डॉसी हनुमान मंदिर शाजापुर

  • Home
  • India
  • Shajapur
  • डॉसी हनुमान मंदिर शाजापुर

डॉसी हनुमान मंदिर शाजापुर jai shri ram..!!

पवन तनय बल पवन समाना। बुधि‍ बिबेक बिग्यान निधाना॥कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं॥
08/10/2019

पवन तनय बल पवन समाना। बुधि‍ बिबेक बिग्यान निधाना॥
कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं॥

उल्लङ्घ्य सिन्धोः सलिलं सलीलं यः शोकवह्निं जनकात्मजायाः।आदाय तेनैव ददाह लङ्कां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम्॥॥
14/04/2019

उल्लङ्घ्य सिन्धोः सलिलं सलीलं यः शोकवह्निं जनकात्मजायाः।
आदाय तेनैव ददाह लङ्कां नमामि तं प्राञ्जलिराञ्जनेयम्॥॥

बाबा डॉसी हनुमान जी महाराज का आज जन्मोउत्सवः का श्रृंगार ।।आंजनेयमतिपाटलाननं कांचनाद्रिकमनीयविग्रहम्  Iपारिजाततरुमूलवासि...
11/04/2017

बाबा डॉसी हनुमान जी महाराज का आज जन्मोउत्सवः का श्रृंगार ।।

आंजनेयमतिपाटलाननं कांचनाद्रिकमनीयविग्रहम् I
पारिजाततरुमूलवासिनम भावयामि पवमाननन्दनम् II

यत्र यत्र रगुनाथ कीर्तनं तत्र तत्र कृतमस्तकाञ्जिलाम I
वाष्पवारिपरिपूर्णलोचनम् मारुतिं नमत राक्षसान्तकम् II

जय श्री राम कल दिनांक 21/12/2016 बुधवार को प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी श्री डाँसी हनुमान मंदिर शाजापुर पर बड़ी धूम धाम स...
20/12/2016

जय श्री राम
कल दिनांक 21/12/2016 बुधवार को प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी श्री डाँसी हनुमान मंदिर शाजापुर पर बड़ी धूम धाम से हनुमान अष्टमी बनाई जाएगी , महाप्रसादी और भव्य सुंदरकांड का पाठ रखा गया है जिसमे आप सभी नगर वासियों की उपस्तिथि अनिवार्य है ।। आप सभी पधारे और दर्शन का लाभ लेवे ।
डाँसी हनुमान मंदिर समिति
जय सियाराम

10/10/2016
काज किये बड़ देवन के तुम ,बीर महाप्रभु देखि बिचारो I कौन सो संकट मोर गरीब को ,जो तुमसे नहिं जात है टारो I बेगि हरो हनुमा...
01/08/2016

काज किये बड़ देवन के तुम ,
बीर महाप्रभु देखि बिचारो I
कौन सो संकट मोर गरीब को ,
जो तुमसे नहिं जात है टारो I
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु ,
जो कछु संकट होए हमारो

सकल सुमंगल दायक रघुनायक गुन गान।सादर सुनहिं ते तरहिं भव सिंधु बिना जलजान।।
18/04/2016

सकल सुमंगल दायक रघुनायक गुन गान।
सादर सुनहिं ते तरहिं भव सिंधु बिना जलजान।।

डॉसी हनुमान शृंगार by bal vijay hanuman Ujjain..... भक्त मंडल
23/01/2016

डॉसी हनुमान शृंगार by bal vijay hanuman Ujjain..... भक्त मंडल

Hanuman stuti / हनुमान स्तुतिनमोऽस्तु रामाय सलक्ष्मणाय देव्यै च तस्यै जनकात्मजायै |नमोऽस्तु रुद्रेन्द्र यमनिलेभ्यो नमोऽस...
19/01/2016

Hanuman stuti / हनुमान स्तुति

नमोऽस्तु रामाय सलक्ष्मणाय देव्यै च तस्यै जनकात्मजायै |
नमोऽस्तु रुद्रेन्द्र यमनिलेभ्यो नमोऽस्तु चन्द्राग्नि मरुत्गणेभ्यः ||

माता सीताको अशोक वाटिका में न ढूंढ पानेपर हनुमानजी सर्व देवोंसे सहायता हेतु आर्ततासे इस प्रकार प्रार्थना करते हैं
" प्रभु श्री राम सह लक्ष्मण एवं जनक पुत्री सीता माताको नमन करता हूं, भगवान शिव सह समस्त रुद्रोंको भी नमन करता हूं , देवाधिराज इंद्र , यम देव , वरुण देव , सूर्य, चन्द्र एवं अन्य देवताओंको नमन करता हूं" |

* नील सरोरुह स्याम तरुन अरुन बारिज नयन।करउ सो मम उर धाम सदा छीरसागर सयन॥भावार्थ:-जो नीलकमल के समान श्यामवर्ण हैं, पूर्ण ...
17/01/2016

