Word of Almighty God

Word of Almighty God Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Word of Almighty God, Religious Center, Samana.

23/04/2026
14/04/2026

तुम्हें और उन्हें परमेश्वर के राज का रहस्य 🤔💭📚💫
मती 13:11
के अनुसार, यीशु ने कहा, "तुम्हें स्वर्ग के राज्य के भेदों की समझ दी गई है, पर उन्हें नहीं"। यह दृष्टांतों के माध्यम से शिक्षा देने का कारण था, जो चेलों को सत्य प्रकट करने के लिए थे, लेकिन उन लोगों से छिपाने के लिए जो विश्वास नहीं करते थे या जिनके मन "मोटे" (कठोर) हो गए थे। इस आयत में दो प्रकार के लोग हैं 1 तुम्हें 2 उन्हें
( 1 ) तुम्हें :- यह वह लोग हैं जिनको परमेश्वर ने अपने दृष्टांतों को पवित्र आत्मा द्वारा पूर्ति के प्रकट वचन खोल कर दिये है। क्योंकि परमेश्वर अपने लोगों को पूर्ति के प्रकट वचनों के द्वारा अपना कार्य करने के लिए चुनते हैं। इसलिए (मती 13 : 11)में यीशु कहते हैं, "तुम्हें स्वर्ग के राज्य के भेदों की समझ दी गई है, पर उन्हें नहीं" परमेश्वर जिन्हे लोगों को समझ देते हैं उन्हीं को चुनते हैं। उन्हीं के द्वारा परमेश्वर अपनी इच्छा को पूरा करना चाहते हैं।फिर परमेश्वर की इच्छा किया है? परमेश्वर की इच्छा है, उसका राज्य पृथ्वी पर स्थापित हो जाएं ।
(मती 6 : 10 )
( 2 ) उन्हें :-यह वह लोग हैं जिनके विषय में यशायाह की यह भविष्यवाणी पूरी होती है । तुम कानों से तो सुनोगे , पर समझोगे नहीं ; और आंखों से तो देखोगे पर तुझे न सूझेगा।
क्योंकि इन लोगों का मन मोटा हो गया है,
और वे कानों से ऊंचा सुनते हैं और उन्होंने अपनी आंखें मूंद ली है ;
कहीं ऐसा न हो कि वे आंखों से देखें, और कानों से सुनें और मन से समझे, और फिर जाएं और मैं उन्हें चंगा करूं।'
(यशायाह 6 :9-10)
यह वह लोग हैं जो भविष्यवाणी की पूर्ति को सुनना पसंद नहीं करते। वह अपने ऊच्चे पद के घमंड के कारण और लोगों से झूठी वा वा लेने में आनंद महसूस करते हैं। पर ऐसे लोग परमेश्वर के दृष्टांतों और भविष्यवाणी के प्रकट वचन की पूर्ति को अस्वीकार करते हैं और अपनी खुद की बुद्धि पर घमंड करते हैं। कोई भी व्यक्ति खुद की समझ से परमेश्वर की इच्छा को नहीं जान सकता हैं । जब कोई परमेश्वर की इच्छा नहीं जान सकता तो परमेश्वर के राज्य का कार्य कैसे कर पाएगा।
परमेश्वर का कार्य करने के लिए हर एक बाइबल का वचन पढ़ने वाले व्यक्ति को वह किसी भी पद पर क्यों न हो ! बाइबल के सभी दृष्टांतों के आत्मिक अर्थो और प्रकाशित वाक्य के हर वचन की पूर्ति को हुई है या नहीं इसको जानना होगा।

23/03/2026

झूठ बोलना, चोरी करना,गलती करना बड़ा आसान है और गलती छुपाना उससे भी आसान है। भारत के एक ऐसे युवा नेता राहुल गांधी जी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर झूठा, चोरी, गलती और और हर छुपाई हुई गलती को पकड़ा और छुपी हुई गलतियों को पब्लिक के सामने उजागर किया। राहुल गांधी जी एक सुजवान बुद्धिमान, युवाओं को और देश को अच्छी दिशा देने और देश को गरीबी,महंगाई और गिरती हुई अर्थव्यवस्था से निकालने की हिम्मत रखने वाले होनहार नेता है। भारत में रहने वाले देश वासियों एक बर आंखें और कानों की पट्टी खोलकर राहुल गांधी जी को देखो और सुनो और फिर एक बार देश को चलाने का मौका दीजिए।🙏
धन्यवाद !!!

