशीष दे ||

26/09/2022

आज की कहानी

एक कबूतर और एक क़बूतरी एक पेड़ की डाल पर बैठे थे।
उन्हें बहुत दूर से एक आदमी आता दिखाई दिया ।

क़बूतरी के मन में कुछ शंका हुआ औऱ उसने क़बूतर से कहा कि चलो जल्दी उड़ चले नहीं तो ये आदमी हमें मार डालेगा।

क़बूतर ने लंबी सांस लेते हुए इत्मीनान के साथ क़बूतरी से कहा..भला उसे ग़ौर से देखो तो सही, उसकी अदा देखो, लिबास देखो, चेहरे से शराफत टपक रही है, ये हमें क्या मारेगा..बिलकुल सज्जन पुरुष लग रहा है...?

क़बूतर की बात सुनकर क़बूतरी चुप हो गई।

जब वह आदमी उनके क़रीब आया तो अचानक उसने अपने वस्त्र के अंदर से तीर कमान निकाला औऱ झट से क़बूतर को मार दिया...औऱ बेचारे उस क़बूतर के वहीं प्राण पखेरू उड़ गए....

असहाय क़बूतरी ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई औऱ बिलखने लगी।उसके दुःख का कोई ठिकाना न रहा औऱ पल भर में ही उसका सारा संसार उजड़ गया।

उसके बाद वह क़बूतरी रोती हुई अपनी फरियाद लेकर राजा के पास गई औऱ राजा को उसने पूरी घटना बताई।

राजा बहुत दयालु इंसान था।

राजा ने तुरंत अपने सैनिकों को उस शिकारी को पकड़कर लाने का आदेश दिया।

तुरंत शिकारी को पकड़ कर दरबार में लाया गया।शिकारी ने डर के कारण अपना जुर्म कुबूल कर लिया।

उसके बाद राजा ने क़बूतरी को ही उस शिकारी को सज़ा देने का अधिकार दे दिया औऱ उससे कहा कि " तुम जो भी सज़ा इस शिकारी को देना चाहो दे सकती हो औऱ तुरंत उसपर अमल किया जाएगा "।

क़बूतरी ने बहुत दुःखी मन से कहा कि " हे राजन,मेरा जीवन साथी तो इस दुनिया से चला गया जो फ़िर क़भी भी लौटकर नहीं आएगा, इसलिए मेरे विचार से इस क्रूर शिकारी को बस इतनी ही सज़ा दी जानी चाहिए कि
अगर वो शिकारी है तो उसे हर वक़्त शिकारी का ही लिबास पहनना चाहिए , ये शराफत का लिबास वह उतार दे क्योंकि शराफ़त का लिबास ओढ़कर धोखे से घिनौने कर्म करने वाले सबसे बड़े नीच होते हैं....।"
.............
मित्र बनके या upline downline बनकर किसी के साथ धोखा ना करें।
इसलिए अपने आसपास शराफ़त का ढोंग करने वालों को पहचाने।

दया करने वाले पर आशीष फलती है, क्योंकि वह कंगाल को अपनी रोटी में से देता है। नीतिवचन 22:9
26/09/2022

दया करने वाले पर आशीष फलती है, क्योंकि वह कंगाल को अपनी रोटी में से देता है।
नीतिवचन 22:9

Address

Siwan
841227

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Prince Nandu Ministries posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share