विराग-विविक्त वचन

विराग-विविक्त वचन परम् पूज्य श्रमणी आर्यिका माँ 105 विविक्त श्री माता जी

26/04/2026

🚩 ।। झांसी के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय: भव्य मंगल प्रवेश ।। 🚩

​"शंखनाद और जयकारों से गूंज उठी वीर भूमि की हर गली,

गुरु माँ के चरणों के पड़ते ही, झांसी की भक्ति की कली-कली खिली।" 🌸✨

​कल वीर भूमि झांसी ने एक ऐसा दृश्य देखा जो वर्षों तक स्मृतियों में जीवंत रहेगा। परम पूज्य गणाचार्य गुरुदेव श्री 108 विराग सागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या, करुणा और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति पूज्य श्रमणी आर्यिका श्री 105 विविक्त श्री माताजी ससंघ का झांसी नगरी में ऐतिहासिक एवं भव्य मंगल प्रवेश संपन्न हुआ। 👣 वीर भूमि की धरा पर गुरु माँ के कदम क्या पड़े, मानों पूरी नगरी भक्ति के रंग में सराबोर हो गई। 🏯💎

​✨ कैसा था वो अद्भुत नजारा? ✨

✅ भक्ति का सैलाब: जिधर नजर गई, उधर केवल गुरुभक्तों का हुजूम और सिर पर कलश लिए माताएं-बहनें नजर आईं। 🌊🤝

✅ जयकारों की गूंज: 'जब तक सूरज चांद रहेगा, गुरु माँ का नाम रहेगा' के नारों से पूरा गगन गुंजायमान हो उठा। 🗣️🚩

✅ अद्वितीय अगवानी: ढोल-नगाड़

25/04/2026

🚩 ऐतिहासिक मंगल मिलन: भारत गौरव विविक्त श्री माताजी एवं मुनि सौम्य सागर जी

22/04/2026

_*🏰 वीरभूमि झाँसी महानगर में 🏰*_
_☀️ प.पू. *गणाचार्य श्री विरागसागरजी महामुनिराज* की परम शिष्या एवं_
_☀️ प.पू. *पट्टाचार्य श्री विशुद्धसागरजी महामुनिराज* की आज्ञानुवर्ती_
_*🌼 भारत गौरव पूज्य गुरुमां श्रमणी आर्यिकारत्न विविक्तश्री माताजी* (ससंघ) का 🌼_
_*👣 भव्य मंगल प्रवेश 👣*_
_कार्यक्रम का विवरण:-_
_🗓️ दिनांक:- *24 अप्रैल 2026*_
_⏰ समय:- *प्रातः 07:00 बजे*_
_📍 प्रारंभिक स्थल: *महावीर भवन,सदर बाजार* झाँसी_
_🎊 शोभायात्रा का मार्ग एवं कार्यक्रम:-_
_*भव्य आगवानी की शोभायात्रा महावीर भवन सदर बाजार से प्रारम्भ होकर कचहरी ➡️झोकनबाग ➡️ गोविंद चौराहा ➡️ मिनर्वा ➡️ रानीमहल ➡️ सुभाषगंज से होते हुए श्री दिगम्बर जैन पंचायती बड़ा मन्दिर (गांधी रोड)* पहुंचेगी।_
_मंदिर जी में आगमन के पश्चात *पूज्य गुरुमां के मंगल प्रवचन* होंगे।_
_*🙏 आप सपरिवार सादर आमंत्रित हैं! 🙏*_

_आयोजक:- *श्री दिगम्बर जैन पंचायत समिति* (रजि.), गांधी रोड, झाँसी_
_निवेदक:- *सकल दिगम्बर जैन समाज,* झाँसी (उ.प्र.)_

18/04/2026

अक्षय पुण्य का उदय—भगवान आदिनाथ का पारणा एवं विविक्त श्री माताजी का मंगल सानिध्य! 🙏✨

​"युगादि पुरुष, प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ भगवान की कठिन तपस्या और ६ माह के अंतराल के बाद, राजा श्रेयांश के हाथों हुए इक्षु रस (गन्ने के रस) के प्रथम आहार दान के पावन पर्व 'अक्षय तृतीया' की आप सभी को कोटि-कोटि मंगल बधाई!" 🍯🌱

​आज तालबेहट की धरा पर भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। समाधि सम्राट, परम पूज्य गणाचार्य गुरुवर विराग सागर जी महाराज की सुयोग्या शिष्या, परम पूज्य आर्यिका रत्न विविक्त श्री माताजी के पावन सानिध्य में यह महोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

​जिस प्रकार भगवान आदिनाथ ने 'दान तीर्थ' का मार्ग दिखाकर संसार का कल्याण किया, उसी प्रकार माताजी की तपस्या और उनके उपदेश हमें संयम और दान के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं। गुरुवर विराग सागर जी के संस्कारों को आत्मसात किए हुए माताजी का सानिध्य हम सभी भव्य जीवों के लिए सौभाग्य की बात है।

​आइए, इस अक्षय तृतीया पर हम भी अपनी श्रद्धा का अर्घ्य अर्पित करें और पुण्य का संचय करें।

​📍 स्थान: तालबेहट (उ.प्र.)