19/08/2025

जय मसीह की,
मैं प्रार्थना करता हूँ कि परमेश्वर की आशीषें आप पर बनी रहें, आप पर जो एक ऐसे विश्वासी हैं जो परमेश्वर की इच्छा के अनुसार जीवन जीने का प्रयास कर रहे हैं।
मेरा नाम पास्टर करम मसीह है मेरा कांटेक्ट नंबर +91 90415 88671 है।और मैं शिनचोनजी चर्च ऑफ जीसस, टैबरनेकल ऑफ द टेस्टिमनी के बुसान जेम्स जनजाति का सदस्य हूँ।

एक ऐसे विश्वासी के रूप में जो परमेश्वर की आशा को साझा करता है, मैं इस अवसर का उपयोग आपके साथ विश्वास के विषय में साझा करने के लिए करना चाहता हूँ।

शिनचोनजी यीशु के पहले आगमन के उदाहरण का अनुसरण करता है—जिन्होंने स्वतंत्र रूप से शिक्षाएं साझा कीं, दूसरों से प्रेम किया, और बिना किसी निर्णय के उनका स्वागत किया। हम आलोचना या निंदा करने का प्रयास नहीं करते, बल्कि संवाद, समझ, प्रेम, और वचन के माध्यम से विश्वास का जीवन जीने का प्रयास करते हैं।

हालांकि, हर युग में परमेश्वर द्वारा भेजे गए चरवाहों को सताया गया है। यीशु के पहले आगमन पर भी उन्हें सूली पर चढ़ाया गया। शास्त्रियों और फरीसियों ने यीशु को एक विधर्मी कहा क्योंकि वे शास्त्रों को नहीं समझते थे और उस व्यक्ति को पहचानने में असफल रहे जो वादा के अनुसार आया था। उन्होंने यीशु को बदनाम किया और उस पर उंगलियाँ उठाईं। लेकिन आज संसार में शायद ही कोई हो जो यीशु को न जानता हो।

तो आज क्या हो रहा है?
हालाँकि शिनचोनजी को "पंथ" (cult) कहा गया है, हर साल 1 लाख से अधिक लोग वचन को सुनते हैं और इसकी सच्चाई को स्वीकार करते हैं।
जिन्होंने स्वयं को “सिद्ध” (orthodox) कहा, उन्होंने पूरे इतिहास में दूसरों को सताया और निंदा की, फिर भी शास्त्र बताते हैं कि ऐसे कार्यों का परिणाम हमेशा क्या रहा है। क्या यह वास्तव में एक आशीर्वाद नहीं है—जैसा कि बाइबल कहती है—अगर हमें केवल इसलिए “विधर्मी” कहा जाए क्योंकि हम उनसे अलग हैं?

प्रिय और प्यारे विश्वासी!
परमेश्वर के वचन के अनुसार जीवन जीना, मेरा विश्वास है कि सत्य के मार्ग पर चलना है—जैसे बारह प्रेरितों ने यीशु के पहले आगमन पर उन्हें पहचाना, न कि जनमत के अनुसार चलना।
मैं आशा करता हूँ कि आप भी बाइबल को स्वयं देखें और समझें कि इस युग में परमेश्वर क्या पूरा कर रहे हैं। जब कोई भविष्यवाणी दी जाती है, तो वास्तविकता आने तक समय होता है; लेकिन जब वह पूरी हो चुकी सच्चाई गवाही में दी जाती है, तब और समय नहीं रहता। यीशु ने कभी भी अपने वचनों को अधूरा नहीं छोड़ा, भले ही लोग विश्वास न करें।

लूका 13 में लिखा है कि यद्यपि परमेश्वर का कार्य पूरा हो चुका था और लोगों को आमंत्रित किया गया था, उन्होंने इनकार कर दिया। बाद में जब उन्होंने यह महसूस किया कि परमेश्वर का कार्य वास्तव में पूरा हो गया है, तो उन्होंने आने की बहुत कोशिश की। लेकिन जब उन्होंने दरवाज़ा खोलने की प्रार्थना की, तब भी वह नहीं खोला गया। यद्यपि उन्हें कई बार बुलाया गया और उन्होंने उपेक्षा की, लेकिन जब उन्होंने महान फल देखा और देर से लौटने की कोशिश की, तो उन्हें स्वीकार नहीं किया गया।

