22/05/2026
अनन्याश्चिन्तयन्तो मां ये जनाः पर्युपासते।
तेषां नित्याभियुक्तानां योगक्षेमं वहाम्यहम्॥
जो लोग मुझे (भगवान को) बिना किसी अन्य विचार के, सच्चे मन से निरंतर भजते हैं,
उनके लिए मैं स्वयं: (योग) जो चीज़ उनके पास नहीं है, उसे प्राप्त करवाता हूँ (क्षेम) जो उनके पास है, उसकी रक्षा करता हूँ
“If you trust God completely, He takes care of everything you need and everything you have.”
Bhagavad Gita (अध्याय 9, श्लोक 22)