✨ पावन सानिध्य: आर्यिका रत्न विविक्त श्री माताजी

​ JainDharma ViviktShriMataji AaryikaRatna DanTirth JainSanskar Punya
🙌 शिष्या: गणाचार्य विराग सागर जी महाराज (समाधि सम्राट)

05/04/2026

शीर्षक: आँखों में आँसू, हाथों में सेवा और दिल में सिर्फ गुरु भक्ति... 🥺❤️
​आज तालबेहट की गलियों ने एक ऐसा दृश्य देखा, जिसे देख कर हर आँख नम हो गई और हर दिल गर्व से भर गया। 🚩
​समाधि सम्राट, वात्सल्य के सागर परम पूज्य आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज के संस्कारों की खुशबू आज यहाँ महक रही थी। जब उनके ही आशीर्वाद से दीक्षित परम पूज्य आर्यिका श्री 105 विविक्त श्री माता जी के आहार के लिए तालबेहट के युवा आगे आए। 🙇‍♂️
​न कोई अनुभव था, न पहले कभी ऐसा किया था... बस मन में एक ही तड़प थी कि "आज माँ को आहार हम अपने हाथों से देंगे।" 🥣
​बिना किसी सहायता के, उन कांपते हुए लेकिन अडिग हाथों ने जब खुद चौका लगाया, तो ऐसा लगा मानो गुरुवर ऊपर से मुस्कुराकर अपनी इस युवा सेना को आशीर्वाद दे रहे हों। बिना महिलाओं की उपस्थिति के, इन बेटों ने माँ जैसी ममता और शुद्धता के साथ आहार चर्या संपन्न कराई। 😭🙌
​क्यों यह वीडियो हर जैन को देखना चाहिए?
​क्योंकि आज युवाओं ने साबित कर दिया कि हम आधुनिक जरूर हैं, लेकिन अपनी जड़ों को नहीं भूले। 🛡️
​गुरुवर विराग सागर जी के संस्कार आज भी हर युवा के लहू में दौड़ रहे हैं। ❤️
​भक्ति जब चरम पर होती है, तो हाथ अपने आप सेवा में जुड़ जाते हैं। 🌟
​धन्य है तालबेहट का युवा सेवा संघ! आज आपने सिर्फ आहार नहीं दिए, बल्कि पूरे समाज का दिल जीत लिया। माता जी के चरणों में बारंबार नमोस्तु! 🙏✨

04/04/2026

"समय बीतता है, पर यादें अमर रहती हैं। 🌸
​आज से 1 वर्ष 10 माह पूर्व, जब परम पूज्य समाधि सम्राट गणनाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज ने महाप्रयाण किया, तो पूरा जैन समाज स्तब्ध रह गया।
​पूज्य सिमनियारी का भारत गौरव विभूति, विदुषी शिरोमणि आर्यिका श्री विविक्त श्री माताजी की ओर से अपने गुरुदेव के चरणों में यह भावपूर्ण और अश्रुपूर्ण विनयांजलि।
​गुरुवर, आप हमारे हृदय के स्पंदन में आज भी जीवित हैं। नमोऽस्तु गुरुवर! 🙏✨"
​Hashtags:
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01/04/2026

तालबेहट में रचा गया इतिहास! 🚩 आर्यिका विवikt श्री माताजी के सानिध्य में भव्य महावीर जयंती | ऐतिहासिक नज़ा

28/03/2026

✨ || जय जिनेन्द्र - आमंत्रण || ✨
​भगवान महावीर स्वामी जी के जन्मकल्याणक महोत्सव का भव्य शंखनाद! 🙏
​परम पूज्य समाधिसम्राट गणाचार्य 108 श्री विरागसागर जी महाराज के परम शिष्या एवं परम पूज्य चर्या शिरोमणि आध्यात्मिक योगी आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती शिष्या, भारत गौरव राष्ट्र प्रेरणा आर्यिका 105 विविक्त श्री माताजी ससंघ के पावन मंगल सानिध्य में होने जा रहे इस महामहोत्सव का हिस्सा बनें।
​🗓️ महत्वपूर्ण तिथियां (Save the Date):
​29 मार्च 2026 (रविवार): अभिषेक, शांतिधारा, महावीर विधान और भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम।
​30 मार्च 2026 (सोमवार): भव्य शोभायात्रा, झांकी और महा-आरती।
​📍 स्थान: श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, तालबेहट, जिला-ललितपुर (उ.प्र.)
​🌈 विशेष आकर्षण:
✅ आर्यिका 105 विविक्त श्री माताजी के मांगलिक प्रवचन।
✅ तीर्थंकर माता के 16 स्वप्नों का भव्य मंचन।
✅ भक्तिमय अभिषेक एवं शांतिधारा।
​"जिन शासन की शान बढ़ायें, महावीर के मार्ग पर कदम बढ़ाएं।"
​आप सभी सपरिवार इष्ट-मित्रों सहित सादर आमंत्रित हैं। इस डिजिटल पत्रिका (Poster) को Download करें और अधिक से अधिक जैन ग्रुप्स में Share करके धर्म लाभ कमाएं। 🚩
​🙏 निवेदक: सकल दिगम्बर जैन समाज, तालबेहट एवं समस्त भक्त मंडल।

20/03/2026
03/03/2026

स्वर्णमयी पिचकारी संग, केसर चंदन लाऊं हो रही भक्ति में पागल, होली प्रभु संग मनाऊं"
​परम पूज्य गणाचार्य श्री विराग सागर जी महाराज की सुशिष्या, वात्सल्य मूर्ति आर्यिका विविक्त श्री माता जी के चरणों में कोटि-कोटि नमन।
​इस पावन होली के उत्सव पर, हम भौतिक रंगों से नहीं, बल्कि गुरु माँ की भक्ति और संस्कारों के रंग में रंगने का संकल्प लेते हैं। भक्ति का गुलाल उड़े, संयम की पिचकारी हो, और हृदय में केवल प्रभु और गुरु का वास हो।
​आइए, इस होली पर अपनी आत्मा को गुरु भक्ति के अनन्य रंग में सराबोर करें।
​🙏 चरणों में वंदामि, माता जी 🙏
✨ जय जिनेंद्र ✨

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