24/05/2026
संस्कृति हमारी पहचान है और संस्कृत उसकी आत्मा चूड़ामणि संस्कृत संस्थान के अध्यक्ष Shakti Pathak के ये भावपूर्ण शब्द श्री नरसिंह देव संस्कृत गुरुकुल, Ghagwal के उद्घाटन समारोह में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के हृदय को स्पर्श कर गए।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत की वास्तविक शक्ति केवल आधुनिक विकास में नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति, संस्कारों और प्राचीन ज्ञान परंपरा में निहित है। संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की आत्मा है, जिसने सदियों से मानवता को ज्ञान, नैतिकता और जीवन जीने की दिशा प्रदान की है।
श्री शक्ति पाठक जी ने गुरुकुल की स्थापना को भारतीय संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा के पुनर्जागरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री नरसिंह देव संस्कृत गुरुकुल आने वाली पीढ़ियों को वैदिक ज्ञान, संस्कार, योग, अनुशासन और भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ने का कार्य करेगा।
उनका प्रेरणादायी संबोधन पूरे वात