15/09/2026
" ं_गणपतये_नमः" ☘️🌺☘️🌺☘️🌺
ॐ नमो विघ्नराजाय सर्वसौख्यप्रदायिने ।
दुष्टारिष्टविनाशाय पराय परमात्मने ॥
भावार्थ - विघ्नों के राजा, सभी सुखों को प्रदान करने वाले, दुष्टों और विपत्तियों का नाश करने वाले, परमात्मा (गणेश जी) को ॐ नमस्कार है।
लम्बोदरं महावीर्यं नागयज्ञोपशोभितम् ।
अर्धचन्द्रधरं देवं विघ्नव्यूहविनाशनम् ॥
भावार्थ - लम्बोदर (बड़े पेट वाले), महान वीर, नाग को यज्ञोपवीत के रूप में धारण करने वाले, अर्धचन्द्र धारण करने वाले देव, विघ्नों की सेना का नाश करने वाले (गणेश जी को नमस्कार) ।
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः हेरम्बाय नमो नमः ।
सर्वसिद्धिप्रदोऽसि त्वं सिद्धिबुद्धिप्रदो भव ॥
भावार्थ - ॐ ह्रां, ह्रीं, ह्रूं, ह्रैं, ह्रौं, ह्रः हेरम्ब (गणेश) को बार-बार नमस्कार। आप सभी सिद्धियाँ देने वाले हैं, मुझे सिद्धि और बुद्धि प्रदान करें।
चिन्तितार्थप्रदस्त्वं हि सततं मोदकप्रियः ।
सिन्दूरारुणवस्त्रैश्च पूजितो वरदायकः ॥
भावार्थ - आप मनचाहा धन (फल) देने वाले हैं, सदा मोदक के प्रिय हैं, सिंदूर और लाल वस्त्रों से पूजित वरदायक हैं।
इदं गणपतिस्तोत्रं यः पठेद्भक्तिमान्नरः ।
तस्य देहं च गेहं च स्वयं लक्ष्मीर्न मुञ्चति ॥
भावार्थ - जो भक्त इस गणपति स्तोत्र को पढ़ता है, उसके शरीर और घर को स्वयं माँ लक्ष्मी कभी नहीं छोड़तीं।
✨ ( #श्रीगणपतिस्तोत्रम्) ☘️🌺☘️🌺☘️🌺