Gramotthan Vidyapeeth,Sangaria

Gramotthan Vidyapeeth,Sangaria It was Ch. Bahadur Singh Bhobia a soldier, who resolved to abolish illiteracy from the area. People of the area helped Swami ji very enthusiastically.

A Group of various educational institutions - Primary education (English & Hindi Medium), Higher Secondary Education ((English & Hindi Medium), Higher college education, Teachers training and Agriculture Research and Farmers Training Accordingly he, with the help of some like-minded friends, opened Jat middle school in 1917 and Thakur Gopal Singh provided 14 Bighas of land for the establishment of

the school. Despite grave financial crisis, the school continued to run upto 1932. In 1932 it reached to the verge of closure but was saved by Swami Keshwanand ji who took over its charge. Consequently pucca buildings continued to replace old mud houses, facilities continued to add and new departments continued to be added. By the time Swami ji left for his heavenly abode this Jat Middle School had acquired the stature of a large Educational, institution, namely Gramotthan Vidyapeeth. After the demise of Swami ji, the Managing Committee aided by the people of the area continued to lead it on the path of development. In 1977 commerce faculty and in 1980 P.G. classes were added to Swami Keshwanand College. Similarly M.Ed. classes were added to G.V. college of education and teaching of Library Science was also carried on in this college for a few years. In 1996 the history of the institution took a new turn when new Managing Committee took over the charge of the institution under the able leadership of Ch. Abhay Singh Chautala. Consequnently remarkable development works have taken place within two years. Swami Keshwanand Memorial Public School and Home Science College were started, Krishi Vigyan Kendra has also established with the financial assistance received from the Indian Council of Agriculture Research. At present, it is a big organization consisting of ten sister concern. Departments in Gramotthan Vidyapeeth
G.V. Senior Secondary School (Boys), Sangaria (Estd-1917)
Sh. Chhotu Ram Memorial Museum, Sangaria (Estd-1938)
Gramotthan Vidyapeeth Girls Senior Secondary School (Estd-1955)
Central office, Sangaria (Estd-1960)
Swami Keshwanand College (G.V.), Sangaria (Estd-1962)
G.V. College of Education, Sangaria (Estd-1965)
Gramotthan Vidyapeeth Home Science Women College (Estd-1994)
Krishi Vigyan Kendra GV Sangaria (Estd-1996)
Swami Keshwanand Memorial Public School (Estd-1996)


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1- Gramotthan Vidyapeeth,Sangaria –
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2- Sir Chhotu Ram Memorial Museum,Sangaria
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3- Swami Keshwanand GV College, Sangaria –
Web Site - www.skcollegesangaria.com
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4- SKM Public School,Sangaria
Web Site -skmschoolsng.org/skm.aspx
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5- GV PG College Of Education,Sangaria
Web Site -http://www.gvctesangaria.org/
FB -www.facebook.com/gvctesangaria

6- G.V. Home Science Women College, Sangaria
Web Site - http://www.gvhmswcollege.org/
FB - www.facebook.com/gvhmswcollege

7- GV Sr.Sec.School, Sangaria
FB- www.facebook.com/gvsrsssangaria

8- GV Sr.Sec.School, Sangaria
FB- www.facebook.com/gvgssssangaria

9- Krishi Vigyan Kendra, Sangaria
Web Site- http://www.kvksangaria.org/
FB- www.facebook.com/kvksangaria

10- Swami Keshwanand Career Counselling Centre, G.V. Sangaria
FB- www.facebook.com/skcccgv

11-Sports Academy G.V. Sangaria
FB- www.facebook.com/sportsacademygv
Website- http://sportsacademygv.com/

मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित उर्वरक उपयोग पर प्रतिभागियों को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षणकृषि विज्ञान केंद्र, ग्रामोत्थान विद...
21/05/2026

मृदा स्वास्थ्य एवं संतुलित उर्वरक उपयोग पर प्रतिभागियों को दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

कृषि विज्ञान केंद्र, ग्रामोत्थान विद्यापीठ, संगरिया द्वारा “समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन” विषय पर खुदरा उर्वरक विक्रेताओं हेतु अनुज्ञा-पत्र प्राप्त करने के उद्देश्य से आयोजित 15 दिवसीय प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में तहसीलदार संगरिया मोनिका बंसल उपस्थित रहीं।

मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं संतुलित उर्वरक उपयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसानों तक सही जानकारी पहुँचाने में उर्वरक विक्रेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि विक्रेता वैज्ञानिक जानकारी के आधार पर किसानों का मार्गदर्शन करेंगे तो इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भूमि की उर्वराशक्ति भी बनी रहेगी।

कृषि विज्ञान केंद्र संगरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. अनूप कुमार सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया और बताया कि प्रशिक्षण में कुल 36 प्रतिभागियों ने भाग लिया। 15 दिन तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक कृषि, हनुमानगढ़ डॉ. प्रमोद यादव तथा कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों उमेश कुमार, महावीर प्रसाद कस्वां, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. कुलदीप सिंह व रघुवीर सिंह नैण तथा भाकृअनुप- केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान व स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के वैज्ञानिक डॉ. रूपचंद बलाई तथा डॉ. बी.डी.एस. नाथावत ने प्रतिभागियों को समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी प्रदान की। पाठ्यक्रम के दौरान आवश्यक पोषक तत्वों की सूची एवं पौधों के पोषण में उनकी भूमिका, पोषक तत्वों की कमी के प्रभाव एवं लक्षण, विषाक्तता की पहचान, खाद एवं उर्वरकों की पहचान, उनके मानक, रख-रखाव तथा उपयोग विधियों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को मृदा परीक्षण, उर्वरकों की गणना, उर्वरक नियंत्रण आदेश, मृदा, जल एवं पादप नमूना लेने की विधि, परीक्षण एवं विश्लेषण संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

पाठ्यक्रम के कोर्स कोर्डिनेटर डॉ. चंद्र शेखर शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य उर्वरक विक्रेताओं को तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान कर उन्हें किसानों के लिए बेहतर मार्गदर्शक बनाना है।

अंत में डॉ. अनूप कुमार ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया तथा प्रशिक्षण को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष महानुभावों विभागों का आभार व्यक्त किया।

21/05/2026
ग्रामोत्थान विद्यापीठ संगरिया के सर छोटूराम स्मारक संग्रहालय में रखी दुर्लभ ऐतिहासिक धरोहरें आज भी हमारी संस्कृति और गौर...
18/05/2026

ग्रामोत्थान विद्यापीठ संगरिया के सर छोटूराम स्मारक संग्रहालय में रखी दुर्लभ ऐतिहासिक धरोहरें आज भी हमारी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास की पहचान हैं। लेकिन उपेक्षा और सीमित संसाधनों के कारण यह संग्रहालय अपनी पहचान तलाश रहा है।

हथियार, प्राचीन बर्तन, नायाब कलाकृतियां और पुरानी वस्तुएं आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास का जीवंत दस्तावेज हैं। इनके संरक्षण के लिए सरकार, समाज और पर्यटन विभाग को आगे आना होगा।

इतिहास बचाइए, धरोहर संवारिए।

गुलाबी लट पर जागरुकता कार्यक्रमकृषि विज्ञान केन्द्र, ग्रामोत्थान विद्यापीठ, सगरिया व केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, सि...
14/05/2026

गुलाबी लट पर जागरुकता कार्यक्रम
कृषि विज्ञान केन्द्र, ग्रामोत्थान विद्यापीठ, सगरिया व केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, सिरसा के संयुक्त तत्वाधान में गांव उमेवाला ब्लाॅक पीलीबंगा जिला हनुमानगढ़ में नरमा कपास में गुलाबी लट जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, संगरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डाॅ. अनूप कुमार ने केन्द्र पर संचालित गतिविधियों की जानकारी देते हुये गुलाबी सूंडी के एआई स्मार्ट ट्रेप प्रोजेक्ट से किसानों को अवगत कराया। केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान सिरसा के वरिष्ठ वैज्ञानिक (बीज) ने किसानों को नरमा कपास के बीज की पहचान, बीज का चुनाव व बीजोपचार के बारे में बताया। कृषि विज्ञान केन्द्र संगरिया के शस्य वैज्ञानिक डाॅ. चन्द्रशेखर शर्मा ने किसानों को संतुलित उर्वरक प्रबन्धन, नरमा कपास की शस्य क्रियाओं तथा जल व खरपतवार प्रबन्धन के बारे में जानकारी किसानों को दी। केन्द्र के कीट वैज्ञानिक डाॅ. उमेश कुमार ने कृषकों को नरमा कपास के कीटों की पहचान, जीवन चक्र, आर्थिक नुकसान स्तर तथा इसके सही समय पर प्रबन्धन के बारे में जानकारी दी तथा गुलाबी लट के एआई स्मार्ट ट्रेप के महत्व से किसानां को अवगत करवाया।
केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान सिरसा के वैज्ञानिक डाॅ. आशियन वाशिंगटन सिंह ने नरमा कपास में लगने वाले रोगों के बारे में जानकारी देते हुये इसके प्रभावी नियंत्रण के बारे में बताया। इसके बाद सभी किसानों के साथ एआई स्मार्ट ट्रेप का अवलोकन किया गया।इसी दौरान कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक ओमप्रकाश वर्मा व इन्द्राज ने विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। इस कार्यक्रम में 85 किसानों ने भाग लिया।