* नील सरोरुह स्याम तरुन अरुन बारिज नयन।
करउ सो मम उर धाम सदा छीरसागर सयन॥

भावार्थ:-जो नीलकमल के समान श्यामवर्ण हैं, पूर्ण खिले हुए लाल कमल के समान जिनके नेत्र हैं और जो सदा क्षीरसागर पर शयन करते हैं, वे भगवान्‌ (नारायण) मेरे हृदय में निवास करें॥

🚩महामंत्र🚩[ मकरसंक्रांति पर पतंग क्यों उड़ाई जाती है15 जनवरी शुक्रवार को संक्रांति महापर्व। ] ग्रंथ 'रामचरितमानस' के आधार...
15/01/2016

🚩महामंत्र🚩

[ मकरसंक्रांति पर पतंग क्यों उड़ाई जाती है
15 जनवरी शुक्रवार को संक्रांति महापर्व। ]

ग्रंथ 'रामचरितमानस' के आधार पर श्रीराम ने अपने भाइयों के साथ पतंग उड़ाई थी। इस संदर्भ में 'बालकांड' में उल्लेख मिलता है-

'राम इक दिन चंग उड़ाई।
इंद्रलोक में पहुँची जाई॥'

[बड़ा ही रोचक प्रसंग है। पंपापुर से हनुमान को बुलवाया गया था। तब हनुमानजी बाल रूप में थे। जब वे आए, तब 'मकर संक्रांति' का पर्व था। श्रीराम भाइयों और मित्र मंडली के साथ पतंग उड़ाने लगे। कहा गया है कि वह पतंग उड़ते हुए देवलोक तक जा पहुँची। उस पतंग को देख कर इंद्र के पुत्र जयंत की पत्नी बहुत आकर्षित हो गई।][

[वह उस पतंग और पतंग उड़ाने
वाले के प्रति सोचने लगी-

'जासु चंग अस सुन्दरताई।
सो पुरुष जग में अधिकाई॥'

इस भाव के मन में आते ही उसने पतंग को हस्तगत कर लिया और सोचने लगी कि पतंग उड़ाने वाला अपनी पतंग लेने के लिए अवश्य आएगा। वह प्रतीक्षा करने लगी। उधर पतंग पकड़ लिए जाने के कारण पतंग दिखाई नहीं दी, तब बालक श्रीराम ने बाल हनुमान को उसका पता लगाने के लिए रवाना किया। ]

[पवन पुत्र हनुमान आकाश में उड़ते हुए इंद्रलोक पहुँच गए। वहाँ जाकर उन्होंने देखा कि एक स्त्री उस पतंग को अपने हाथ में पकड़े हुए है। उन्होंने उस पतंग की उससे माँग की। उस स्त्री ने पूछा- "यह पतंग किसकी है?" हनुमानजी ने रामचंद्रजी का नाम बताया। इस पर उसने उनके दर्शन करने की अभिलाषा प्रकट की। हनुमान यह सुनकर लौट आए और सारा वृत्तांत श्रीराम को कह सुनाया। श्रीराम ने यह सुनकर हनुमान को वापस वापस भेजा कि वे उन्हें चित्रकूट में अवश्य ही दर्शन देंगे। हनुमान ने यह उत्तर जयंत की पत्नी को कह सुनाया, जिसे सुनकर जयंत की पत्नी ने पतंग छोड़ दी। कथन है कि-

'तिन तब सुनत तुरंत ही, दीन्ही छोड़ पतंग।
खेंच लइ प्रभु बेग ही, खेलत बालक संग।']

अद्भुद प्रसंग के आधार पर पतंग की प्राचीनता का पता चलता है।

संक्रांति 14 की बजाय 15 को क्यों? मान्यता है कि यदि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश शाम या रात्रि में हो तो पुण्यकाल अगले द...
14/01/2016

संक्रांति 14 की बजाय 15 को क्यों?

मान्यता है कि यदि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश शाम या रात्रि में हो तो पुण्यकाल अगले दिन के लिए स्थानांतरित हो जाता है। चूंकि इस वर्ष भी सूर्य 14 जनवरी की रात को मकर में प्रवेश करेंगे। इसलिए संक्रांति का पुण्यकाल अगले दिन यानी 15 जनवरी को सूर्योदय से दोपहर तक रहेगा।

इसलिए बदलती हैं संक्रांति की तारीखें

पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमते हुए 4 मिनिट पीछे होती है। इसे अयनांश कहते हैं। अयनांश धीरे-धीरे बढ़ता है। वर्तमान में ये 23 डिग्री 56 मिनिट है। सूर्य के देरी से मकर में प्रवेश करने के कारण ही संक्रांति की तारीखें भी आगे-पीछे होती रहती हैं और संक्रांति कभी 14 तो कभी 15 जनवरी को आती है।

Address

Dasipura Shajapur
Shajapur
465001

Opening Hours

Monday 4am - 9pm
Tuesday 4am - 9pm
Wednesday 4am - 9pm
Thursday 4am - 9pm
Friday 4am - 9pm
Saturday 4am - 9pm
Sunday 4am - 9pm

Telephone

9424875780

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when डॉसी हनुमान मंदिर शाजापुर posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Contact The Place Of Worship

Send a message to डॉसी हनुमान मंदिर शाजापुर:

Share

Category