26/04/2026
"हैदराबाद में महाश्रमणोत्सव" का हुआ भव्य आयोजन !
"स्व और पर कल्याण में रत है- आचार्य महाश्रमण "- मुनि दीप कुमार
दि०-26/4/2026 जैन सेवा संघ रामकोट, हैदराबाद के विशाल हॉल में आचार्य श्री महाश्रमणजी के 65वें जन्मदिवस और 17वें पदाभिषेक दिवस का भव्य आयोजन "महाश्रमणोत्सव" के रूप में आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनि श्री दीप कुमार जी ठाणा-२ के सानिध्य में तेरापंथी सभा- सिंकदराबाद द्वारा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विशाल हॉल खचाखच भरा हुआ था, बाहर तक लोग खड़े थे।
मुनि श्री दीप कुमारजी ने कहा -आचार्य श्री महाश्रमण जी स्व और पर कल्याण में रत है। स्वयं की आत्मा के कल्याण की उत्कृष्ट साधना कर रहे हैं तो दूसरों को भी आत्म कल्याण की दिशा में जीने का भारी प्रयत्न करा रहे हैं। आचार्य श्री जहां धर्मसंध के शासक है तो साधक भी हैं। प्रतिकूल स्थितियों में भी शासना करते हुए, साधना की ऊँचाई पर स्थित है। वे कीर्तिमान पुरुष है। यात्राओं के अद्भुत कीर्तिमान बनाए है। आचार्य श्री आगम संगायक है। आगम वाणी के साथ प्रवचन कराते हैं, आगमों का संपादन कराते हैं, साधु-साध्वियों को आगम स्वाध्याय की पावन प्रेरणा दिराते हैं। मुनिश्री ने आगे कहा- हम सौभाग्यशाली है कि ऐसे धर्मगुरु हमें प्राप्त हुए हैं। इस अवसर पर संकल्प करते है कि उनका जो आदेश निर्देश होगा उस दिशा में हमारे कदम बढ़ेंगे ।
मुनि श्री काव्य कुमार जी ने संचालन करते हुए कहा - आचार्यश्री अनंत शक्ति के अक्षय स्रोत है । वे संघ के पावर हाउस है एवं पूरे संघ को पावर सप्लाई करते हैं । आचार्य प्रवर का जीवन अनेक विलक्षण विशेषताओं का पुंज है।
कार्यक्रम में मंगलाचरण हैदराबाद कन्यामंडल की कन्याओं ने किया। तेरापंथी सभा सिंकदाबाद के अध्यक्ष सुशीलजी संचेती, ते. यु.प. अध्यक्ष राहुलजी गोलछा , ते.म.म. मंत्री निशाजी सेठिया, टी.पी..फ मंत्री अणुव्रतजी सुराणा, श्री जैन सेवा सेवा संघ के कोषाध्यक्ष सुरेश जी सुराणा , महासभा से लक्ष्मीपतजी बैद, लक्ष्मीपत डूंगरवाल आदि ने विचारों की अभिव्यक्ति दी। तेरापंथ किशोर मंडल द्वारा गीत की प्रस्तुति दी गई । शांताजी बैद, निर्मला जी बैद,और हर्ष लता जी दूधोडिया ने गीतिका प्रस्तुत की जो आकर्षण का केन्द्र रही। ते.म.म और ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं द्वारा गीत की प्रस्तुति जो 65 बहनों द्वारा दी गई। किशोर मंडल के किशोर ने भी गीतिका द्वारा अभिवंदना की|
आभार ज्ञापन सभा मंत्री हेमंतजी संचेती द्वारा किया गया। समापन, संघ- गान के साथ हुआ। कार्यक्रम का कुशल संचालन मुनिश्रीकाव्य कुमारजी ने किया।
सभा द्वारा श्री जैन सेवा संघ के अध्यक्ष श्री उमेश जी बागरेचा व पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया ।
कार्यक्रम के संयोजक श्री बाबुलालजी बेंगाणी, श्री हुकमीचंद जी कोटचा, श्री कनकमल जी बैद, श्री दीपक जी सांखला ने सभी व्यवस्थाओं को कुशलता पूर्वक संपादित किया ।