हिन्दू कल्याण मंच

हिन्दू कल्याण मंच हमारे आने वाली पीढ़ी (बच्चों) में सनातन संस्कृति का संचार करना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है।

25/05/2026
राम नाम की महिमा...
24/05/2026

राम नाम की महिमा...

नौतपा क्यों जरूरी है...
23/05/2026

नौतपा क्यों जरूरी है...

पुरुषोत्तम मास की शास्त्रानुसार विशेषताएं...
23/05/2026

पुरुषोत्तम मास की शास्त्रानुसार विशेषताएं...

एक बार एक आचार्य चरण जेठ के महीने की अत्यधिक गर्मी में तिरुपति बालाजी के दर्शन करने गए। पहाड़ पर स्थित भगवान वेंकटेश के ...
18/05/2026

एक बार एक आचार्य चरण जेठ के महीने की अत्यधिक गर्मी में तिरुपति बालाजी के दर्शन करने गए। पहाड़ पर स्थित भगवान वेंकटेश के मंदिर के आसपास की पूरी भूमि गर्मी से बुरी तरह तप रही थी। उन्हें देखकर आचार्य जी के मन में भाव आया कि यदि मंदिर के बाहर एक सरोवर (तालाब) बना दिया जाए और उसमें जल भर दिया जाए, तो भगवान को इस भीषण ताप से शीतलता मिलेगी। वे कभी-कभी नौका विहार या जल क्रीड़ा करने भी बाहर आ सकेंगे।

उस समय अधिक लोग नहीं थे, इसलिए वे स्वयं फावड़ा उठाकर एक स्थान पर खुदाई करने लगे। उनके साथ उनकी गर्भवती पत्नी भी थीं। आचार्य जी मिट्टी खोदकर परात में भरते और उनकी पत्नी उस मिट्टी को सिर पर रखकर दूर फेंकने जातीं। उन्होंने संकल्प लिया कि चाहे महीनों लग जाएं या साल, वे ठाकुर जी के लिए सरोवर बनाकर ही यहाँ से जाएंगे।

जब कुछ दिन बीत गए, तो मंदिर के भीतर बैठे भगवान तिरुपति बालाजी को उस गर्भवती महिला की इस कठिन सेवा और अवस्था पर दया आ गई। भगवान ने एक छोटे से ग्वाले (बालक) का रूप धारण किया और वहाँ आ गए। उन्होंने उस महिला से कहा कि वे दौड़ने में बहुत निपुण हैं, लेकिन अगर उनके पति देख लेंगे तो सेवा कराने के लिए नाराज होंगे, इसलिए वे छुपकर उनकी सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि आप मिट्टी लेकर थोड़ी आगे आ जाना, वहाँ से परात मुझे दे देना और मैं तुरंत डाल कर आया करूँगा।

अब वह बालक तुरंत महिला के हाथ से परात लेता और पलक झपकते ही मिट्टी फेंक कर वापस आ जाता। आचार्य जी ने ध्यान दिया कि पहले उनकी पत्नी को मिट्टी फेंककर आने में काफी समय लगता था, लेकिन अब वे तुरंत वापस आ जाती हैं। उन्होंने पत्नी से पूछा कि तुम दौड़कर जाती हो या मिट्टी यहीं पास में ही फेंक देती हो? इतनी जल्दी मिट्टी कहाँ फेंक कर आ रही हो?

तब पत्नी ने बताया कि एक छोटा सा बालक आता है, जो मेरे हाथ से परात लेकर भागकर मिट्टी फेंक आता है और चार-पांच दिन से वही यह सेवा करवा रहा है। आचार्य जी ने कहा कि मुझे भी उस बालक को देखना है। जब वे आगे बढ़े और उन्होंने उस बालक की अद्भुत और दिव्य रूप माधुरी को देखा, तो वे श्रेष्ठ भक्त और ज्ञानी होने के कारण तुरंत पहचान गए कि यह कोई साधारण बालक नहीं, बल्कि साक्षात ठाकुर जी (भगवान तिरुपति बालाजी) हैं, जो अपने भक्तों को कष्ट से बचाने के लिए स्वयं सेवा करने आ गए हैं।

राधे राधे

तुम शरीर में नहीं…शरीर तुममें है।हम स्वयं को देह तक सीमित मान लेते हैं,इसलिए हर परिवर्तन हमें डरा देता है।पर वेदांत कहता...
17/05/2026

तुम शरीर में नहीं…
शरीर तुममें है।

हम स्वयं को देह तक सीमित मान लेते हैं,
इसलिए हर परिवर्तन हमें डरा देता है।

पर वेदांत कहता है —
चेतना शरीर के भीतर कैद नहीं है,
बल्कि शरीर ही चेतना में प्रकट हो रहा है।

जैसे आकाश किसी पात्र में बंद नहीं होता,
वैसे ही आत्मा शरीर में सीमित नहीं होती।

तुम शरीर नहीं हो,
तुम वह अनंत चेतना हो
जिसमें यह पूरा अनुभव घट रहा है।

जिस क्षण यह समझ आती है,
सीमाएँ टूटने लगती हैं…
और भीतर एक असीम शांति प्रकट होती है।

"सत्यमेव जयते - यतो धर्मस्ततो जयः"माननीय उच्च न्यायालय द्वारा धार (मध्य प्रदेश) की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक, ...
15/05/2026

"सत्यमेव जयते - यतो धर्मस्ततो जयः"

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा धार (मध्य प्रदेश) की ऐतिहासिक भोजशाला को संरक्षित स्मारक, माँ वाग्देवी की आराधना-स्थली तथा भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्राचीन केन्द्र के रूप में मान्यता देना हमारी सांस्कृतिक विरासत, आस्था और इतिहास के सम्मान का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है।

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने उपलब्ध ऐतिहासिक प्रमाणों, पुरातात्विक साक्ष्यों और सतत् उपासना-परम्परा के आधार पर यह स्वीकार किया है कि भोजशाला प्राचीन काल से माँ वाग्देवी सरस्वती का मन्दिर एवं संस्कृत अध्ययन का गौरवशाली केन्द्र रही है। न्यायालय द्वारा हिन्दू पक्ष को वहाँ निरन्तर पूजा-अर्चना का अधिकार प्रदान किया जाना सांस्कृतिक न्याय और ऐतिहासिक सत्य की प्रतिष्ठा है।

इस निर्णय का सभी पक्षों द्वारा शान्ति, सौहार्द और संवैधानिक मर्यादा के साथ सम्मान किया जाना चाहिए।

#भोजशाला #भोजशाला_में_वाग्देवी

मंच से जुड़ने के लिए अपना नाम, मोबाइल नम्बर एवं जिले का नाम कमेंट या मैसेज में भेजे...
11/05/2026

मंच से जुड़ने के लिए अपना नाम, मोबाइल नम्बर एवं जिले का नाम कमेंट या मैसेज में भेजे...

Address

Siswa Bazar

Telephone

+917318195351

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when हिन्दू कल्याण मंच posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to हिन्दू कल्याण मंच:

Share