Pushpraj Gautam

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Pushpraj Gautam *बूंद सा जीवन है इंसान का,*
*लेकिन अहंका?

27/04/2026

जो भी बच्चे private colleges की महँगी fees के कारण अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते थे , उन सभी बच्चों के लिए एक बेहतरीन अवसर लेकर आए हैं .
जिसके माध्यम से बहुत कम ख़र्च में हर बच्चा अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के सपने को पूरा कर सकता है , अधिक जानकारी के लिए दिए गए QR code को scan करें और video को पूरा देखे,
या फिर दिए गए number 8979013242 पर message करें आपको video का link और registration करने का link प्राप्त हो जाएंगे .

यदि कोई अन्य जानकारी लेनी हो तो WhatsApp पर ही apna सवाल लिखकर भेज सकते हैं .
post को अधिक से अधिक share अवश्य करें ताकि सभी ज़रूरतमंद छात्र छात्राओं तक इसकी जानकारी पहुँच सके 😊🙏🏻🙌🏻

🌿 आप सभी को पालि दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌿आज 1 अप्रैल को हम पालि दिवस के पावन अवसर पर महान बौद्ध आचार्य एवं तिपिटक क...
01/04/2025

🌿 आप सभी को पालि दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🌿

आज 1 अप्रैल को हम पालि दिवस के पावन अवसर पर महान बौद्ध आचार्य एवं तिपिटक के ज्ञाता भिक्खु धम्मरक्षित जी के जन्मदिवस को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हैं। यह दिन केवल एक भाषा का उत्सव नहीं, बल्कि बुद्ध की मूल वाणी को संरक्षित और प्रचारित करने का संकल्प है।

पालि दिवस क्यों मनाया जाता है?

पालि दिवस का उद्देश्य केवल भाषा की रक्षा नहीं, बल्कि बुद्ध के शुद्ध उपदेशों को विश्वभर में फैलाना है। यह वह भाषा है, जिसमें तिपिटक जैसे पवित्र ग्रंथ संकलित हैं, जो हमें जीवन के वास्तविक अर्थ, नैतिकता, करुणा और शांति का मार्ग दिखाते हैं।

इसका उद्देश्य और महत्व

✅ पालि भाषा के संरक्षण और अध्ययन को बढ़ावा देना
✅ तिपिटक ग्रंथों को गहराई से समझने के लिए प्रेरित करना
✅ बुद्ध धम्म की शिक्षाओं को अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना
✅ नई पीढ़ी को पालि भाषा सीखने के लिए प्रेरित करना
✅ धम्म के मूल स्त्रोत को संरक्षित रखते हुए आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाना

इसकी आवश्यकता क्यों है?

आज के दौर में शांति, अहिंसा और करुणा की पहले से कहीं अधिक जरूरत है। पालि भाषा में निहित धम्म के संदेश हमें अज्ञानता से ज्ञान, अशांति से शांति और दुख से मुक्ति की ओर ले जाते हैं। यह दिवस हमें अपनी बौद्धिक और आध्यात्मिक धरोहर को सहेजने की प्रेरणा देता है।

🌸 आइए, इस पालि दिवस पर हम संकल्प लें कि पालि भाषा का प्रचार-प्रसार करेंगे और बौद्ध धम्म की मूलवाणी को जन-जन तक पहुँचाएँगे! 🌸

Each citta is anantara-paccaya, the condition for the next citta to arise consecutively immediately after the preceding ...
28/02/2024

Each citta is anantara-paccaya, the condition for the next citta to arise consecutively immediately after the preceding citta falls away. Each citta conditions the succeeding citta to arise, except for the citta of the arahant.

note:- Foregoing citta has its cetasikas. So both citta and cetasikas when they pass away condition the next arising citta and its cetasikas. This condition is called proximity condition or anantara paccaya. Anantara is made up of ana and antara. Ana means no not nothing. Antara means interval gap space. So anantara means no interval or it means proximate.

☸️💐🌺Dhamma Prabhat🌺💐☸️
31/01/2024

☸️💐🌺Dhamma Prabhat🌺💐☸️

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