Essence Of Astrology

Essence Of Astrology ज्योतिष, पुराण, उपनिषद, तंत्रशास्त्र तथा अन्य शास्त्रों, सनातन धर्म ग्रंथों से संकलित जानकारी

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पुरुषोत्तम मास में भागवत कथा कलश यात्रा
24/05/2026

पुरुषोत्तम मास में भागवत कथा कलश यात्रा

24/05/2026
22/05/2026

मासानां परमो मासः पुरुषोत्तमसंज्ञकः ।
यस्य देवः स्वयं साक्षात्पुरुषोत्तम एव वै ।।

21/05/2026

पुरुषोत्तममासस्य माहात्म्यं पापनाशनम्

अधिक मास में शालिग्राम जी का तुलसीदल से पूजन करने का विधान हैशालिग्रामार्चनं कार्यं मासे श्रीपुरुषोत्तमे । तुलसीदललक्षेण...
19/05/2026

अधिक मास में शालिग्राम जी का तुलसीदल से पूजन करने का विधान है

शालिग्रामार्चनं कार्यं मासे श्रीपुरुषोत्तमे ।
तुलसीदललक्षेण तस्य पुण्यमनन्तकम्‌ ।

श्रीपुरुषोत्तम मास में लाख तुलसीदल से शालग्राम का पूजन करे तो उसका अनन्त पुण्य होता है ।

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#अधिक_मास_2026
#पुरुषोत्तम_मास_2026

शनैश्चर अमावस्या विशेष त्रिवेणी शनि मंदिर उज्जैनक्षाता-क्षिप्रा संगमस्कन्दपुराण अवन्तीखण्ड अवन्तीक्षेत्रमाहात्म्य अध्याय...
16/05/2026

शनैश्चर अमावस्या विशेष
त्रिवेणी शनि मंदिर उज्जैन
क्षाता-क्षिप्रा संगम
स्कन्दपुराण अवन्तीखण्ड अवन्तीक्षेत्रमाहात्म्य अध्याय 56

तीर्थमन्यतरं व्यास क्षातासंगमसंभवम् ।।
यत्र तु स्नानमात्रेण महापापैः प्रमुच्यते ।। १ ।।
अमा वै शनिवारेण यदायाति समाहितः ।।
पितॄनुद्दिश्य यः कुर्याच्छ्राद्धं चैव तिलोदकम् ।। २ ।।
शनि योगे यदामा वै जायते सर्वकामदा ।।
तदा स्नानं च दानं च श्राद्धं चैव तु कारयेत् ।। ५१ ।।
तस्य हस्तगता लक्ष्मीर्जायते सर्वदा भुवि ।।
क्षाता संगमे नरः स्नात्वा दानं दत्त्वा च शक्तितः ।। ५२ ।।

जब अमावस्या शनिवार को आती है, तब उज्जैन के पवित्र क्षाता-क्षिप्रा संगम पर स्नान, दान, तिलतर्पण और पितृश्राद्ध करने से—
▪️ महापाप नष्ट होते हैं
▪️ पितृ तृप्त होते हैं
▪️ शनि जनित कष्ट शांत होते हैं
▪️ लक्ष्मी की प्राप्ति होती है
▪️ समस्त कामनाएँ पूर्ण होती हैं

ज्येष्ठ अमावस्या पर आज इस शुभ संयोग में शनि दर्शन पूजन जप हवन

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14/05/2026

अधिक मास में ताम्बूल दान के विषय में एक और शास्त्र वचन मिलता है

यो ददाति द्विजश्रेष्ठे च भवेत्सुभगो नरः।
सुभगा च सदाचार्या वल्लभा स्वजनेषु च॥
पुत्रसौभाग्ययुक्ता च ताम्बूलेर्जयते प्रिये।
पत्रेषु केशवः प्रीतः पूगीषु सहोमया॥
चूर्णकेनानलः प्रीतः खादिरेणतुमन्मथः।
चतुर्भिर्द्रव्यरूपैश्च यः पूजयति जगत्त्रयम्॥ #स्कंदपुराण अवंतीखण्ड

जो ब्राह्मणों को अधिक मास में तांबूल देता है, वह सुभग (भाग्यशाली) व्यक्ति हो जाता है। नारी भी यह प्रदान करने के कारण सुभगा (भाग्यवान), सदाचार्या तथा स्वजन वल्लभा होकर पुत्र-पौत्रवती हो जाती है। उसे पुत्र सौभाग्यलाभ होता है। ताम्बूल पत्ते से केशव, सुपारी से उमा सहित भगवान शिव, चूना से अनल तथा कत्थे से मनमथ कामदेव प्रसन्न होते हैं। इन चारों को मिलाकर ब्राह्मण को प्रदान करने से जगतव्याधारी भगवान विश्वरूप प्रसन्न होते हैं।

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#अधिक_मास_2026
#पुरुषोत्तम_मास_2026

उज्जैन में पुरुषोत्तम मास का विशेष महत्वअधिमासाधिपत्योऽहं सदैव पुरुषोत्तमः। ममाभिधानं तीर्थं च महाकालवने शुभम्। पुरुषोत्...
14/05/2026

उज्जैन में पुरुषोत्तम मास का विशेष महत्व

अधिमासाधिपत्योऽहं सदैव पुरुषोत्तमः। ममाभिधानं तीर्थं च महाकालवने शुभम्। पुरुषोत्तमाख्यं मे धाम सदैवात्र प्रतिष्ठति।।

अधिकमास के अधिपति श्रीभगवान पुरुषोत्तम हैं इसलिए इसको पुरुषोत्तम मास कहते हैं। महाकाल वन (उज्जैन) में पुरुषोत्तम धाम नामक उत्तम तीर्थ सदैव विद्यमान है।

जो मनुष्य अवन्तीपुरी (उज्जैन) में मलमास व्रत करते हैं उन्हें श्रीभगवान प्रसन्नतापूर्वक धन देते हैं। इस तीर्थ में किया थोड़ा सा भी दान अनन्तगुना हो जाता है।

उज्जैन में रहकर अधिकमास में महाकालेश्वर ज्योतिर्लिङ्ग, 84 महादेव, सप्तसागर तथा नौ नारायण के दर्शन कर वहां विशेष दान करने का विशेष महत्व है।

अधिमासं समासाद्य योऽन्यत्र स्थितिमात्मनः।
करोति स नरो मूर्खो महाकालवनादृते।।

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#पुरुषोत्तम_मास_2026

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