22/05/2026
झूठ बिल्कुल झूठ
परमहंस महाराज श्री जी 12 अक्तूबर 1964 को अंतर्ध्यान (धामगमन ) हो गया और ये स्वरूप साहेब 15 जनवरी 1965 को लिख कर पूरा हुआ जिन महानुभाव ने ये गलत पोस्ट डाला है परमहंस महाराज श्री जी का ये दिव्य धाम जहां पर उनकी साक्षात बैठक है जहां महाराज श्री जी सच्चिदानंद एवं अखंड स्वरूप मैं विराजमान है
उस दिव्य भूमि से श्री निजानंद आश्रम शेरपुर इसका विरोध करता है और समस्त सुन्दरसाथ जी के चरणों मैं प्रर्थना करता है कि आप इस झूठ से बिल्कुल सावधान हो जाये