Happy Mother's Day
09/05/2026

Happy Mother's Day

05/05/2026

15 दिवसीय प्रशिक्षण से खुलेगा उर्वरक लाईसैंस का रास्तावैज्ञानिक खेती की और बढ़ेंगें किसानदेशभर में चल रहे समन्वित उर्वरक ...
04/05/2026

15 दिवसीय प्रशिक्षण से खुलेगा उर्वरक लाईसैंस का रास्ता
वैज्ञानिक खेती की और बढ़ेंगें किसान
देशभर में चल रहे समन्वित उर्वरक प्रबन्धन अभियान के बीच कृषि को लाभकारी एवं टिकाउ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुये कृषि विज्ञान केन्द्र, संगरिया में ‘‘समन्वित पोषक तत्व प्रबन्धन’’ विषय पर 15 दिवसीय प्रमाण पत्र पाठयक्रम का शुभारम्भ किया गया। प्रशिक्षण विशेष रुप से खुदरा उर्वरक लाईसेंस प्राप्त करने के इच्छुक युवाओं के लिये आयोजित किया गया है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ. सुरेन्द्र सहारण, प्राचार्य ग्रामोत्थान विद्यापीठ शिक्षा महाविद्यालय, संगरिया ने कहा कि वर्तमान राष्ट्रीय अभियान का उद्देश्य किसानों को संतुलित एवं वैज्ञानिक उर्वरक उपयोग के प्रति जागरुक करना है, उन्हांनें कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण इस अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंनें प्रशिक्षणार्थियों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये डाॅ. अनूप कुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र, संगरिया ने बताया कि यह पाठयक्रम न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है बल्कि युवाओं को उर्वरक लाइसेंस प्राप्त करने हेतु आवश्यक तकनीकी ज्ञान भी प्रदान करेगा। उन्होंनें कहा कि परीक्षण आधारित उर्वरक प्रबन्धन से लागत में कमी और उत्पादन वृद्धि सम्भव है। जिससे किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। उन्होनें इसे राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अभियान से जोड़ते हुये दूसरी प्रासंगिकता पर जोर दिया।
पाठयक्रम समन्वयक डाॅ. चन्द्रशेखर शर्मा विषय विशेषज्ञ (शस्य विज्ञान) ने प्रशिक्षण की रुपरेखा प्रस्तुत करते हुये बताया कि 15 दिन के दौरान प्रतिभागियों को मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक प्रयोग, जैविक एवं रासायनिक उर्वरकों के समन्वय, फसल विशेष तत्व प्रबन्धन, सूक्ष्म पोषक तत्वों का महत्व व भूमिका तथा नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी दी जायेगी। इसके साथ ही व्यवहारिक सत्र, प्रक्षेत्र भ्रमण एवं प्रदर्शनों के माध्यम से सूचना संचार तकनीकी का प्रयोग करते हुये व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया जायेगा। उद्घाटन समारोह में डाॅ. मुकेश कुमार, विषय विशेषज्ञ (पशुपालन) ने कृषि एवं पशुपालन के एकीकृत दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। रघुवीर सिंह नैण, कार्यक्रम सहायक (प्रशिक्षण) ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन व व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में डाॅ. कुलदीप सिंह, विषय विशेषज्ञ (प्रसार शिक्षा) द्वारा प्रतिभागियों का प्रशिक्षण पूर्व मूल्यांकन किया गया, जिससे उनमें ज्ञान

03/05/2026

French language class - Inauguration

01/05/2026
01/05/2026

SKM Public School
Activity on Up and Down 👍👍

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Sangaria
335063

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