25/05/2022
" एक दिवसीय शनि साधना प्रयोग"
30 मई समोवती अमावस्या 'शनि जयंती'
प्रत्येक ग्रह का , चाहे वह अच्छा ग्रह हो अथवा बुरा, उसका एक विशेष प्रभाव अवश्य पड़ता है और प्रत्येक ग्रह जीवन में महत्त्वपूर्ण है !
उन्नति युक्त जीवन के लिये तथा कार्यों में पूर्ण सफ़लता प्राप्ति के लिए यह आवश्यक है कि अच्छे ग्रहों के प्रभाव को बढ़ाया जाये तथा खराब ग्रहों के दुष्प्रभाव को शान्त किया जाये ! इसलिये विध्वजनों का मानना है, की गृह गोचर, नक्षत्रों के हिसाब से जब भी कोई श्रेष्ठ महुर्तों का सद उपयोग हर व्यक्ति को लेना चाहिये ..!!
शनि सूर्य पुत्र है और उग्र प्रकृति का क्रूर ग्रह है !
गोचर में विपरीत प्रभाव से एक्सीडेंट, कर्जा चढ़ना, कोर्ट केस, तान्त्रिक प्रयोग, मृत्यु, झूठी बदनामी, जेल जाना, नशा करना, बर्बाद होना, धन हानि, शत्रु से नुकसान, चोरी होना, दु:ख, चिन्ता, दुर्भाग्य, पैसा फँसना, समय पर काम न होना, घर में क्लेश बना रहना, पारिवारिक झगड़े, अगर स्त्री हो तो उसकी शादी लेट होना, अच्छा पति न मिलना, पति का शराब पीना, लड़ाई-झगड़े करना, अपनी इच्छा से विवाह न होना, घर से भाग जाना, सन्तान कष्ट, पुत्र प्राप्ति न होना, अपमान, तनाव, आर्थिक तंगी, गरीबी, नौकरी न लगना, प्रमोशन न होना, व्यापार न चलना, बच्चों से नुकसान अर्थात बच्चे का बिगड़ना, शिक्षा प्राप्त न होना, परीक्षा में फेल होना, गुप्त शत्रु होना, गुप्त स्थानों के रोग, जोड़ों के दर्द होना, साँस की समस्या, पेट के रोग, शरीर में मोटापा, बीमारियों पर पैसा खर्चा होना, जीवन में असफलता आदि सब शनि की महादशा, अन्तर्दशा, गोचर या शनि के अनिष्ट योग होने पर होता है !
शनि जीवन में आकस्मिकता की स्थिति लाता है और जीवन में जो अकस्मात् घटनाएँ होती है, चाहे वे अच्छे फल की तरफ हों अथवा बुरे फल की ओर उनका मूल कारक शनि ही है !
वैसे मेरा तो विश्वास है कि शनि की पूजा, जाप साधना और मन्त्र द्वारा इसे तीव्रता से अनुकूल बनाया जा सकता है। और जब यह अनुकूल होता है तो व्यक्ति को रंक से राजा बना देता है, और शनि नकारात्मक प्रतिकूल हो तो राजा से रंक भी बना देता है !
जितने भी लोग राजनीति में उच्च स्थान पर पहुँचते हैं, उनका शनि प्रबल होता है। परिवार में भी शनि प्रधान व्यक्ति का ही वर्चस्व रहता है !
यदि आपके ऊपर शनि की ढईया, साढ़ेसाती ग्रह का समय चल रहा है या इस तरह की कोई समस्या आ रही है तो कहीं न कहीं शनि ग्रह आपको अशुभ फल दे रहा है ! शनि ग्रह के अशुभ फल से बचने के लिए अन्य बहुत से उपाय है, पर सभी उपायों में मन्त्र का उपाय सबसे अच्छा माना जाता है। इन मन्त्रों का कोई नुकसान भी नहीं होता और इसके माध्यम से शनि ग्रह के अनिष्ट प्रभाव से पूर्णतः बचा जा सकता है। इसका प्रभाव शीघ्र ही देखने को मिलता है !
शनि की पूर्ण साधना करनी चाहिए यदि किसी कारण वश आप शनि की पूर्ण साधना न कर सके तो 1 दिवसीय साधना से शनि ग्रह का विपरीत प्रभाव शीघ्र समाप्त होने लग जाता है ! ये साधना गुरू मार्गदर्शन मे करनी चाहिए और गुरूद्वारा शक्तिपक लेकर ही साधना करें
जिसको भी यह साधना करनी है अपनी निम्न जानकारी हमारे watsup पर भेजे-
अपना नाम-
पिता का नाम-
गोत्र या सर नेम-
और अपना फ़ोटो-
1 दिवसीय शनि साधना
(ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः.)
Note - दुर्लभः मंत्रों से सिद्ध प्राणप्रतिष्ठा युक्त शनि माला साधना करने वाले माला व्यक्तियों को भेजी जाएगी
अचार्य पंडित उदित केशोरे
पता ~ श्री हरी हर शक्ति मठ अटूट खास खण्डवा मध्यप्रदेश
मोबाइल no 7692868476
🚩मात श्री नर्मदे हर 🚩
👏ॐ शं शनैश्चराय नमः.👏