26/08/2017
Today WORD OF GOD;about graven image !
*(भजन संहिता-115:3-8)!
[3].हमारा परमेश्वर तो स्वर्ग में है;
उसने जो चाहा वही किया है |
[4].उन लोगों की मूरतें सोने चाँदी की तो है, | वे मनुष्यों के हाथ की बनाई हुई हैं |
[5].उनके मुँह तो रहता है,परन्तु वे बोल नहीं सकतीं;उनके आँखें तो रहती हैं,परन्तु देख नहीं सकतीं |
[6].उनके कान तो रहते है,परन्तु वे सुन नहीं सकतीं;उनके नाक तो रहती है,परन्तु वे सूंघ नहीं सकतीं ,
[7].उनके हाथ तो रहते हैं,परन्तु वे स्पर्श नहीं कर सकतीं;उनके पाँव तो रहते हैं,परन्तु वे चल नहीं सकतीं;
और अपने कण्ठ से कुछ भी शब्द नहीं निकाल सकतीं |
[8].जैसी वे हैं वैसे ही उने बनानेवाला हैं;और उन पर सब भरोसा रखनेवाला भी वैसे ही हो
जाएँगे |Amen!