22/06/2026
🔻अंबुबाची महायोग : माँ कामाख्या की दिव्य शक्ति का पर्व🔻
अंबुबाची महायोग भारत के सबसे रहस्यमय और शक्तिशाली आध्यात्मिक पर्वों में से एक माना जाता है। यह पर्व असम के नीलाचल पर्वत स्थित माँ कामाख्या धाम में मनाया जाता है। तांत्रिक परंपरा के अनुसार इन दिनों माँ कामाख्या रजस्वला होती हैं, इसलिए मंदिर के गर्भगृह को तीन दिनों के लिए बंद रखा जाता है।
यह पर्व प्रकृति की सृजन शक्ति, मातृत्व और स्त्री-शक्ति के सम्मान का प्रतीक है। चौथे दिन माँ के शुद्धि-स्नान के पश्चात मंदिर के द्वार पुनः भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं। इस अवसर पर लाखों साधक, तांत्रिक, अघोरी और श्रद्धालु माँ के दर्शन हेतु कामाख्या धाम पहुँचते हैं।
मान्यता है कि अंबुबाची काल में की गई साधना, जप, तप, यंत्र-सिद्धि और मंत्र-अनुष्ठान शीघ्र फल प्रदान करते हैं। यह समय विशेष रूप से शक्ति-साधना, तांत्रिक साधना, आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
माँ कामाख्या की कृपा से साधक को आत्मबल, आकर्षण शक्ति, आध्यात्मिक जागृति, शत्रु-बाधा से मुक्ति तथा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन प्राप्त होते हैं।
माँ कामाख्या स्तोत्र
नमस्ते शरण्ये शिवे सानुकम्पे। नमस्ते जगद्व्यापिके विश्वरूपे॥ नमस्ते जगद्वन्द्य पादारविन्दे। नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे॥
कामरूपे महाशक्ते कामाख्ये कामदायिनि। सर्वसिद्धिप्रदे देवि नमस्ते परमेश्वरि॥
त्वं माता सर्वभूतानां त्वमेव जगदीश्वरी। त्वमेव शक्तिरूपेण पालयस्व नमोऽस्तु ते॥
अंबुबाची महायोग में विशेष मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं कामाख्यायै नमः॥
इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करने से माँ कामाख्या की कृपा प्राप्त होती है तथा साधक के जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है।
जय माँ कामाख्या।
जय आदिशक्ति।