माँ शाकुम्भरी देवी शिद्धपीठ

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सभी भक्तो को माता श्री शाकुंभरी देवी जी के प्रकटोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।माता रानी सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखे जय म...
06/01/2023

सभी भक्तो को माता श्री शाकुंभरी देवी जी के प्रकटोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं।
माता रानी सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखे
जय माता जी की ⛳
🙏⛳🙏

02/04/2022

समस्त देशवासियों को माँ शक्ति की उपासना के महापर्व चैत्र नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं |
नवरात्रि का ये पावन पर्व आप सभी की जीवन मे सुख, शांति, और समृद्धि लेकर आये 🌞🚩

#नवरात्रि

🚩🙏Jai Mata Ji ki 🙏🚩
17/01/2022

🚩🙏Jai Mata Ji ki 🙏🚩

07/10/2021

ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः

शक्ति व विजय के प्रतीक पावन पर्व 'शारदीय नवरात्रि' की सभी भक्तो को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं।

माँ शैलपुत्री से प्रार्थना है कि हम सभी को सुख-सिद्धि तथा आनन्दमय जीवन प्रदान करें।

जय माता दी!

जय माता जी की 🚩🚩
18/04/2021

जय माता जी की 🚩🚩

आज आनन्द संवत्सर,  विक्रम संवत 2078 के चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है ।तदानुसार - 16अप्रैल 2021, शुक्रवारआज ...
16/04/2021

आज आनन्द संवत्सर, विक्रम संवत 2078 के चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है ।

तदानुसार - 16अप्रैल 2021, शुक्रवार

आज चौथा नवरात्र मां कूष्मांडा का है..🙏
जय माता जी की 🙏

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत् 2078 के शुभ अवसर पर आप सभी को हिंदू नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएं।यह नववर्ष सभी के...
13/04/2021

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रमी संवत् 2078 के शुभ अवसर पर आप सभी को हिंदू नव संवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएं।

यह नववर्ष सभी के जीवन में सुख, शांति एवं सौभाग्य लाये।
🙏🙏
🙏जय श्री राम🙏
🙏जय माता जी की🙏

जय माता जी की
13/04/2021

जय माता जी की

28/01/2021

श्री माता शाकुम्भरी देवी जी के जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏

28/01/2021

जय माता जी की 🙏🚩

22/10/2020

नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं।

इस देवी को नवरात्रि में छठे दिन पूजा जाता है। कात्य गोत्र में विश्वप्रसिद्ध महर्षि कात्यायन ने भगवती पराम्बा की उपासना की। कठिन तपस्या की। उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री प्राप्त हो। मां भगवती ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया।

इसलिए यह देवी कात्यायनी कहलाईं। इनका गुण शोधकार्य है। इसीलिए इस वैज्ञानिक युग में कात्यायनी का महत्व सर्वाधिक हो जाता है। इनकी कृपा से ही सारे कार्य पूरे जो जाते हैं। ये वैद्यनाथ नामक स्थान पर प्रकट होकर पूजी गईं। मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं।

भगवान कृष्ण को पति रूप में पाने के लिए ब्रज की गोपियों ने इन्हीं की पूजा की थी। यह पूजा कालिंदी यमुना के तट पर की गई थी। इसीलिए ये ब्रजमंडल की अधिष्ठात्री देवी के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इनका स्वरूप अत्यंत भव्य और दिव्य है। ये स्वर्ण के समान चमकीली हैं और भास्वर हैं।

इनकी चार भुजाएं हैं। दाईं तरफ का ऊपर वाला हाथ अभयमुद्रा में है तथा नीचे वाला हाथ वर मुद्रा में। मां के बाईं तरफ के ऊपर वाले हाथ में तलवार है व नीचे वाले हाथ में कमल का फूल सुशोभित है। इनका वाहन भी सिंह है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है।
मां कात्यायनी हर गम दूर करती हैं। भक्तों के रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। इसलिए कहा जाता है कि इस देवी की उपासना करने से परम पद की प्राप्ति होती है।

जय माता जी की 🙏🚩
21/10/2020

जय माता जी की 🙏🚩

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