मैं लोगों की बातों के आधार पर निर्णय लेने की बजाय, बाइबल के माध्यम से सत्य को समझना चाहता हूँ, और प्रेम, समझ, और स्वीकार्यता के मार्ग पर चलना चाहता हूँ—न कि समाज की राय के कारण एक-दूसरे पर आरोप लगाने के मार्ग पर।

हम जिस परमेश्वर, यीशु और बाइबल में विश्वास करते हैं—वे एक हैं। आइए हम जुड़े रहें और एक साथ परमेश्वर, यीशु और स्वर्ग के राज्य के आगमन का स्वागत करें।

इस लंबे संदेश को पढ़ने के लिए धन्यवाद। मैं हमारे बीच एक नए संबंध की संभावना की प्रतीक्षा करता हूँ।

19अगस्त, 2025
आपका ईमानदार भाई।

मैं पास्टर करम मसीह मोबाइल नंबर +91
90415 88671 शिनचोनजी चर्च ऑफ जीसस का सदस्य हूं।
बुसान जेम्स गोत्र, भारत बेंगलुरु चर्च
मुख्य संपर्क: +91 86606 07842

TRUE LIGHT INSTITUTION
http://truelightinstitution.org

05/06/2025

परमेश्वर ने हमें क्यों चुना है ? क्या लोग हमें जाने या लोग हमारी प्रशंसा करें। क्या बड़ी कोठी,लग्जरी गाड़ी,धन संपत्ति, रिच कंट्री का वीजा इसलिए। नही?
अदन की वाटिका में आदम की
अआणआज्ञाकारी के कारण आदम ने पाप किया।पाप के कारण परमेश्वर आदम और हवा के साथ रह नहीं सका इसलिए परमेश्वर अदन के भाग से चला गया।अब अदन की वाटिका,आदम और हवा शैतान के कब्जे में है। परमेश्वर ने अदन की वाटिका को फिर से शैतान के कब्जे से आजाद कराने के लिए हम सबको चुना है। ताकि हम परमेश्वर के भेदों, परमेश्वर के दृष्टांतों और परमेश्वर की भविष्यवाणियों को जानकर। कब, कैसे, कहां से, किसके अधीन होकर शैतान के साथ युद्ध करें। परमेश्वर ने प्रभु यीशु मसीह द्वारा क्या हमें अपनी खुद की भविष्यवाणी के लिए या संसार की अन्य वस्तुओं को खोजने के लिए चुना है। नही ? सृष्टि जो अनर्थ के अधीन है उसको आजाद करने के लिए चुना है। जैसे किसी देश की सैना बेरोजगार व्यक्ति को अपने अधिकारी के द्वारा सैना में भारती कर ले जाती है। अब उस सैनिक ने सैना को नहीं चुना है,सैना ने इस सैनिक को चुना है। अब इस सैनिक को रोटी, कपड़ा, मकान, गाड़ी, धन, मेडिकल ट्रीटमेंट, पत्नी और बच्चों के रहने लिए मकान, बच्चों की फीस का खर्चा।
सैना को अपने सैनिक की हर जरूरत की चिंता है। बस सैनिक का काम है अपने अधिकारी के अधीन रहकर दुश्मन के साथ युद्ध करें और विजय प्राप्त करें। हमें भी प्रभु यीशु मसीह ने इसीलिए चुना है कि हम भी शैतान से युद्ध करके। पिता की जैसी मर्जी स्वर्ग में होती है वैसी पृथ्वी पर भी हो जाए। इसी के लिए ही हमें प्रभु यीशु मसीह ने चुना है। पढ़ कर,समझकर और सोच कर भाइयों और बहनों बताना। प्रभु यीशु मसीह की कृपा सभी के ऊपर होती रहे है।
✝️आमीन ✝️
🙏

Address

Samana
147101

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when Word of Almighty God posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share